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मार्च तक 1.10 लाख एमटी यूरिया की होती है सप्लाई, फरवरी के शुरूआत में ही 95 हजार एमटी हो चुकी वितरित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 11:57 PM IST
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Till March, 1.10 lakh MT of urea is supplied, 95 thousand MT has already been distributed in the beginning of February.
यूरिया वितरण केंद्र के बाहर लगी किसानों की लाइन। - फोटो : Sirsa
सिरसा। रबी की सीजन में फसलों की बिजाई से लेकर अब तक किसानों को खाद नहीं मिलने की समस्या से जूझना पड़ा है। बीते वर्ष के मुकाबले इस बार पहले से अधिक यूरिया की सप्लाई हुई है। लेकिन इसके बाद भी किसानों को इस समस्या का सामना करना पड़ा है। कृषि विभाग की ओर से मार्च माह तक एक लाख 10 हजार मीट्रिक टन खाद मंगवाई जाती है। फरवरी माह के शुरूआत तक ही 95 हजार मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी किसानों की परेशानियां बनी हुई है।
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रबी सीजन के शुरूआत में ही किसानों को डीएपी खाद के लिए लाइनों में लगना पड़ा था। डीएपी के लिए किसानों को केंद्रों के चक्कर काटने पड़े थे। डीएपी बड़ी मुश्किल से मिलने के बाद, अब जब यूरिया की जरूरत हुई तो किसानों को इसके लिए भी बीते एक माह से केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसान कभी केंद्रों पर सुबह पांच बजे तो कभी रात भी वहीं पर बीता रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद पहुंची थी लेकिन इसके बाद हुई बारिश के कारण खाद की अधिक आवश्यकता पड़ी है।
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पंजाब में सप्लाई रोकने के लिए बनाई थी टीमें
डीएपी और यूरिया की सप्लाई पंजाब में रोकने के लिए कृषि विभाग की ओर से टीमों का भी गठन किया गया था। इसके लिए विभाग की टीमें भी लगातार निरीक्षण करती रही। हालांकि किसानों की ओर से भी कई बार अन्य किसानों पर पंजाब में खाद की सप्लाई किए जाने के आरोप भी लगाए गए थे। ऐसे में सख्ती के बाद ही यह रुक पाया था।
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मार्च तक पहुंचती है एक लाख 10 हजार एमटी यूरिया
मार्च माह के अंत तक जिले में एक लाख 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया पहुंचती है। लेकिन इस बार फरवरी माह के शुरूआत में ही 97 हजार मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। बीते वर्ष के मुकाबले अधिक यूरिया का वितरण होने के बाद भी किसानों को एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
दो लाख 84 हजार हेक्टेयर में होती है रबी फसलों की बिजाई
जिले में दो लाख 84 हजार हेक्टेयर में गेहूं, सरसों और अन्य फसलों की हर वर्ष बिजाई होती है। ऐसे में इस वर्ष बारिश अधिक होने के कारण किसानों ने खाद का छिड़काव भी पहले से अधिक किया गया है। जिले के कई क्षेत्रों में दो से ढाई बैग यूरिया का एक एकड़ में छिड़काव किया जाता था। लेकिन अब एक एकड़ के अनुसार तीन बैग का छिड़काव किया जा रहा है। फसलों का फैलाव कम होने के कारण किसान अधिक यूरिया खाद का छिड़काव कर रहे हैं।

मार्च माह तक एक लाख 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जाता है। फरवरी माह के शुरूआत तक ही 95 हजार मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। बारिश के कारण यूरिया का वितरण अधिक हुआ है। किसानों ने इस वर्ष यूरिया का बीते वर्ष से अधिक छिड़काव किया है।
--डॉ. सुखदेव सिंह, क्वालिटी कंट्रोलर, कृषि विभाग सिरसा।
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