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शिव के प्रति अटूट आस्था होनी चाहिए : पंडित प्रदीप मिश्रा
Mon, 26 Feb 2024 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 26 Feb 2024 11:29 PM IST
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कथा सुनते श्रद्धालु।
सिरसा। बाबा तारा कुटिया में शिव पुराण कथा के दूसरे दिन सीहोरवाले कथावाचक-आध्यात्मिक गुरु पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया एक लोटा जल और एक बेलपत्र सारे दुखों का नाश करता है। बेलपत्र में योग और शिव शक्ति है।
शिवलिंग पर चढ़ाया गया बेलपत्र उठाकर उसे धोकर फिर से शिवलिंग पर चढ़ा देना, ऐसा करने से 26,000 नदियों में स्नान करने, गंगासागर में स्नान करने, 12 ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाने, चारों धाम की यात्रा से मिलने वाले पुण्य से लाख गुना पुण्य मिलता है। एक बेल पत्र का दान सवा मण सोना दान करने से भी हजारों गुना बड़ा है। बेल पत्र सभी बीमारियों की औषधि है। शिव के प्रति अटूट आस्था होनी चाहिए।
सबसे पहले पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज, विधायक गोपाल कांडा, गोबिंद कांडा और परिवारजनों ने पूजा, अर्चना की। कांडा बंधुओं ने पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लिया। गोपाल कांडा ने कथा स्थल पर पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का स्वागत कर उनका आभार व्यक्त किया। गोबिंद कांडा और उनके पत्नी सरिता कांडा ने व्यासपीठ पर विराजमान पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज से आशीर्वाद लिया।
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कथा में गोपाल कांडा के समधी दिल्ली के प्रख्यात उद्योगपति सुभाष गोयल, उनके भाई त्रिलोकचंद गोयल सपरिवार मौजूद रहे। वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिव महापुराण सुनने के लिए पहुंचे। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। लोग सिर पर बैग लेकर पंडाल में भोलेनाथ के नारे लगाते हुए पहुंचे।
संत का जन्म विश्वकल्याण के लिए होता है : मिश्रा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि साधु, संत, तपस्वी जिस धरा पर बैठकर भगवान शिव का अखंड जाप और पूजन करते हैं वो धरा कभी साधारण नहीं हो सकती। बाबा तारा ने इस भूमि पर भक्ति की है। संत का जन्म विश्व कल्याण के लिए होता है। जो सच्चे मन से शिव का स्मरण करता है उसके सारे संकट दूर हो जाते हैं। माता-पिता, संत, गुरुजन और भगवान के भक्त की पहचान उसके जीते जी नहीं होती उसके जाने के बाद पता चलता है कि जीवन में उनका क्या महत्व था। संत और वसंत एक जैसे हैं, संत के जीवन में आने से जीवन बदलता है तो वसंत के आने से प्रकृति बदलती हैं। जो समय भक्ति में दिया जाता है वह कभी नहीं व्यर्थ नहीं जाता, उसका लाभ जरूर मिलता है।
बाबा तारा कुटिया में 51 बेल वृक्ष वाली वाटिका जरूर स्थापित करना
पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज ने विधायक गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा से कहा कि बाबा तारा कुटिया में 51 बेल वृक्ष वाली वाटिका जरूर स्थापित करना। इसे भोले बाबा की आज्ञा मानना, वहां पर ऐसी व्यवस्था करना जहां बैठकर भक्त शिव की साधना कर सके। बेल वृक्ष के नीचे तन करने से सारे संकट दूर हो जाते हैं और पाप नष्ट हो जाते हैं। जिस बेल वृक्ष के नीचे तप किया जाता है वह सूखने लगता है क्योंकि वह साधक के सारे पाप अपने पर ले लेता है। ऐसा ही तुलसी के पौधे के साथ भी होता है। घर के दरवाजे पर और शिवालय में एक-एक घी का दीपक जलाने से कर्ज से छुटकारा मिलता है। भगवान शंकर के घर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ा देना सारी परेशानी दूर होने का भरोसा दिलाया गया।
रोडवेज ने शुरू की स्पेशल बस सेवा
शिव पुराण कथा को लेकर हरियाणा रोडवेज ने रानियां, ऐलनाबाद, नाथूसरी चोपटा और कालांवाली से स्पेशल बस सेवा शुरू की है, ये बसें कुटिया तक आएंगी और श्रद्धालुओं को बाद में लेकर जाएंगी। हरियाणा राज्य परिवहन सिरसा के महाप्रबंधक ने बताया कि देवीलाल चौक ऐलनाबाद से चार बसें, मेहता पेट्रोल पंप रानियां से दो बसें, बस स्टैंड डबवाली से दो बसें, चोपटा से दो बसें और कालांवाली से दो बसें 12:30 बजे कुटिया आएंगी और शाम छह बजे कुटिया से वापस लौटेंगी। ये बस सेवाएं आठ मार्च तक जारी रहेंगी और यात्रियों से निर्धारित किराया ही लिया जाएगा।
25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
