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रंगदारी मांगने के तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी विक्रेता के पास आ रही सीधा शूट करने की धमकी
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रंगदारी के मामले में पुलिस हिरासत में आरोपी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। मोबाइल विक्रेता प्रदीप कुमार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में सीआईए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस गिरफ्तारी के बाद भी प्रदीप कुमार उर्फ जॉनी को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि तुझे सीधा शूट करूंगा। यह कॉल दक्षिण अफ्रीका के नंबर से आई है। इसके बाद से प्रदीप बुरी तरह से डरा हुआ है। प्रदीप का कहना है कि उसे पुलिस की तरफ से सुरक्षा कर्मी दिया गया था, लेकिन उसने इसे लौटा दिया। प्रदीप का कहना है कि उसने एसपी को फिर से आई कॉल के बारे में बताया है। एसपी अर्पित ने कहा है कि नंबर ब्लॉक कर दो। इस मामले को सुलझा लिया गया है अब कोई दिक्कत नहीं आने वाली।
वहीं बुधवार को सीआईए द्वारा पकड़े गए आरोपियों के बारे में एसपी अर्पित जैन ने बताया कि तीनों की पहचान रविंद्र उर्फ रवि, भूपेंद्र निवासी गांव अबुबशहर व निशांत निवासी अबुबशहर हाल प्रीत नगर सिरसा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया की 3 मार्च को शहर की द्वारकापुरी में स्थित मोबाइल फोन विक्रेता के पास व्हाट्सएप कॉल आई थी। जिस पर उससे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी रविंद्र उर्फ रवि कक्षा छठी पास है जबकि भूपेंद्र 12वीं ओपन बोर्ड का विद्यार्थी है। तीसरा आरोपी निशांत 8वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। वहीं उन्होंने बताया कि मामले को लेकर सीआईए, साइबर सैल व शहर थाना पुलिस की टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद सीआईए ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पाकिस्तान के अली अहमद से करवाया था फोन
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया की गिरफ्तार किए गए उपरोक्त सभी आरोपियों की जान पहचान अली अहमद नाम के व्यक्ति से हुई थी। जिसने अपने आप को अफ्रीका व पाकिस्तान का नागरिक बताया था। आरोपियों ने एक साजिश के तहत अली अहमद से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। अली अहमद ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से मोबाइल फोन विक्रेता प्रदीप कुमार निवासी बेगू रोड से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पूछताछ में यह भी सामने आया है की रंगदारी का यह राशि सभी आरोपियों ने आपस में बांटने की योजना बनाई थी। भूपेंद्र सिंह ने अहमद को व्हाट्सएप पर वीडियो और मोबाइल विक्रेता का नंबर भेजा था।
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दुकानदार बोला- तीन दिनों में 70 से अधिक आ चुके हैं फोन
वहीं दुकानदार प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने तीन आरोपियों को काबू तो किया है लेकिन इसके बाद भी उसके पास कनाडा, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से फोन आ रहे हैं। जिसमें उक्त लोग उसे सीधा शूट करने की धमकी दे रहे हैं। वहीं प्रदीप ने बताया कि इस मामले को लेकर उसने एसपी को भी जानकारी दी है। जिस पर एसपी ने उसे फोन न उठाने की बात कही है।
निशांत ने की थी 25 दिन तक दुकानदार की रेकी
मामले में पकड़ा गया तीसरा आरोपी निशांत सिंह अबुबशहर निवासी बीते 25 दिनों से मोबाइल फोन विक्रेता की रेकी कर रहा था। आरोपी उसकी दुकान के पास स्थित ही वह एक अन्य दुकान पर काम करता था। जिसके बाद उसने उक्त दुकानदार का काम अच्छा होने के कारण उसे टारगेट किया और उसकी वीडियो व नंबर दूसरे साथियों को भेज दिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उक्त आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो उनका नंबर पाकिस्तान के कई ग्रुपों में एड मिला। उसके मोबाइल में भी काफी अन्य नंबर पाए गए हैं। हालांकि इस मामले से जुड़े दो अन्य इनके रिश्तेदार पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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वहीं बुधवार को सीआईए द्वारा पकड़े गए आरोपियों के बारे में एसपी अर्पित जैन ने बताया कि तीनों की पहचान रविंद्र उर्फ रवि, भूपेंद्र निवासी गांव अबुबशहर व निशांत निवासी अबुबशहर हाल प्रीत नगर सिरसा के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया की 3 मार्च को शहर की द्वारकापुरी में स्थित मोबाइल फोन विक्रेता के पास व्हाट्सएप कॉल आई थी। जिस पर उससे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी रविंद्र उर्फ रवि कक्षा छठी पास है जबकि भूपेंद्र 12वीं ओपन बोर्ड का विद्यार्थी है। तीसरा आरोपी निशांत 8वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। वहीं उन्होंने बताया कि मामले को लेकर सीआईए, साइबर सैल व शहर थाना पुलिस की टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद सीआईए ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पाकिस्तान के अली अहमद से करवाया था फोन
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया की गिरफ्तार किए गए उपरोक्त सभी आरोपियों की जान पहचान अली अहमद नाम के व्यक्ति से हुई थी। जिसने अपने आप को अफ्रीका व पाकिस्तान का नागरिक बताया था। आरोपियों ने एक साजिश के तहत अली अहमद से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। अली अहमद ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से मोबाइल फोन विक्रेता प्रदीप कुमार निवासी बेगू रोड से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पूछताछ में यह भी सामने आया है की रंगदारी का यह राशि सभी आरोपियों ने आपस में बांटने की योजना बनाई थी। भूपेंद्र सिंह ने अहमद को व्हाट्सएप पर वीडियो और मोबाइल विक्रेता का नंबर भेजा था।
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दुकानदार बोला- तीन दिनों में 70 से अधिक आ चुके हैं फोन
वहीं दुकानदार प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने तीन आरोपियों को काबू तो किया है लेकिन इसके बाद भी उसके पास कनाडा, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका से फोन आ रहे हैं। जिसमें उक्त लोग उसे सीधा शूट करने की धमकी दे रहे हैं। वहीं प्रदीप ने बताया कि इस मामले को लेकर उसने एसपी को भी जानकारी दी है। जिस पर एसपी ने उसे फोन न उठाने की बात कही है।
निशांत ने की थी 25 दिन तक दुकानदार की रेकी
मामले में पकड़ा गया तीसरा आरोपी निशांत सिंह अबुबशहर निवासी बीते 25 दिनों से मोबाइल फोन विक्रेता की रेकी कर रहा था। आरोपी उसकी दुकान के पास स्थित ही वह एक अन्य दुकान पर काम करता था। जिसके बाद उसने उक्त दुकानदार का काम अच्छा होने के कारण उसे टारगेट किया और उसकी वीडियो व नंबर दूसरे साथियों को भेज दिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उक्त आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो उनका नंबर पाकिस्तान के कई ग्रुपों में एड मिला। उसके मोबाइल में भी काफी अन्य नंबर पाए गए हैं। हालांकि इस मामले से जुड़े दो अन्य इनके रिश्तेदार पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।