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दूसरी बैठक में भी नहीं बात, किसानों ने सौंपा मांग पत्र, अनशन जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:19 AM IST
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There was no talk in the second meeting, the farmers submitted the demand letter, the fast continued
बरनाला रोड पर पक्का मोर्चा धरना स्थल पर बैठे किसान - फोटो : Sirsa
सिरसा। डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर हमला मामले में गिरफ्तार किए पांच किसानों को रिहा करने की मांग को लेकर किसानों का तीसरे दिन भी दक्ष प्रजापति चौक पर धरना जारी रहा। धरना और आमरण अनशन समाप्त करवाने को लेकर दोपहर बाद किसान नेताओं और अधिकारियों में बैठक हुई। लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से लिखित में मांग पत्र लिया और सरकार को भेजने के बाद जो भी जवाब आए, उसकी जानकारी देने का आश्वासन दिया।
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सोमवार को भी किसानों का धरना बरनाला रोड पर जारी रहा। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा दूसरे दिन भी आमरण अनशन पर रहे। किसान नेता के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन की ओर से धरना स्थल पर एंबुलेंस और डॉक्टर की टीम तैनात की गई है। सुबह किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा के स्वास्थ्य की डॉक्टरों द्वारा जांच की गई। हालांकि उनका स्वास्थ्य ठीक पाया गया। वहीं दिनभर पक्का मोर्चा धरना स्थल पर किसान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और किसानों को रिहा किए जाने की मांग उठाते रहे। सोमवार होने के कारण प्रशासन की ओर से आमजन के लिए लघु सचिवालय का पुलिस लाइन की तरफ का गेट खोल दिया गया और प्रदर्शन कर रहे किसानों पर निगरानी करते रहे। ताकि कोई भी किसान लघु सचिवालय और एसपी कार्यालय में न पहुंच सके।
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प्रशासन के साथ हुई किसानों की बैठक, सौंपा मांग पत्र
दोपहर बाद किसानों की कमेटी को बैठक के लिए प्रशासन की ओर से निमंत्रण भेजा गया। बैठक में उपायुक्त अनीश यादव, पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन और एसडीएम जयवीर यादव उपस्थित रहे। किसानों की तरफ से किसान नेता लखविंद्र सिंह ओलख, मंजीत सिंह, प्रहलाद सिंह भारुखेड़ा, स्वर्ण सिंह विर्क, गुरप्रेम सिंह देसूजोधा व कमलजीत कौर मौजूद थे। काफी समय तक किसानों और अधिकारियों में बैठक चलती रही लेकिन किसानों को रिहा करने पर सहमति नहीं बन पाई। जिसके बाद अधिकारियों ने किसानों से लिखित में मांग पत्र मांगा और सरकार को भेजने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान नेता वापस धरना स्थल पर पहुंच गए।
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उपायुक्त बोले जांच के बाद ही की गई है किसानों पर कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि 11 जुलाई को डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पथराव व तोड़फोड़ करना गलत था, पुलिस द्वारा पूरी जांच व तथ्यों के आधार पर दोषी लोगों पर कार्रवाई की गई है। किसान न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार अपनी बात रखें ताकि मामले का समाधान भी हो और जनसाधारण को परेशानी का सामना न करना पड़े। राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करना गलत है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन ने किसानों को शहीद भगत सिंह स्टेडियम में स्थान उपलब्ध करवाया गया है, वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बातें रख सकते हैं। वहीं उन्होंने किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधि की पांच सदस्यीय कमेटी बना कर प्रशासन को जानकारी देने की भी बात कहीं ताकि व उनसे संपर्क कर सके।

जब तक जिस्म में जान है, जमीनें नहीं हड़पने देंगे : बलदेव सिंह
आमरण अनशन पर बैठे बलदेव सिंह ने कहा कि जब तक जिस्म में जान है, वे संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे और अपनी जमीनें नहीं हड़पने देंगे। आंदोलन तो अंग्रेजों के राज में भी हुए और काफी लंबे चले, लेकिन जीत किसानों के संघर्ष की ही हुई। अपने शासन काल के दौरान अंग्रेजों ने भी इतनी धक्के शाही नहीं की थी, जितनी मौजूदा भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर होकर कर रही है। संविधान इन तीनों कानूनों को बनाने की इजाजत नहीं देता, क्योंकि राज्य सरकारों के हस्तक्षेप के बिना कानून नहीं बन सकता, लेकिन केंद्र सरकार ने कोविड की आड़ में बिना किसी राज्य से विचार-विमर्श कर जबरन तीनों कानून किसानों पर थोप दिए।

लघु सचिवालय में किसानों के साथ बैठक करते उपायुक्त अनीश यादव, एसपी अर्पित जैन और एसडीएम जयवीर यादव

लघु सचिवालय में किसानों के साथ बैठक करते उपायुक्त अनीश यादव, एसपी अर्पित जैन और एसडीएम जयवीर यादव- फोटो : Sirsa

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