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फौजी की पिटाई से भड़के ग्रामीणों का पुलिस चौकी पर हमला
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:35 AM IST
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रानियां (सिरसा)।
फौजी की पिटाई से भड़के ग्रामीणों ने मंगलवार को जीवननगर पुलिस चौकी पर हमला बोलकर पुलिस कर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। बाहर से आए पुलिस कर्मियों पर पथराव किया और एक पुलिसकर्मी को दुकान में बंधक भी बना लिया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जीवन नगर चौराहे पर यातायात जाम कर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी भी की। मामले में पुलिस ने 20 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर फौजी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गांव संतनगर में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के बाहर मंगलवार सुबह से ही लंबी कतार लगी हुई थी। बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गांव नथौर निवासी फौजी जगतार सिंह भी कतार में लगा हुआ था। उक्त फौजी उतर प्रदेश के कानपुर में तैनात है और अपने घर छुट्टी पर आया हुआ है। बैंक शाखा के अंदर व बाहर एक-एक पुलिस कर्मचारी भी तैनात था। दोपहर लगभग दो बजे कतार में लगे जगतार सिंह ने सेना में कार्यरत होने का हवाला देकर पहले शाखा के अंदर जाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर वहां तैनात सहायक उप निरीक्षक मदन लाल से कहासुनी हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान ही पुलिसकर्मी ने फौजी को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे फौजी की पगड़ी नीचे जमीन पर जा गिरी। इससे फौजी भड़क गया और उसने पुलिसकर्मी मदन लाल की जमकर पिटाई कर दी।
पुलिस कर्मियों ने जीवन नगर पुलिस चौकी में मामले की सूचना दी और चौकी प्रभारी पुलिस कर्मियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने फौजी को हिरासत में लिया और पीसीआर में बैठाकर जीवन नगर की ओर चल दिए। पीसीआर के चलते ही मदनलाल ने फौजी को पीटना शुरू कर दिया। इससे वहां मौजूद युवक भड़क उठे। जैसे ही ग्रामीण पीसीआर की ओर दौड़े, पुलिस ने गाड़ी भगा ली। ग्रामीण भी वाहनों पर उनके पीछे हो लिए। गुस्साए ग्रामीणों को पीछा करते देख पीसीआर पुलिस चौकी पर नहीं रुकी और आगे रानियां की ओर बढ़ गई। इस बात से गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। साथ ही पुलिस चौकी के सामने चौराहे पर यातायात जाम कर दिया। ग्रामीण युवकों ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाने शुरू कर दिए। थोड़ी देर बाद पीसीआर रानियां की ओर से वापस जीवननगर लौट आई। पीसीआर को आता देख ग्रामीण उस पर टूट पड़े। आनन-फानन में चालक ने पीसीआर वापस रानियां की ओर दौड़ा दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मी भागकर पीसीआर में चढ़ गए, मगर एक पुलिसकर्मी सड़क पर रह गया। वह भाग कर एक दुकान में घुस गया। ग्रामीणों ने उक्त पुलिसकर्मी को बाहर से दुकान का शटर बंद कर बंधक बना लिया।
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थोड़ी ही देर में अन्य थानों व पुलिस चौकियों की गाड़ियां जीवननगर पहुंचनी शुरू हो गई। पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ना शुरू किया तो क्रोधित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसी बीच पुलिस ने फौजी के भाई अवतार सिंह और रणजीतपुर थेड़ी निवासी छिंदा को हिरासत में ले लिया और अन्य ग्रामीणों को वहां से खदेड़ दिया। समाचार लिखे जाने तक जीवननगर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ था। रानियां व ऐलनाबाद के थाना प्रभारियों के नेतृत्व में करीवाला व गोरीवाला सहित कई पुलिस चौकियों की फोर्स मौके पर तैनात थी। संतनगर में घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति अपनी-अपनी बात कह रहा था। कोई पुलिस की तो कोई फौजी की गलती बता रहा था। वहीं बुजुर्ग दोनों ही पक्षों को गलत ठहरा रहे थे। उनका मानना था कि किसी भी पक्ष ने संयम से काम नहीं लिया।
भारतीय स्टेट बैंक की संतनगर शाखा के प्रबंधक राजेश भल्ला ने बताया कि बैंक शाखा के बाहर कतार में लगे किसी व्यक्ति का पुलिसकर्मी के साथ झगड़ा हुआ है। वे शाखा के अंदर कार्य में व्यस्त थे इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है। झगड़े की बात भी अंदर आए लोगों से ही पता चली है।
थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश जोशी का कहना है कि संतनगर में बैंक के बाहर सहायक उप निरीक्षक मदन लाल लोगों की लाइन लगवा रहा था। गांव नथोर निवासी जगतार सिंह नामक व्यक्ति ने फौजी होने का रौब दिखा बिना लाइन अंदर जाने का प्रयास किया और पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की। मदन लाल की शिकायत पर फौजी जगतार सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद शरारती तत्वों ने जीवननगर पुलिस चौकी पर धावा बोल तोड़फोड़ की और मुंशी रमेश कुमार के साथ भी मारपीट की। इस मामले में 20 से अधिक लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर फौजी और दो व्यक्तियों फौजी के भाई अवतार सिंह और रणजीत पुर थेड़ी निवासी छिंदा सिंह को गिरफ्तार किया है।
