{"_id":"e330aae6e2ee93e8345d9aa3134804fe","slug":"treatments-have-been-yearning-senior-citizen","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपचार को तरसती रही सीनियर सिटीजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपचार को तरसती रही सीनियर सिटीजन
sirsa
Updated Sat, 07 Jun 2014 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार की घोषणा तो कर रखी है लेकिन अस्पताल में मरीज को उपचार के लिए दाखिल ही नहीं किया जा रहा। शनिवार को एक सीनियर सिटीजन वृद्धा इलाज के अभाव में इमरजेंसी के बाहर तड़पती रही लेकिन चिकित्सकों ने उसे दाखिल करने की जहमत तक नहीं उठाई।
विज्ञापन
85 वर्षीय वृद्धा को उसके परिजनों ने इमरजेंसी के बाहर फर्श पर लेटा दिया तो नर्स ने वृद्ध को ग्लूकोज की बोतल लगाकर बोतल उसकी परिचित महिला की हाथोें में पकड़ा दी। गांव खैरेंकां निवासी जीतराम अपनी दादी अक्की देवी को उपचार के लिए शनिवार सुबह नौ बजे सामान्य अस्पताल लेकर आया।
विज्ञापन
अक्की देवी छाती रोग से ग्रस्त है। जीतराम का कहना है कि वह अपनी दादी को इमरजेंसी में ले गया और वहां मौजूद स्टाफ से अक्की देवी को दाखिल करके उपचार शुरू करने को कहा। जीतराम ने बताया कि किसी ने उसकी दादी मां की हालत पर ध्यान नहीं दिया और उसे दाखिल करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
इसके बाद उसने इमरजेंसी के बाहर ही अपनी दादी को फर्श पर लेटा दिया तो नर्स ने दादी को ग्लूकोज की बोतल लगा दी लेकिन बेड पर नहीं लेटाया। दोपहर एक बजे तक वृद्धा फर्श पर ली लेटी रही। इसके बाद मीडिया की इस घटना की भनक लगी तो इमरजेंसी स्टाफ ने वृद्धा को दाखिल कर लिया।
वृद्धा को टीबी है
एमएस डॉ. सुभाषिणी का कहना है कि वृद्धा टीबी रोग से ग्रस्त है। स्टाफ ने उसे दाखिल करके टीबी वार्ड में भेज दिया है। जहां तक दाखिल नहीं करने की बात है तो वे इसकी जांच करेंगी।