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Sirsa News: ट्रैक्टर मार्च निकाल सरकार के खिलाफ जताया रोष, आज कुरुक्षेत्र में बैठक कर दिल्ली कूच पर लेंगे फैसला
Sat, 17 Feb 2024 08:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 17 Feb 2024 08:24 PM IST
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सिरसा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की ओर से शनिवार को पूरे जिले में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। इस दौरान किसानों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि जिस तरह से किसानों को रोकने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार ने तैयारियां की हुईं वो गलत है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का हक है। प्रदर्शन में पूरे जिले में लगभग 200 ट्रैक्टर शामिल हुए।
सिरसा शहर में किसानों ने शहीद भगत सिंह स्टेडियम से ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। जिसमें करीब 25 ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर 200 किसानाें ने मार्च में हिस्सा लिया। ट्रैक्टर मार्च स्टेडियम से शुरू होकर बरनाला रोड, बस स्टैंड, सुरखाब चौक, टाउन पार्क, सांगवान चौक से होते हुए नई कपास मंडी में जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए शहर भर में पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके अलावा दो पुलिस की गाड़ियां ट्रैक्टर मार्च के साथ-साथ चलीं। किसानों ने ये ट्रैक्टर मार्च खंड स्तर पर निकाला।
तानाशाही नीतियां अपना रही सरकार : किसान
सिरसा में किसान संगठन चढूनी ग्रुप से सिकंदर सिंह ने मार्च की अगुवाई की। सिकंदर सिंह ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है। सरकार तानाशाही नीतियां अपनाते हुए किसानों पर तरह-तरह से अत्याचार किए जा रही है। कभी आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, तो कहीं लाठी चार्ज किया जा रहा है। सरकार के इशारे पर प्रशासन की ओर से सभी लिंक रास्तों को बंद कर दिया गया है। जिसके कारण आमजन को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की कुनीतियों को देखते हुए ट्रैक्टर मार्च से संघर्ष शुरू हो चुका है।
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रानियां में निकाला किसानों ने मार्च
रानियां खंड में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस दौरान करीब 12 ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान शहरभर में निकले। चढूनी यूनियन के ब्लॉक प्रधान पूर्ण सिंह ने बताया कि उनकी जत्थेबंदी ने शनिवार को ट्रैक्टर मार्च निकालने का आह्वान किया था। उसी के तहत यह मार्च निकाला गया है। लवली पुरेवाल ने कहा कि चढूनी यूनियन ने हमेशा किसानों का साथ दिया है। अब सभी दिल्ली कूच करने के लिए तैयार हैं। सरकार ने किसानों की राहों में कीलें बिछाने का काम किया है लेकिन किसान रुकने वाले नहीं है।
डबवाली में निकाला ट्रैक्टर मार्च
जिले खंड डबवाली में भी चढूनी ग्रुप के सदस्यों ने अपनी मांगों व किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टरों पर सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम अभय सिंह को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व सभी किसान दोपहर 12 बजे के करीब गांव डबवाली के गुरुद्वारा साहेब के सामने एकत्रित हुए। वहीं 12:45 बजे के करीब रोष मार्च की शुरुआत की। ट्रैक्टर मार्च शहर के मुख्य चौकों से निकला।
आगामी रणनीति को लेकर आज होगा फैसला
किसानों की ओर से रविवार को बैठक का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वे दिल्ली कूच को लेकर रणनीति बनाएंगे। किसानों की ये बैठक कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर में आयोजित होगी। जिसमें किसान संगठनों व खाप पंचायतें शामिल होगी। जिसमें जिले के सभी संगठन बैठक में पहुंचेंगे।
ये है किसानों की मुख्य मांगें
- डबवाली वर्ष 2020 का बकाया मुआवजा तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए
- वर्ष 2023 सहित बकाया फसल बीमा क्लेम जारी किया जाए
- एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाया जाए
- सभी फसलों की स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कीमत तय हो
- किसान और खेत मजदूर का कर्जा माफ हो और पेंशन दी जाए
