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एक बेड पर दो महिलाएं और दो नवजात सोने को मजबूर

Sat, 28 Sep 2019 10:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 28 Sep 2019 10:42 PM IST
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two women on a bed and two newborns forced to sleep
एक बैड पर मौजूद तीन मरीज तथा नीचे सो रहे परिजन। - फोटो : Sirsa
जिला सिविल अस्पताल में मरीजों के लिए रात को बेड अथवा दवाई की कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल में डॉक्टरों तथा बेड की कमी का खामियाजा मरीजों का भुगतना पड़ रहा है। एक ही बेड पर चार-चार लोग सोने को मजबूर हैं। आलम यह है कि बेड पर जगह न मिलने पर परिजन नवजात बच्चों को नीचे सुलाने को मजबूर हैं।
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सिरसा सिविल अस्पताल 100 बेडों का अस्पताल है। जिसमें प्रत्येक दिन लगभग एक हजार से ऊपर ओपीडी रहती है। महिला वार्ड में रात को डिलिवरी के बाद महिलाओं को सुविधा तो दूर की बात है उसे आराम करने के लिए बेड तक नहीं दिया जाता। डिलिवरी होते ही उसे अपने बच्चे को नीचे सुलाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मरीज अपने नवजात बच्चों को रात के समय गर्मी होने के कारण बाहर लेकर बैठे रहते हैं। अपनी पत्नी की डिलीवरी करवाने हनुमानगढ़ से आए मदन ने बताया कि उसकी पत्नी के लड़का हुआ है। जिसके बाद उसे महिला वार्ड में भेज दिया गया। जहां पर पहले से एक महिला अपने बच्चे को लेकर मौजूद थी। जिस पर उसे भी वहीं लेटना पड़ा। वहीं मौजूद स्टीफन ने बताया कि उसकी पत्नी को तीन दिन पहले लड़का हुआ है। जिसके बाद उसे भी एक अन्य मरीज के साथ सुला दिया गया। एक ही बेड पर अब चार लोग सो रहे हैं। स्टीफन ने बताया कि अगर किसी के साथ कोई परिजन आता है तो उसे बाहर ही सोना पड़ता है। गर्मी के कारण उन्हें और उनके बच्चे को बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है। इस पर उन्होंने वहां पर स्टाफ से छुट्टी की भी बात की है पर किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। मरीज अनु ने बताया कि दो-दो महिलाएं एक बेड पर हैं जिस कारण से गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इस पर बच्चे को पूरी रात बाहर रखना पड़ता है।
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दो डॉक्टर के सहारे जनाना वार्ड के मरीज
सिविल अस्पताल के जनाना वार्ड में कुल 13 डॉक्टरों के पद हैं। लेकिन विभाग के पास अभी केवल दो ही डॉक्टर हैं। सिविल अस्पताल को डेप्यूटेशन पर दो और डॉक्टरों को बुलाकर मरीजों की जांच करवानी पड़ रही है। पूरे दिन में करीब 100 से अधिक महिलाएं अपना चेकअप करवाने आती हैं। इस दौरान अस्पताल में सीजेरियन केस भी होते हैं। दो डॉक्टर सीजेरियन तथा ओपीडी में मरीजों को देखती हैं। जिसके बाद अस्पताल में दाखिल महिलाओं का भी चेकअप करना पड़ता है।
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सिरसा सिविल अस्पताल 100 बेडों का अस्पताल है। यहां पर मरीजों की संख्या ज्यादा है। डॉक्टरों द्वारा अच्छा इलाज किए जाने पर आस-पास के मरीज भी यहां पर आते हैं। जिसको लेकर अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। डीजी ने अस्पताल का दौरा कर उपायुक्त के माध्यम से 300 बेडों का अस्पताल बनाने को लेकर पत्र मांगा है। जिससे व्यवस्था में सुधार होगा तथा मरीजों को अच्छी सुविधा मिलेगी।
-विरेश भूषण, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
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