कुटिया में बाहर से करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इनके ठहरने के लिए नगर की विभिन्न धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई है। कुछ के लिए कुटिया के मुख्य गेट के समीप की गई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए चार ऑटोमेटिक चपाती मशीन लगाई गई है। पीने के पानी के लिए समुचित प्रबंध किया गया है। एक और नलकूप लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कुटिया में चप्पे चप्पे पर सेवादार तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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शिवलिंग पर चढ़ाया गया बेलपत्र उठाकर उसे धोकर फिर से शिवलिंग पर चढ़ा देना, ऐसा करने से 26,000 नदियों में स्नान करने, गंगासागर में स्नान करने, 12 ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाने, चारों धाम की यात्रा से मिलने वाले पुण्य से लाख गुना पुण्य मिलता है। एक बेल पत्र का दान सवा मण सोना दान करने से भी हजारों गुना बड़ा है। बेल पत्र सभी बीमारियों की औषधि है। शिव के प्रति अटूट आस्था होनी चाहिए।
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सबसे पहले पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज, विधायक गोपाल कांडा, गोबिंद कांडा और परिवारजनों ने पूजा, अर्चना की। कांडा बंधुओं ने पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लिया। गोपाल कांडा ने कथा स्थल पर पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का स्वागत कर उनका आभार व्यक्त किया। गोबिंद कांडा और उनके पत्नी सरिता कांडा ने व्यासपीठ पर विराजमान पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज से आशीर्वाद लिया।
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कथा में गोपाल कांडा के समधी दिल्ली के प्रख्यात उद्योगपति सुभाष गोयल, उनके भाई त्रिलोकचंद गोयल सपरिवार मौजूद रहे। वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिव महापुराण सुनने के लिए पहुंचे। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। लोग सिर पर बैग लेकर पंडाल में भोलेनाथ के नारे लगाते हुए पहुंचे।
संत का जन्म विश्वकल्याण के लिए होता है : मिश्रा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि साधु, संत, तपस्वी जिस धरा पर बैठकर भगवान शिव का अखंड जाप और पूजन करते हैं वो धरा कभी साधारण नहीं हो सकती। बाबा तारा ने इस भूमि पर भक्ति की है। संत का जन्म विश्व कल्याण के लिए होता है। जो सच्चे मन से शिव का स्मरण करता है उसके सारे संकट दूर हो जाते हैं। माता-पिता, संत, गुरुजन और भगवान के भक्त की पहचान उसके जीते जी नहीं होती उसके जाने के बाद पता चलता है कि जीवन में उनका क्या महत्व था। संत और वसंत एक जैसे हैं, संत के जीवन में आने से जीवन बदलता है तो वसंत के आने से प्रकृति बदलती हैं। जो समय भक्ति में दिया जाता है वह कभी नहीं व्यर्थ नहीं जाता, उसका लाभ जरूर मिलता है।
बाबा तारा कुटिया में 51 बेल वृक्ष वाली वाटिका जरूर स्थापित करना
पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज ने विधायक गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा से कहा कि बाबा तारा कुटिया में 51 बेल वृक्ष वाली वाटिका जरूर स्थापित करना। इसे भोले बाबा की आज्ञा मानना, वहां पर ऐसी व्यवस्था करना जहां बैठकर भक्त शिव की साधना कर सके। बेल वृक्ष के नीचे तन करने से सारे संकट दूर हो जाते हैं और पाप नष्ट हो जाते हैं। जिस बेल वृक्ष के नीचे तप किया जाता है वह सूखने लगता है क्योंकि वह साधक के सारे पाप अपने पर ले लेता है। ऐसा ही तुलसी के पौधे के साथ भी होता है। घर के दरवाजे पर और शिवालय में एक-एक घी का दीपक जलाने से कर्ज से छुटकारा मिलता है। भगवान शंकर के घर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ा देना सारी परेशानी दूर होने का भरोसा दिलाया गया।
रोडवेज ने शुरू की स्पेशल बस सेवा
शिव पुराण कथा को लेकर हरियाणा रोडवेज ने रानियां, ऐलनाबाद, नाथूसरी चोपटा और कालांवाली से स्पेशल बस सेवा शुरू की है, ये बसें कुटिया तक आएंगी और श्रद्धालुओं को बाद में लेकर जाएंगी। हरियाणा राज्य परिवहन सिरसा के महाप्रबंधक ने बताया कि देवीलाल चौक ऐलनाबाद से चार बसें, मेहता पेट्रोल पंप रानियां से दो बसें, बस स्टैंड डबवाली से दो बसें, चोपटा से दो बसें और कालांवाली से दो बसें 12:30 बजे कुटिया आएंगी और शाम छह बजे कुटिया से वापस लौटेंगी। ये बस सेवाएं आठ मार्च तक जारी रहेंगी और यात्रियों से निर्धारित किराया ही लिया जाएगा।
25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
कुटिया में बाहर से करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इनके ठहरने के लिए नगर की विभिन्न धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई है। कुछ के लिए कुटिया के मुख्य गेट के समीप की गई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए चार ऑटोमेटिक चपाती मशीन लगाई गई है। पीने के पानी के लिए समुचित प्रबंध किया गया है। एक और नलकूप लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कुटिया में चप्पे चप्पे पर सेवादार तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।