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सरकार का खजाना खाली, ऊपर वाले की कृपा रही तो मिलेगा मुआवजा
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:22 PM IST
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लगता है भाजपा नेताओं को किसानों का उपहास उड़ाने की आदत पड़ गई है। कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की राह पर सीएम के ओएसडी जगदीश चोपड़ा चल निकले हैं।
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डबवाली में किसानों के बीच खड़े होकर उन्होंने कहा कि पिछले साल ओलावृष्टि प्रभावित फसलों के मुआवजे के तौर पर सरकार ने 1100 करोड़ रुपये बांटे थे।
खजाने की चूलें तक हिल गईं। अब खजाना लगभग खाली है। ऊपर वाले की कृपा रहे रही तो मार्च के पहले हफ्ते में मुआवजे के चेक बंटने शुरू हो जाएंगे।
सीएम व्हाइट कुर्ता-पाजामा वाले संत हैं। आप लिमिटेशन और भावना को समझिए। उनकी नीयत में खोट नहीं। इस पर किसानों ने उन्हें 11 मार्च तक का समय दिया और कहा, अगर 11 मर्च तक मुआवजा नहीं मिला तो वह सीएम सलाहकार का घेराव करेंगे।
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चोपड़ा ने कहा उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की नई सरकार है। वाहेगुरु परीक्षा ले रहा है। मुआवजा के संबंध में सरकार ने एक मार्च तक प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त से रिपोर्ट मांगी है।
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साथ में यह भी जोड़ा कि अगर निश्चित अवधि से चार दिन ज्यादा हो जाएं, तो मेरी व्यक्तिगत अपील मानकर किसान प्रतीक्षा कर लें।
ऊपर वाले की कृपा रहे, मार्च के पहले हफ्ते ही मुआवजा राशि के चेक बंटने शुरू हो जाएंगे। जगदीश चोपड़ा ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को व्हाइट कुर्ता-पाजामा वाले संत बताते हुए कहा कि सरकार को एक वर्ष हुआ है। बहुत सी त्रासदियां हुई हैं।
त्रासदी से सरकार संकट में है। उन्होंने किसानों को कहा कि आपकी बहादुर कौम है। आप हकीकत को समझें। आप सरकार से एक रुपये मांगते तो वह आपको डेढ़ से दो रुपये देती। लेकिन अब हालात काफी मुश्किल हैं।
आप सरकार की लिमिटेशन, भावना को भी समझिए, सरकार की नीयत में फर्क नहीं। पिछले दिनों राज्य में हिंसा के चलते माली तथा जानी नुकसान हुआ है।
प्रदेश की ढाई करोड़ की आबादी सैकड़ों साल से साथ-साथ रहते-रहते एक-दूसरे के दुश्मन बन जाएंगे, इसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती।
सरकार की नीयत में खोट नहीं है। पलवल तथा मेवात की एक घटना का जिक्र करते हुए चोपड़ा ने कहा कि सीएम रात के ढाई बजे तक लोगों के लिए चिंतित थे।
उस समय प्रिंसिपल सचिव आराम फरमा रहे थे। सीएम का एक ही सवाल था कि अगर सरकार जाग सकती है, तो प्रिंसिपल सचिव क्यों नहीं?
चोपड़ा ने मार्च के प्रथम सप्माह तक चेक जारी करने का आश्वासन तो दे दिया, अब सवाल उठता है कि सलाहकार एक ओर सरकार के खजाने को खाली बता रहे हैं, दो दिन बाद मार्च का पहला सप्ताह शुरू होने जा रहा है। इतनी जल्दी खजाना कैसे भर जाएगा?
बिल भरें, बिजली पाएं
सीएम सलाहकार ने किसानों की मांग पर बोलते हुए कहा कि जिसे हम लाइन लॉस कहते हैं, सीधी भाषा में बात करें तो उसे बिजली चोरी कहते हैं।
हरियाणा में करीब 80 फीसदी ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, यहां 91 से 93 फीसदी बिजली चोरी होती है। जिला सिरसा लगभग ठीक है। पूरा ठीक नहीं।
उन्होंने दो टूक लफ्जों में कहा कि लोग बिल पूरा भरना शुरू कर दें। बिल खुद ब खुद आधे रह जाएंगे। हरियाणा एक नंबर स्टेट बन जाएगा।
लावारिस पशुओं का हल बताएं
आवारा पशुओं को पकड़ने के मामले में सीएम के चोपड़ा ने कहा कि किसान समस्या रखते हैं कि आवारा पशु उनकी फसलों को नुकसान करते हैं।
मैं खुद पिछले दस सालों से इस समस्या के समाधान के लिए लगा हुआ हूं। 55 लाख रुपये खर्च करके 3500 पशुओं का समाधान किया था।
पता चला कि शहर में तीन हजार पशु और आ गए हैं। समस्या तो है, एक्सीडेंट भी होते है। आस्था, विश्वास, धार्मिकता इसमें आड़े आ रही है। इसका हल क्या है? मुझे बता दें, मैं आपके साथ हूं।
अनशन तुड़वाया
शनिवार सुबह धरने के बारहवें दिन किसान मंदर सिंह, जग सिंह, वेद पाल डांगी, मुखपाल सिंह, चरणजीत सिंह, हरमंदर सिंह, मलकीत सिंह बराड़, गुरलाल सिंह व बलजीत सिंह नंबरदार भूख हड़ताल पर बैठे थे।
सीएम के सलाहकार ने उन्हें केले खिलाकर अनशन तुड़वाया। चोपड़ा के आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर लिया।
जसवीर सिंह भाटी व अन्य किसान नेताओं ने साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब वायदा खिलाफी तो किसानों द्वारा इस बार 11 मार्च से मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा के सिरसा स्थित घर के बाहर धरना शुरू दिया जाएगा।