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Sirsa News: अबूबशहर से सुखेरा खेड़ा के बीच जर्जर घोषित पुल पर आवागमन बंद
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एसडीएम द्वारा बंद भारी वाहनों द्वारा बंद किया गया राजकनाल का पुल व लगाए गए लोहे के पिल्लर।
डबवाली। गांव अबूबशहर से सुखेरा खेड़ा तक आवागमन के लिए बने इंदिरा गांधी नहर के पुल को बंद कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों के लिए आवागमन पुरी तरह से बंद हो गया और कई गांवों का आपस में अब संपर्क टूट गया है। यह पुल पिछले लगभग 15 वर्षों से सरकार की ओर से जर्जर घोषित किया हुआ है। इसके बाद भी कोई ठोस कदम पुल निर्माण के लिए नहीं उठाया गया है।
दरअसल, हादसों की संभावनाओं को देखते हुए एसडीएम अर्पित संगल के संज्ञान में मामला लाया गया। इसके बाद एसडीएम ने तुरंत प्रभाव से मामले की गंभीरता को देखते हुए पुल को एक ओर से पूरी तरह से बंद कर दिया और स्थायी तौर पर लोहे के पिल्लर लगवा दिया, ताकि इससे महज दोपहिया वाहन ही गुजर सकें और कोई हादसा न हो।
ग्रामीणों ने बताया कि जसवीर सिंह, मिंदर सिंह, इंद्राज सिंह, रमेश कुमार, लवली, सुखदेव सिंह, ललित कुमार ने बताया कि पुल जर्जर होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। गांव सुखेरा खेड़ा से गांव अबूबशहर आते-जाते समय, बस चालक और परिचालक अपने निर्धारित रूट को छोड़कर बस को राजस्थान नहर की पटरी पर चलाते हैं। अबूबशहर के पास स्थित जर्जर घोषित पुल से गुजरते हैं।
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गौरतलब है कि इस मामले की शिकायतें पहले भी उप-मंडल अधिकारी के माध्यम से परिवहन मंत्री को भेजी गईं थी, लेकिन उन पर कोई सुनवाई या कार्रवाई नहीं हुई थी। बाद में ग्रामीणों ने फिर इस मुद्दे को उठाया और मामला एसडीएम डबवाली अर्पित संगल के संज्ञान में आया। एसडीएम ने इस मामले में राजस्थान और हरियाणा के नहरी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे रिपोर्ट मांगी। इसके साथ ही वर्षों पुराने जर्जर पुल के पुनर्निर्माण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
समाधान शिविर में भी उठा मामला
सोमवार को जर्जर पुलों से वाहन गुजरने का मामला सोमवार को समाधान शिविर में एक बार फिर एसडीएम अर्पित संगल के समक्ष आया। गांव सुखेराखेड़ा के लंबरदार तोता सिंह ने इस मामले को उठाया। एसडीएम ने कहा कि पुल को फिर से बनाया जाना है। तोता सिंह की ओर से जर्जर पुल से बस जाने के मामले को उठाने पर, एसडीएम अर्पित संगल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मंगलवार को पुल का रास्ता बंद करवा दिया। इस पर ग्रामीणों का कहना है कि इससे न केवल किसी दुर्घटना से समय रहते बचा जा सकेगा बल्कि वाहनों को भी अपने निर्धारित रूट से चलना होगा, ताकि कोई अनहोनी न घटित हो उसपर भी अंकुश लगेगा।
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लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुल को एक ओर से बंद कर दिया गया है, ताकि कोई हादसा न हो। इस पुल के निर्माण संबंधी अधिकारियों को रिपोर्ट देने को निर्देश दिए गए हैं।
- अर्पित संगल, एसडीएम, डबवाली
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दरअसल, हादसों की संभावनाओं को देखते हुए एसडीएम अर्पित संगल के संज्ञान में मामला लाया गया। इसके बाद एसडीएम ने तुरंत प्रभाव से मामले की गंभीरता को देखते हुए पुल को एक ओर से पूरी तरह से बंद कर दिया और स्थायी तौर पर लोहे के पिल्लर लगवा दिया, ताकि इससे महज दोपहिया वाहन ही गुजर सकें और कोई हादसा न हो।
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ग्रामीणों ने बताया कि जसवीर सिंह, मिंदर सिंह, इंद्राज सिंह, रमेश कुमार, लवली, सुखदेव सिंह, ललित कुमार ने बताया कि पुल जर्जर होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। गांव सुखेरा खेड़ा से गांव अबूबशहर आते-जाते समय, बस चालक और परिचालक अपने निर्धारित रूट को छोड़कर बस को राजस्थान नहर की पटरी पर चलाते हैं। अबूबशहर के पास स्थित जर्जर घोषित पुल से गुजरते हैं।
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गौरतलब है कि इस मामले की शिकायतें पहले भी उप-मंडल अधिकारी के माध्यम से परिवहन मंत्री को भेजी गईं थी, लेकिन उन पर कोई सुनवाई या कार्रवाई नहीं हुई थी। बाद में ग्रामीणों ने फिर इस मुद्दे को उठाया और मामला एसडीएम डबवाली अर्पित संगल के संज्ञान में आया। एसडीएम ने इस मामले में राजस्थान और हरियाणा के नहरी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे रिपोर्ट मांगी। इसके साथ ही वर्षों पुराने जर्जर पुल के पुनर्निर्माण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।
समाधान शिविर में भी उठा मामला
सोमवार को जर्जर पुलों से वाहन गुजरने का मामला सोमवार को समाधान शिविर में एक बार फिर एसडीएम अर्पित संगल के समक्ष आया। गांव सुखेराखेड़ा के लंबरदार तोता सिंह ने इस मामले को उठाया। एसडीएम ने कहा कि पुल को फिर से बनाया जाना है। तोता सिंह की ओर से जर्जर पुल से बस जाने के मामले को उठाने पर, एसडीएम अर्पित संगल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मंगलवार को पुल का रास्ता बंद करवा दिया। इस पर ग्रामीणों का कहना है कि इससे न केवल किसी दुर्घटना से समय रहते बचा जा सकेगा बल्कि वाहनों को भी अपने निर्धारित रूट से चलना होगा, ताकि कोई अनहोनी न घटित हो उसपर भी अंकुश लगेगा।
लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुल को एक ओर से बंद कर दिया गया है, ताकि कोई हादसा न हो। इस पुल के निर्माण संबंधी अधिकारियों को रिपोर्ट देने को निर्देश दिए गए हैं।
- अर्पित संगल, एसडीएम, डबवाली