- भूमि अधिग्रहण कानून 2013 दोबारा लागू किया जाए
- लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए
- मुक्त व्यापार समझौते पर रोक लगाई जाए
- विद्युत संशोधन विधेयक 2020 पर रोक लगाई जाए
- मनरेगा में हर वर्ष 200 दिन का काम 700 मजदूरी और मनरेगा को खेती से जोड़ा जाए
- किसान आंदोलन में शहीद किसान परिवारों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए
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सिरसा शहर में किसानों ने शहीद भगत सिंह स्टेडियम से ट्रैक्टर मार्च शुरू किया। जिसमें करीब 25 ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर 200 किसानाें ने मार्च में हिस्सा लिया। ट्रैक्टर मार्च स्टेडियम से शुरू होकर बरनाला रोड, बस स्टैंड, सुरखाब चौक, टाउन पार्क, सांगवान चौक से होते हुए नई कपास मंडी में जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए शहर भर में पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके अलावा दो पुलिस की गाड़ियां ट्रैक्टर मार्च के साथ-साथ चलीं। किसानों ने ये ट्रैक्टर मार्च खंड स्तर पर निकाला।
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तानाशाही नीतियां अपना रही सरकार : किसान
सिरसा में किसान संगठन चढूनी ग्रुप से सिकंदर सिंह ने मार्च की अगुवाई की। सिकंदर सिंह ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है। सरकार तानाशाही नीतियां अपनाते हुए किसानों पर तरह-तरह से अत्याचार किए जा रही है। कभी आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, तो कहीं लाठी चार्ज किया जा रहा है। सरकार के इशारे पर प्रशासन की ओर से सभी लिंक रास्तों को बंद कर दिया गया है। जिसके कारण आमजन को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की कुनीतियों को देखते हुए ट्रैक्टर मार्च से संघर्ष शुरू हो चुका है।
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रानियां में निकाला किसानों ने मार्च
रानियां खंड में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस दौरान करीब 12 ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान शहरभर में निकले। चढूनी यूनियन के ब्लॉक प्रधान पूर्ण सिंह ने बताया कि उनकी जत्थेबंदी ने शनिवार को ट्रैक्टर मार्च निकालने का आह्वान किया था। उसी के तहत यह मार्च निकाला गया है। लवली पुरेवाल ने कहा कि चढूनी यूनियन ने हमेशा किसानों का साथ दिया है। अब सभी दिल्ली कूच करने के लिए तैयार हैं। सरकार ने किसानों की राहों में कीलें बिछाने का काम किया है लेकिन किसान रुकने वाले नहीं है।
डबवाली में निकाला ट्रैक्टर मार्च
जिले खंड डबवाली में भी चढूनी ग्रुप के सदस्यों ने अपनी मांगों व किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टरों पर सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम अभय सिंह को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व सभी किसान दोपहर 12 बजे के करीब गांव डबवाली के गुरुद्वारा साहेब के सामने एकत्रित हुए। वहीं 12:45 बजे के करीब रोष मार्च की शुरुआत की। ट्रैक्टर मार्च शहर के मुख्य चौकों से निकला।
आगामी रणनीति को लेकर आज होगा फैसला
किसानों की ओर से रविवार को बैठक का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वे दिल्ली कूच को लेकर रणनीति बनाएंगे। किसानों की ये बैठक कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर में आयोजित होगी। जिसमें किसान संगठनों व खाप पंचायतें शामिल होगी। जिसमें जिले के सभी संगठन बैठक में पहुंचेंगे।
ये है किसानों की मुख्य मांगें
- डबवाली वर्ष 2020 का बकाया मुआवजा तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए
- वर्ष 2023 सहित बकाया फसल बीमा क्लेम जारी किया जाए
- एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाया जाए
- सभी फसलों की स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कीमत तय हो
- किसान और खेत मजदूर का कर्जा माफ हो और पेंशन दी जाए
- भूमि अधिग्रहण कानून 2013 दोबारा लागू किया जाए
- लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए
- मुक्त व्यापार समझौते पर रोक लगाई जाए
- विद्युत संशोधन विधेयक 2020 पर रोक लगाई जाए
- मनरेगा में हर वर्ष 200 दिन का काम 700 मजदूरी और मनरेगा को खेती से जोड़ा जाए
- किसान आंदोलन में शहीद किसान परिवारों को मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए