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Sirsa News: जिले के दो प्रगतिशील किसानों को मिला उन्नत खेती करने पर उत्कृष्ट सम्मान
Mon, 18 Mar 2024 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 18 Mar 2024 11:36 PM IST
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प्रगतिशील महिला किसान सुधा बंसल को सम्मानित करते अधिकारी। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कृषि मेला खरीफ-2024 का सोमवार को आगाज हुआ। इसमें प्रगतिशील किसान गांव सुल्तानपुरिया निवासी 64 वर्षीय किसान सुखविंद्र सिंह व गांव डिंग मंडी की प्रगतिशील किसान सुधा बंसल को उन्नत खेती करने पर उत्कृष्ट सम्मान मिला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने की। इस दौरान महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
गांव सुल्तानपुरिया निवासी प्रगतिशील किसान 64 वर्षीय किसान सुखविंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 से परंपरागत खेती छोड़कर सब्जी की खेती कर रहे हैं। अभी तक उन्हें तीन बार पुरस्कार मिल चुका है। सोमवार को एचएयू के कृषि मेले में उन्हें आलू का बेहतरीन उत्पादन करने पर सम्मानित किया गया। सुखविंद्र ने बताया कि उसके पास 20 एकड़ भूमि है। उसने 15 एकड़ में आलू तथा अन्य भूमि में अलग-अलग सब्जियां उगा हैं। आलू की मांग राजस्थान के सीकर में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ 200 क्विंटल आलू का उत्पादन इस बार हुआ है। किसान सुखविंद्र के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र व बागवानी विभाग से प्रशिक्षण लेकर खेती की शुरुआत की थी।
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साइकोलॉजी में एमए है डिंग मंडी की प्रगतिशील किसान सुधा बंसल
जिले के गांव डिंग मंडी की प्रगतिशील किसान सुधा बंसल बताया कि उसने साइकोलॉजी में एमए की हुई है। वह प्राकृतिक खेती के साथ-साथ आलू बीज की उन्नत किस्म भी तैयार करती है। वह इंटरक्रॉप खेती के बारे में अपने आसपास के किसानों को जागरूक कर रही है। सुधा बंसल ने बताया कि उसके पास गांव में 50 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। उनका परिवार खेती से जुड़ा हुआ है। 10 साल पहले उन्होंने खेती में बदलाव करने की सोची। इसी के चलते उन्होंने 32 एकड़ में आम, अमरूद, किन्नू व बैर का बाग लगाए। 18 एकड़ भूमि में आलू व इंटरक्रॉपिंग के साथ सब्जियां, मूंग तथा अन्य दाल वाले अनाज की बिजाई की। सुधा बंसल ने बताया कि कानपुर में पैतृक घर के समीप कृषि विश्वविद्यालय होने की वजह से घर की छत से हर रोज विश्वविद्यालय में होने वाली गतिविधियां के बारे में जानकारी हासिल करती थी।
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सिरसा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कृषि मेला खरीफ-2024 का सोमवार को आगाज हुआ। इसमें प्रगतिशील किसान गांव सुल्तानपुरिया निवासी 64 वर्षीय किसान सुखविंद्र सिंह व गांव डिंग मंडी की प्रगतिशील किसान सुधा बंसल को उन्नत खेती करने पर उत्कृष्ट सम्मान मिला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने की। इस दौरान महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
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गांव सुल्तानपुरिया निवासी प्रगतिशील किसान 64 वर्षीय किसान सुखविंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 से परंपरागत खेती छोड़कर सब्जी की खेती कर रहे हैं। अभी तक उन्हें तीन बार पुरस्कार मिल चुका है। सोमवार को एचएयू के कृषि मेले में उन्हें आलू का बेहतरीन उत्पादन करने पर सम्मानित किया गया। सुखविंद्र ने बताया कि उसके पास 20 एकड़ भूमि है। उसने 15 एकड़ में आलू तथा अन्य भूमि में अलग-अलग सब्जियां उगा हैं। आलू की मांग राजस्थान के सीकर में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ 200 क्विंटल आलू का उत्पादन इस बार हुआ है। किसान सुखविंद्र के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र व बागवानी विभाग से प्रशिक्षण लेकर खेती की शुरुआत की थी।
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साइकोलॉजी में एमए है डिंग मंडी की प्रगतिशील किसान सुधा बंसल
जिले के गांव डिंग मंडी की प्रगतिशील किसान सुधा बंसल बताया कि उसने साइकोलॉजी में एमए की हुई है। वह प्राकृतिक खेती के साथ-साथ आलू बीज की उन्नत किस्म भी तैयार करती है। वह इंटरक्रॉप खेती के बारे में अपने आसपास के किसानों को जागरूक कर रही है। सुधा बंसल ने बताया कि उसके पास गांव में 50 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। उनका परिवार खेती से जुड़ा हुआ है। 10 साल पहले उन्होंने खेती में बदलाव करने की सोची। इसी के चलते उन्होंने 32 एकड़ में आम, अमरूद, किन्नू व बैर का बाग लगाए। 18 एकड़ भूमि में आलू व इंटरक्रॉपिंग के साथ सब्जियां, मूंग तथा अन्य दाल वाले अनाज की बिजाई की। सुधा बंसल ने बताया कि कानपुर में पैतृक घर के समीप कृषि विश्वविद्यालय होने की वजह से घर की छत से हर रोज विश्वविद्यालय में होने वाली गतिविधियां के बारे में जानकारी हासिल करती थी।

प्रगतिशील महिला किसान सुधा बंसल को सम्मानित करते अधिकारी। स्वयं