{"_id":"676715ba443b56e8980b4fda","slug":"villagers-allege-corruption-sirsa-news-c-128-1-slko1008-130331-2024-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: 15 दिन बाद ही टूटने लगी सड़क, प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: 15 दिन बाद ही टूटने लगी सड़क, प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
Sun, 22 Dec 2024 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 22 Dec 2024 12:53 AM IST
विज्ञापन
सिरसा। डबवाली मार्ग से गांव अहमदपुर की ओर जाने वाली सड़क बनने के 15 दिन बाद ही टूटने लगी। इससे रोषित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 11 बजे डबवाली मार्ग पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (लोनिवि/बीएंडआर) और ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीण चंद्रप्रकाश, भीम सिंह, संदीप कुमार, संदीप कंबोज, जसवंत सिंह ने बताया कि डबवाली मार्ग से गांव अहमदपुर की ओर जाने वाली करीब सवा तीन किमी लंबी सड़क निर्माण के लिए फरवरी में लोनिवि की ओर से करीब 1.63 करोड़ रुपये की निविदा लगाई गई थी। निविदा लगने के बाद ठेकेदार ने अगस्त में सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया था।
इसके बाद सड़क पर रोड़ी डालकर काम रोक दिया गया। नवंबर में ठेकेदार ने फिर से सड़क बनाने का काम शुरू किया और दिसंबर के पहले सप्ताह में काम पूरा हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान घटिया स्तर की सामग्री इस्तेमाल की गई लेकिन अधिकारियों ने इस कार्य की निगरानी नहीं की। इसी कारण निर्माण के कुछ दिन बाद ही यह सड़क टूटने लगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार बताने के बावजूद अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। इसी कारण शनिवार को गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया है। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन में मौजूदा पंचायत के पंचों ने निर्माण कार्य में हुई धांधली की जांच करवाने की मांग की।
विज्ञापन
ग्रामीण चंद्रप्रकाश, भीम सिंह, संदीप कुमार, संदीप कंबोज, जसवंत सिंह ने बताया कि डबवाली मार्ग से गांव अहमदपुर की ओर जाने वाली करीब सवा तीन किमी लंबी सड़क निर्माण के लिए फरवरी में लोनिवि की ओर से करीब 1.63 करोड़ रुपये की निविदा लगाई गई थी। निविदा लगने के बाद ठेकेदार ने अगस्त में सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद सड़क पर रोड़ी डालकर काम रोक दिया गया। नवंबर में ठेकेदार ने फिर से सड़क बनाने का काम शुरू किया और दिसंबर के पहले सप्ताह में काम पूरा हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान घटिया स्तर की सामग्री इस्तेमाल की गई लेकिन अधिकारियों ने इस कार्य की निगरानी नहीं की। इसी कारण निर्माण के कुछ दिन बाद ही यह सड़क टूटने लगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार बताने के बावजूद अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। इसी कारण शनिवार को गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया है। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन में मौजूदा पंचायत के पंचों ने निर्माण कार्य में हुई धांधली की जांच करवाने की मांग की।