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Sirsa News: गांव माखा, असीर व खोखर के ग्रामीणों ने की नशे से तौबा, अब दूसरों में जगाएंगे अलख
Wed, 15 Jan 2025 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 15 Jan 2025 11:37 PM IST
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ग्रामीणों के साथ एसपी सिद्धांत जैन गांव असीर को नशा मुक्त घोषित करते। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली के तीन गांव माखा, असीर और खोखर अब नशा मुक्त गांवों की श्रेणी में आ गए हैं। यहां के ग्रामीणों ने नशे को अलविदा कह दिया है। गांव असीर में डबवाली की नशा मुक्ति टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डबवाली सिद्धांत जैन ने तीनों गांवों के सरपंचों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने गांव में किसी भी तरह का नशा न करने और न ही बेचने की शपथ ली। इसके साथ ही अन्यों को भी जागरूक करने का प्रण लिया।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि हमारी संस्कृति रही है कि हम अपने माता-पिता की आंखों में आंसू नहीं देख सकते। हमें उनकी भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए। जीवन में कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे माता-पिता के दिल को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि भगवान ने मां-बाप को बच्चों का सबसे बड़ा शुभचिंतक बनाया है। जो युवा अपने माता-पिता की भावनाओं का ख्याल रखते हैं, उनकी इज्जत करते हैं, नशे से दूर रहते हैं और मेहनत के बल पर अपना लक्ष्य हासिल करते हैं, सही मायने में वे सराहना के लायक हैं।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के कारण डबवाली जिला नशे के मानचित्र पर रेड जोन एरिया में है। पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए उनकी धरपकड़ कर रही है। नशे के कारोबार में लिप्त अपराधी की संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान है।
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नशा तस्करों का किया जाए सामाजिक बहिष्कार
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सामाजिक बुराई के खिलाफ कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं होगा, जब तक समाज का हर वर्ग एकजुट होकर खड़ा न हो। उन्होंने ग्रामीण व्यक्तियों से आह्वान किया कि नशा तस्करों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए। यदि कहीं कोई व्यक्ति नशा बेचता हुआ पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत गांव के सरपंच, नंबरदार, चौकीदार, ग्राम प्रहरी को दी जाए। इसके साथ ही पुलिस के टोल फ्री नंबर पर भी सूचना दी जा सकती है।
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नशा छोड़ने वाले युवाओं की मदद कर रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने के साथ नशा करने वाले लोगों को चिह्नित करके उनका नशा छुड़वाने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने सरपंचों व ग्रामीणों से आह्वान किया कि एकजुट होकर डबवाली के माथे से नशे का कलंक मिटाने में लग जाएं। युवाओं को अपने कारोबार व खेतीबाड़ी में आने के लिए सहयोग करें। इस अवसर पर नशा छोड़ने वाले युवा ने मंच से अपने अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक कालांवाली संदीप धनखड़, सिंहपुरा पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक चंदन सिंह, कालांवाली थाना प्रभारी रामफल सिंह, गांव असीर के सरपंच मलकीत सिंह, माखा के सरपंच लवप्रीत सिंह, सरपंच कालांवाली अजैब सिंह, सरपंच दादू बलतेज सिंह आदि उपस्थित थे।
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सिरसा। डबवाली के तीन गांव माखा, असीर और खोखर अब नशा मुक्त गांवों की श्रेणी में आ गए हैं। यहां के ग्रामीणों ने नशे को अलविदा कह दिया है। गांव असीर में डबवाली की नशा मुक्ति टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डबवाली सिद्धांत जैन ने तीनों गांवों के सरपंचों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने गांव में किसी भी तरह का नशा न करने और न ही बेचने की शपथ ली। इसके साथ ही अन्यों को भी जागरूक करने का प्रण लिया।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि हमारी संस्कृति रही है कि हम अपने माता-पिता की आंखों में आंसू नहीं देख सकते। हमें उनकी भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए। जीवन में कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे माता-पिता के दिल को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि भगवान ने मां-बाप को बच्चों का सबसे बड़ा शुभचिंतक बनाया है। जो युवा अपने माता-पिता की भावनाओं का ख्याल रखते हैं, उनकी इज्जत करते हैं, नशे से दूर रहते हैं और मेहनत के बल पर अपना लक्ष्य हासिल करते हैं, सही मायने में वे सराहना के लायक हैं।
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उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के कारण डबवाली जिला नशे के मानचित्र पर रेड जोन एरिया में है। पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पुलिस नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के लिए उनकी धरपकड़ कर रही है। नशे के कारोबार में लिप्त अपराधी की संपत्ति को जब्त करने का भी प्रावधान है।
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नशा तस्करों का किया जाए सामाजिक बहिष्कार
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सामाजिक बुराई के खिलाफ कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं होगा, जब तक समाज का हर वर्ग एकजुट होकर खड़ा न हो। उन्होंने ग्रामीण व्यक्तियों से आह्वान किया कि नशा तस्करों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए। यदि कहीं कोई व्यक्ति नशा बेचता हुआ पाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत गांव के सरपंच, नंबरदार, चौकीदार, ग्राम प्रहरी को दी जाए। इसके साथ ही पुलिस के टोल फ्री नंबर पर भी सूचना दी जा सकती है।
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नशा छोड़ने वाले युवाओं की मदद कर रही पुलिस
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने के साथ नशा करने वाले लोगों को चिह्नित करके उनका नशा छुड़वाने का कार्य भी कर रही है। उन्होंने सरपंचों व ग्रामीणों से आह्वान किया कि एकजुट होकर डबवाली के माथे से नशे का कलंक मिटाने में लग जाएं। युवाओं को अपने कारोबार व खेतीबाड़ी में आने के लिए सहयोग करें। इस अवसर पर नशा छोड़ने वाले युवा ने मंच से अपने अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक कालांवाली संदीप धनखड़, सिंहपुरा पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक चंदन सिंह, कालांवाली थाना प्रभारी रामफल सिंह, गांव असीर के सरपंच मलकीत सिंह, माखा के सरपंच लवप्रीत सिंह, सरपंच कालांवाली अजैब सिंह, सरपंच दादू बलतेज सिंह आदि उपस्थित थे।