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लावारिस पशुओं की बनेगी आईडी
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sat, 08 Nov 2014 11:48 PM IST
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प्रशासन ने लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नया प्लान तैयार किया है।
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इस प्लान के तहत लावारिस पशुओं को पकड़कर वेटनरी डॉक्टरों की मदद से पशुओं के कानों में रिंग डालकर नंबर लगाए जाएंगे। इसके बाद इन पशुओं को गोशालाओं में दिया जाएगा।
पशुओं के कानों में रिंग डालकर नंबर दिए जाने को आईडी का नाम दिया गया है। इस आईडी से कौन सा पशु कहां और कौन सी गोशाला में है, के बारे में जानकारी हासिल होगी।
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इस आईडी से सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे पशुओं की पहचान बनेगी, जिससे गोशालाएं भी इन पशुओं को बाहर नहीं छोड़ सकेगी।
शहर में बढ़ रही लावारिस पशुओं की समस्या पर रोकथाम लगाने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। नगर परिषद ने शनिवार को इस संदर्भ में शहर में मुनादी करवाकर लोगों से अपने पशुओं को बांधने को कहा है।
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मुनादी में बताया गया है कि अगर कोई लावारिस पशु बाहर सड़कों पर मिला तो नगर परिषद उनको पकड़कर गोशालाओं में दे देगी।
नगर परिषद ने लोगों को इसके लिए दो दिन का समय दिया है। इसके बाद किसी के पालतू पशु की कोई जिम्मेदारी नगर परिषद नहीं लेगा।
हर महीने होगी गोशालाओं की जांच
नगर परिषद के कर्मचारी पशुओं को पकड़कर वेटनरी डॉक्टर के पास ले जाएंगे। इसके बाद डॉक्टर पशुओं के कानों में रिंग डालकर उन पर नंबर लगा देंगे।
नगर परिषद उन नंबरों के हिसाब से प्रत्येक पशु की अलग से आईडी बना लेगा। इस आईडी के हिसाब से गोशालाओं में पशु दिए जाएंगे।
हर महीने गोशालाओं में जाकर डॉक्टर और प्रशासन इन पशुओं की जांच करेगा। आईडी के हिसाब से पशु चेक किए जाएंगे, कि कहीं गोशालाओं ने इन पशुआें को दोबारा बाहर तो नहीं छोड़ दिया। अगर ये पशु गायब मिले तो गोशाला प्रबंधकों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
सोमवार को बुलाई बैठक
प्रशासन ने लावारिस पशुओं के संदर्भ में सोमवार सुबह 11 बजे बैठक बुलाई है। एसडीएम परमजीत सिंह चहल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में पूरे जिले से गोशाला प्रबंधक, वेटनरी डॉक्टर, गोरक्षा दल के सदस्यों को बुलाया जाएगा। इसके अलावा नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने 30 अक्तूबर, 31 अक्तूबर और 5 नवंबर के अंक में लावारिस पशुओं का मुद्दा उठाया था। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में बैठक बुलाई थी।
स्वछता अभियान के कारण प्रशासन की लावारिस पशुओं को लेकर होनी वाली बैठक स्थगित कर दी गई थी जो अब सोमवार को होगी।
लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है जल्द से जल्द शहर को लावारिस पशुओं की समस्या से मुक्त किया जाए, जिससे सड़कों पर हो रहे हादसों में कमी आए।
इस बारे में नगर परिषद के ईओ बीएन भारती ने बताया कि शनिवार को पूरे शहर में मुनादी करा दी गई है कि जिनके पशु बाहर घूम रहे हैं उनको पकड़ लें नहीं तो उन्हें गोशालाओं में दे दिया जाएगा।
इसके बाद अगर किसी ने पशु बाहर छोड़े तो उन पशुओं को पकड़कर उनके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पशुओं को गोशाला में देकर पूरा खर्चा भी वसूल किया जाएगा।
सोमवार को प्रशासन ने इसके लिए बैठक बुलाई है, जिसमें पशुओं के कानों पर आईडी लगाने के बारे वेटनरी डॉक्टरों से कहा जाएगा।