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गजब: दो साल से 35 हजार विद्यार्थियों की डिग्री रोके बैठा है चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, कारण-कागज की गुणवत्ता जांच बाकी है
Fri, 16 Jul 2021 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
सनमीत सिंह थिंद, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
सनमीत सिंह थिंद, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 12:15 AM IST
सार
यूनिवर्सिटी की जनरल शाखा की इंस्पेक्शन कमेटी को इन डिग्री की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई और कागज की गुणवत्ता चेक करनी है। इंस्पेक्शन के बाद यदि ये डिग्री नियमों पर खरी उतरती हैं, तब ही छात्रों को बांटी जाएंगी और संबंधित फर्म को राशि दी जाएंगी। वैसे तो परीक्षा के पास होते ही छात्रों को डिग्री दी जाती है। मगर सीडीएलयू में शिक्षा सत्र 2018-19 की डिग्री ही अब तैयार करवाई गई हैं। हालांकि अभी तक शिक्षा सत्र 2019-20 की करीब दस हजार डिग्री प्रिंट होनी शेष हैं।
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विदेशों में एडमिशन के लिए चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) की डिग्री में कागज की गुणवत्ता आड़े आ रही है। 35 हजार छात्रों ने यूजी और पीजी की परीक्षाएं तो पास कर लीं, परंतु दो साल से उन्हें डिग्री नहीं मिली। डिग्री इसलिए नहीं मिल पाई, क्योंकि इसके लिए कागज की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई और वजन का निरीक्षण नहीं हो पाया। जब तक इसका निरीक्षण नहीं होगा, तब तक इन छात्रों को डिग्री नहीं दी जाएगी। यही कारण है कि विदेशी विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए इच्छुक सीडीएलयू के छात्रों के एडमिशन नहीं हो रहे।
सीडीएलयू में शिक्षा सत्र 2018-19 और 19-20 की परीक्षाओं के बाद विद्यार्थियों को डिग्री नहीं मिली। पहले तो विश्वविद्यालय ने इन शिक्षा सत्र में पास होने वाले छात्रों की डिग्री प्रिंट ही नहीं करवाई। सूत्रों के मुताबिक अब विश्वविद्यालय की रिजल्ट शाखा के पास करीब दो महीने पहले ही 25 हजार डिग्री प्रिंट होकर आई हैं। यह रिकार्ड में चढ़ानी शेष है। साथ ही जनरल शाखा की इंस्पेक्शन कमेटी को इन डिग्री की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई और कागज की गुणवत्ता चेक करनी है। इंस्पेक्शन के बाद यदि ये डिग्री नियमों पर खरी उतरती हैं, तब ही छात्रों को बांटी जाएंगी और संबंधित फर्म को राशि दी जाएंगी। वैसे तो परीक्षा के पास होते ही छात्रों को डिग्री दी जाती है। मगर सीडीएलयू में शिक्षा सत्र 2018-19 की डिग्री ही अब तैयार करवाई गई हैं। हालांकि अभी तक शिक्षा सत्र 2019-20 की करीब दस हजार डिग्री प्रिंट होनी शेष हैं।
कनाडा में एडमिशन का ऑफर लेटर आया, नहीं मिल रही डिग्री
गांव जलालआना की रहने वाली मनप्रीत कौर ने माता हरकी देवी कॉलेज ओढां से 2018 में बीए की परीक्षा पास की। उसने कनाडा के एक विश्वविद्यालय में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट कोर्स के लिए आवेदन किया हुआ है। विश्वविद्यालय से ऑफर लेटर आ गया और अब बीए की डिग्री मांगी गई है। डिग्री भेजे जाने के बाद ही वीजा आएगा। मनप्रीत कौर पिछले दस दिनों से सीडीएलयू में डिग्री लेने के लिए आ रही है, परंतु उसे मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। सीडीएलयू की परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में आई मनप्रीत कौर ने बताया कि कनाडा के विश्वविद्यालय प्रोविजनल डिग्री को भी मान्यता नहीं देते। यदि डिग्री नहीं मिली तो एडमिशन नहीं मिलेगा और सत्र का अंतर बढ़ता जाएगा।
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सीडीएलयू में शिक्षा सत्र 2018-19 और 19-20 की परीक्षाओं के बाद विद्यार्थियों को डिग्री नहीं मिली। पहले तो विश्वविद्यालय ने इन शिक्षा सत्र में पास होने वाले छात्रों की डिग्री प्रिंट ही नहीं करवाई। सूत्रों के मुताबिक अब विश्वविद्यालय की रिजल्ट शाखा के पास करीब दो महीने पहले ही 25 हजार डिग्री प्रिंट होकर आई हैं। यह रिकार्ड में चढ़ानी शेष है। साथ ही जनरल शाखा की इंस्पेक्शन कमेटी को इन डिग्री की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई और कागज की गुणवत्ता चेक करनी है। इंस्पेक्शन के बाद यदि ये डिग्री नियमों पर खरी उतरती हैं, तब ही छात्रों को बांटी जाएंगी और संबंधित फर्म को राशि दी जाएंगी। वैसे तो परीक्षा के पास होते ही छात्रों को डिग्री दी जाती है। मगर सीडीएलयू में शिक्षा सत्र 2018-19 की डिग्री ही अब तैयार करवाई गई हैं। हालांकि अभी तक शिक्षा सत्र 2019-20 की करीब दस हजार डिग्री प्रिंट होनी शेष हैं।
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कनाडा में एडमिशन का ऑफर लेटर आया, नहीं मिल रही डिग्री
गांव जलालआना की रहने वाली मनप्रीत कौर ने माता हरकी देवी कॉलेज ओढां से 2018 में बीए की परीक्षा पास की। उसने कनाडा के एक विश्वविद्यालय में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट कोर्स के लिए आवेदन किया हुआ है। विश्वविद्यालय से ऑफर लेटर आ गया और अब बीए की डिग्री मांगी गई है। डिग्री भेजे जाने के बाद ही वीजा आएगा। मनप्रीत कौर पिछले दस दिनों से सीडीएलयू में डिग्री लेने के लिए आ रही है, परंतु उसे मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। सीडीएलयू की परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में आई मनप्रीत कौर ने बताया कि कनाडा के विश्वविद्यालय प्रोविजनल डिग्री को भी मान्यता नहीं देते। यदि डिग्री नहीं मिली तो एडमिशन नहीं मिलेगा और सत्र का अंतर बढ़ता जाएगा।
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पिछले वर्षों की डिग्री बांटी नहीं गई, यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में संबंधित शाखा से जानकारी लेंगे। विदेश में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी। समस्या का समाधान किया जाएगा। - प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक, वीसी, सीडीएलयू, सिरसा