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Sirsa News: बेसहारा पशुओं का सहारा बनी गांव केलनियांवाली नंदीशाला
Sun, 14 Jan 2024 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:17 PM IST
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सिरसा। गांव केलनियांवाली में पंचायत से 6 एकड़ भूमि लेकर बेसहारा पशुओं के लिए नंदीशाला का निर्माण किया गया था। जिला प्रशासन ने यह जमीन नंदीशाला के लिए उपलब्ध करवाई थी। सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले पशुओं को इस गोशाला में सहारा मिल रहा है। सभी पशुओं को उपचार के साथ साथ बेहतर सुविधाएं मिल रही हैंं। इंतजाम इतने अच्छे हैं कि इस सर्द मौसम में भी बेसहारा पशुओं की मृत्यु दर शून्य है।
प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष महेंद्र बनीवाली ने बताया कि शहर से लेकर आने वाले बेसहारा पशुओं नंदीशाला में दो सप्ताह से ज्यादा वक्त तक अलग रखा जाता है। जिससे उन्हें पहले पूरी तरह से वैक्सीनेट किया जा सके। वैक्सीनेशन के साथ साथ उनका उपचार किया जाता है। उन्हें चिकित्सक के परामर्श के अनुसार चारा व अन्य चीजें खिलाई जाती है। जिससे बमुश्किल पांच प्रतिशत पशुओं की मौत होती है। अब सर्द मौसम में सभी पशुओं के खाने पीने के अतिरिक्त गर्म रखने को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
यह है विशेष व्यवस्था
1 सभी शेड पूरी तरह से पर्दों से कवर किए हुए हैं।
2 रात के समय पशुओं के नीचे पराली बिछाई जाती है। जिससे उनको ठंड न लगे और शरीर गर्म रहे।
3 छोटे पशुओं के लिए विशेष अंगीठी बनाई गई है। इस अंगीठी से एक साल तक की उम्र के बछड़े-बछड़ियों को गर्मी मिलती है। जिससे उनका सर्दी से बचाव होता है।
4 दलिया, गुड़, हरा चारा और तुड़ी नियमित रूप से दी जाती है। पशुओं को सर्द मौसम में गुड नियमित रूप से दिया जाता है।
5 दलिया विशेष रूप से तैयार किया जाता है।
यह दिखा माहौल
1 स्टोरेज के लिए विशेष व्यवस्था थी। जहां पर तूड़ी स्टोर की गई थी।
2 पशुओं को धूप में बाड़े में निकाला हुआ था।
3 बाड़ो को पूरी तरह से मशीनों से साफ किया हुआ था। जिससे सर्द मौसम में वे जल्द सूख सके।
4 पशुओं की सेवा करने के लिए शहरवासी पहुंच रहे थे। नंदियों को गुड़ खिला रहे थे।
5 लोगों की आस्था को देखते हुए विशेष मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।
यह है स्थिति
1 शहर से कुल 550 पशुओं को केलनियांवाली नंदीशाला में रखा गया है।
2 चार शेड़ बनाए हुए हैं।
3 दो बड़े खुले बाड़े बनाए हुए हैं।
4 दलिया बनाने के लिए विशेष व्यवस्था है।
5 चारा काटने, दलिया बनाने सहित अन्य मशीनरी मौजूद है।
6 कर्मचारियों के विशेष कमरों की व्यवस्था की गई है।
7 नियमित रूप से पशुओं का वैक्सीनेशन करवाया जाता है।
शहर से आने वाले बेसहारा पशुओं नंदीशाला में रखा जाता है। दानी सज्जनों के सहयोग से कमेटी नंदीशाला को चला रही है। पशुओं को सर्द मौसम से बचाने के सभी व्यापक प्रबंधन किए गए हैं।
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-सुशील मंदोई, सचिव ,नंदीशाला केलनियांवाली
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प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष महेंद्र बनीवाली ने बताया कि शहर से लेकर आने वाले बेसहारा पशुओं नंदीशाला में दो सप्ताह से ज्यादा वक्त तक अलग रखा जाता है। जिससे उन्हें पहले पूरी तरह से वैक्सीनेट किया जा सके। वैक्सीनेशन के साथ साथ उनका उपचार किया जाता है। उन्हें चिकित्सक के परामर्श के अनुसार चारा व अन्य चीजें खिलाई जाती है। जिससे बमुश्किल पांच प्रतिशत पशुओं की मौत होती है। अब सर्द मौसम में सभी पशुओं के खाने पीने के अतिरिक्त गर्म रखने को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
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यह है विशेष व्यवस्था
1 सभी शेड पूरी तरह से पर्दों से कवर किए हुए हैं।
2 रात के समय पशुओं के नीचे पराली बिछाई जाती है। जिससे उनको ठंड न लगे और शरीर गर्म रहे।
3 छोटे पशुओं के लिए विशेष अंगीठी बनाई गई है। इस अंगीठी से एक साल तक की उम्र के बछड़े-बछड़ियों को गर्मी मिलती है। जिससे उनका सर्दी से बचाव होता है।
4 दलिया, गुड़, हरा चारा और तुड़ी नियमित रूप से दी जाती है। पशुओं को सर्द मौसम में गुड नियमित रूप से दिया जाता है।
5 दलिया विशेष रूप से तैयार किया जाता है।
यह दिखा माहौल
1 स्टोरेज के लिए विशेष व्यवस्था थी। जहां पर तूड़ी स्टोर की गई थी।
2 पशुओं को धूप में बाड़े में निकाला हुआ था।
3 बाड़ो को पूरी तरह से मशीनों से साफ किया हुआ था। जिससे सर्द मौसम में वे जल्द सूख सके।
4 पशुओं की सेवा करने के लिए शहरवासी पहुंच रहे थे। नंदियों को गुड़ खिला रहे थे।
5 लोगों की आस्था को देखते हुए विशेष मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।
यह है स्थिति
1 शहर से कुल 550 पशुओं को केलनियांवाली नंदीशाला में रखा गया है।
2 चार शेड़ बनाए हुए हैं।
3 दो बड़े खुले बाड़े बनाए हुए हैं।
4 दलिया बनाने के लिए विशेष व्यवस्था है।
5 चारा काटने, दलिया बनाने सहित अन्य मशीनरी मौजूद है।
6 कर्मचारियों के विशेष कमरों की व्यवस्था की गई है।
7 नियमित रूप से पशुओं का वैक्सीनेशन करवाया जाता है।
शहर से आने वाले बेसहारा पशुओं नंदीशाला में रखा जाता है। दानी सज्जनों के सहयोग से कमेटी नंदीशाला को चला रही है। पशुओं को सर्द मौसम से बचाने के सभी व्यापक प्रबंधन किए गए हैं।
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-सुशील मंदोई, सचिव ,नंदीशाला केलनियांवाली