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फौजी की पिटाई से भड़के ग्रामीणों ने मंगलवार को जीवननगर पुलिस चौकी पर हमला बोलकर पुलिस कर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। बाहर से आए पुलिस कर्मियों पर पथराव किया और एक पुलिसकर्मी को दुकान में बंधक भी बना लिया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जीवन नगर चौराहे पर यातायात जाम कर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी भी की। मामले में पुलिस ने 20 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर फौजी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गांव संतनगर में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के बाहर मंगलवार सुबह से ही लंबी कतार लगी हुई थी। बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गांव नथौर निवासी फौजी जगतार सिंह भी कतार में लगा हुआ था। उक्त फौजी उतर प्रदेश के कानपुर में तैनात है और अपने घर छुट्टी पर आया हुआ है। बैंक शाखा के अंदर व बाहर एक-एक पुलिस कर्मचारी भी तैनात था। दोपहर लगभग दो बजे कतार में लगे जगतार सिंह ने सेना में कार्यरत होने का हवाला देकर पहले शाखा के अंदर जाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर वहां तैनात सहायक उप निरीक्षक मदन लाल से कहासुनी हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान ही पुलिसकर्मी ने फौजी को थप्पड़ जड़ दिया, जिससे फौजी की पगड़ी नीचे जमीन पर जा गिरी। इससे फौजी भड़क गया और उसने पुलिसकर्मी मदन लाल की जमकर पिटाई कर दी।
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पुलिस कर्मियों ने जीवन नगर पुलिस चौकी में मामले की सूचना दी और चौकी प्रभारी पुलिस कर्मियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने फौजी को हिरासत में लिया और पीसीआर में बैठाकर जीवन नगर की ओर चल दिए। पीसीआर के चलते ही मदनलाल ने फौजी को पीटना शुरू कर दिया। इससे वहां मौजूद युवक भड़क उठे। जैसे ही ग्रामीण पीसीआर की ओर दौड़े, पुलिस ने गाड़ी भगा ली। ग्रामीण भी वाहनों पर उनके पीछे हो लिए। गुस्साए ग्रामीणों को पीछा करते देख पीसीआर पुलिस चौकी पर नहीं रुकी और आगे रानियां की ओर बढ़ गई। इस बात से गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। साथ ही पुलिस चौकी के सामने चौराहे पर यातायात जाम कर दिया। ग्रामीण युवकों ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाने शुरू कर दिए। थोड़ी देर बाद पीसीआर रानियां की ओर से वापस जीवननगर लौट आई। पीसीआर को आता देख ग्रामीण उस पर टूट पड़े। आनन-फानन में चालक ने पीसीआर वापस रानियां की ओर दौड़ा दी। वहां मौजूद पुलिसकर्मी भागकर पीसीआर में चढ़ गए, मगर एक पुलिसकर्मी सड़क पर रह गया। वह भाग कर एक दुकान में घुस गया। ग्रामीणों ने उक्त पुलिसकर्मी को बाहर से दुकान का शटर बंद कर बंधक बना लिया।
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थोड़ी ही देर में अन्य थानों व पुलिस चौकियों की गाड़ियां जीवननगर पहुंचनी शुरू हो गई। पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ना शुरू किया तो क्रोधित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसी बीच पुलिस ने फौजी के भाई अवतार सिंह और रणजीतपुर थेड़ी निवासी छिंदा को हिरासत में ले लिया और अन्य ग्रामीणों को वहां से खदेड़ दिया। समाचार लिखे जाने तक जीवननगर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ था। रानियां व ऐलनाबाद के थाना प्रभारियों के नेतृत्व में करीवाला व गोरीवाला सहित कई पुलिस चौकियों की फोर्स मौके पर तैनात थी। संतनगर में घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति अपनी-अपनी बात कह रहा था। कोई पुलिस की तो कोई फौजी की गलती बता रहा था। वहीं बुजुर्ग दोनों ही पक्षों को गलत ठहरा रहे थे। उनका मानना था कि किसी भी पक्ष ने संयम से काम नहीं लिया।
भारतीय स्टेट बैंक की संतनगर शाखा के प्रबंधक राजेश भल्ला ने बताया कि बैंक शाखा के बाहर कतार में लगे किसी व्यक्ति का पुलिसकर्मी के साथ झगड़ा हुआ है। वे शाखा के अंदर कार्य में व्यस्त थे इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं है। झगड़े की बात भी अंदर आए लोगों से ही पता चली है।
थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश जोशी का कहना है कि संतनगर में बैंक के बाहर सहायक उप निरीक्षक मदन लाल लोगों की लाइन लगवा रहा था। गांव नथोर निवासी जगतार सिंह नामक व्यक्ति ने फौजी होने का रौब दिखा बिना लाइन अंदर जाने का प्रयास किया और पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की। मदन लाल की शिकायत पर फौजी जगतार सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद शरारती तत्वों ने जीवननगर पुलिस चौकी पर धावा बोल तोड़फोड़ की और मुंशी रमेश कुमार के साथ भी मारपीट की। इस मामले में 20 से अधिक लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर फौजी और दो व्यक्तियों फौजी के भाई अवतार सिंह और रणजीत पुर थेड़ी निवासी छिंदा सिंह को गिरफ्तार किया है।