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Sirsa News: नवजात बच्चों की स्क्रीनिंग को लेकर नर्सिंग स्टाफ को दिया प्रशिक्षण

Fri, 21 Mar 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 21 Mar 2025 01:18 AM IST
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Training given to nursing staff
सिरसा के नागरिक अस्पताल में हुई कार्यशाला में भाग लेतीं नर्सिंग स्टाफ। 
नवजात के पैदा होने के साथ ही उसको होने वाली बीमारियों के बारे में दी जानकारी
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फोटो : 26
संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को जिले के अर्बन अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को न्यू बोर्न स्क्रीनिंग को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसका मकसद नवजात के पैदा होने के साथ ही उसको होने वाली बीमारियों की पहचान करना है।
नागरिक अस्पताल के प्रशिक्षण केंद्र में सुबह 10 बजे प्रशिक्षण शुरू हुआ था। नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण देने के लिए विशेष रूप से डॉ. आशा जिंदल, डाॅ. अंकुर कटारिया और डॉ. भरत भूषण मित्तल मौजूद रहे। ट्रेनिंग की शुरुआत में डाॅ. आशा ने सभी का प्रशिक्षण में पहुंचने पर आभार जताया। इसके बाद उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रतिदिन नवजात बच्चों का विकास होता है। किसी प्रकार विकास के साथ साथ उन्हें शारीरिक परेशानी आती हैं।
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शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. भरत भूषण ने बताया कि बच्चों में पैदा होने के साथ उनमें कई तरह के विकार पैदा हो जाते हैं। इसका अनुमान माता पिता भी नहीं लगा पाते हैं। जानकारी के अभाव में कई बार यह गंभीर बीमारी का रूप ले लेते है। कई बच्चों के पैदा होते ही उनके दिल में छेद जैसी समस्या आती है। इसके अलावा कई तरह अन्य बीमारी हो जाती है। जिन बीमारियों का समय रहते ही इलाज संभव होता है। इसके बाद बच्चों के लिए वह घातक सिद्ध हो सकती है। इसलिए नवजात बच्चों को लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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समय रहते दे ध्यान, नहीं तो बच्चों को जीवन भर विकारों के साथ ही जीना पड़ता है
न्यू बोर्न बेबी की स्क्रीनिंग के बारे में डाॅ. अंकुर कटारिया डीआईसी ने बताया कि शुरुआती समय में कई चीजों को ध्यान में रखना चाहिए। जैसे बच्चों के मानसिक विकास, दिमागी तौर पर आने वाली समस्याओं, बच्चों में पैरों- हाथों में किसी प्रकार का प्रभाव आदि को समय रहते ही ठीक किया जा सकता है। थोड़ा वक्त गुजरने के बाद बच्चों को जीवन भर इन विकारों के साथ ही जीना पड़ता है। इतना ही नहीं, बड़ी समस्या जैसे दिल में छेद, चेहरे पर किसी भी प्रकार की कटिंग होने पर उसका सुपरस्पेशलिटी अस्पतालाें में भी इलाज मुहैया करवाया जाता है।
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