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ऐलनाबाद में नहीं है खेल स्टेडियम, सड़क पर दौड़ने को मजबूर हैं खिलाड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 11:42 PM IST
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There is no sports stadium in Ellenabad, players are forced to run on the road
ऐलनाबाद में रोड पर अभ्यास करता कबड्डी खिलाड़ी सुखचैन सिंह। - फोटो : Sirsa
ऐलनाबाद। कहते हैं खेलेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया, लेकिन ऐलनाबाद में समस्या यह है कि खेला कहां जाए। वर्षों से ऐलनाबाद में स्टेडियम की मांग उठ रही है, लेकिन मांग पूरी होती नजर नहीं आ रही । जिसके चलते किशोरों, युवाओं और खिलाड़ियों की खेलों के प्रति उदासीनता बढ़ती जा रही है। दूसरी तरह इस क्षेत्र के सैकड़ों युवा सेना व पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए सड़कों पर दौड़कर अभ्यास कर रहें हैं। यहां सरकारी तौर पर स्टेडियम, ट्रैक, जिम का तो अभाव है ही और युवाओं को गाइड करने वाला भी कोई नहीं है।
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बस खिलाड़ियों का देश प्रेम का जज्बा उन्हें हौंसला दे रहा है। जिसके चलते वे सड़कों पर दौड़कर, जहां जगह मिले वहां कसरत कर जिला, राज्य, नेशनल स्पोर्ट्स प्रतियोगिता, सेना व पुलिस भर्ती के मापदंडों को पूरा करने की जी तोड़ मेहनत में जुटे रहतें हैं। लड़कों के साथ साथ लड़कियां भी यहां पर स्टेडियम न होने के कारण खेल में कुछ कर दिखाने की अपनी चाह अंदर ही अंदर दबाकर चुपचाप बैठी रहती हैं।
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ऐलनाबाद में खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्टेडियम न होने की वजह से प्रतिभाओं को खेल जगत में पहचान बनाने का मौका नहीं मिल पाता है। मेरी खेलों में रुचि है। कोई खेल मैदान न होने के कारण गली में खेलना पड़ता है। अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए स्टेडियम होना बहुत जरूरी है।
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एशिता अरोड़ा, खिलाड़ी
हैंडबाल में गहरी रुचि है। हैंडबाल खिलाड़ी बनना चाहता हूं। सेना में भर्ती होना चाहता हूं। खेलने व दौड़ने की कोई स्टेडियम की सुविधा नहीं है। इसलिए घर के आसपास गलियों में दौड़ लगाता हूं। परंतु बिना स्टेडियम, ट्रैक, ग्राउंड व कोच के आगे बढ़ना बहुत मुश्किल है। गली में अभ्यास करने से चौट लगने का भी डर बना रहता है।
मानवीर शेखावत, खिलाड़ी
खेल मैदान ना होने के कारण हम खेतों, लिंक मार्गों, नहर किनारे बने कच्चे पक्के मार्गों पर सुबह शाम दौड़ने व ईंट पत्थरों के सहारे व्यायाम करने को मजबूर हैं। सड़कों पर वाहनों के आवागमन से हादसे का भय बना रहता है। बावजूद इसके ऐलनाबाद में कोई ट्रेक और स्टेडियम नहीं है। खेल कोच की कोई व्यवस्था नहीं है जो हमें तैयारी के लिए उचित सलाह दे सके। जिससे हम युवा वर्ग में घोर निराशा छा रही है और खेल गतिविधियों से मोहभंग हो रहा है।

प्रिंस पारीक, खिलाड़ी
क्षेत्र से निकले हैं कई खिलाड़ी
स्पोर्ट्स कोच सतवीर सिंह ठाकुर ने कहा कि यहां पर स्टेडियम होना बहुत ही जरूरी है। बीते वर्ष ऐलनाबाद के खिलाड़ियों में से भजन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल में गोल्ड जीता है। हंसदीप ने एथलेटिक्स शॉटपुट में व नीरज ने हाई जंप में नेशनल में द्वितीय स्थान हासिल किया है। समरीन व कर्मवीर कौर ने तीरंदाजी में और मन्नत व मनमीत ने रस्सा कस्सी और अभिजोत ने हाई जंप और अंकित, केशव व समीर ने नेटबॉल में स्टेट में गोल्ड जीता है। मन्नत और मनमीत ने रस्सा कस्सी और आरजू ने शॉटपुट में स्टेट में द्वितीय स्थान हासिल किया है। इसी प्रकार डिस्ट्रिक्ट जीतने के बाद 21 खिलाड़ी स्टेट के लिए वेट लिफ्टिंग, तो 19 खिलाड़ी खो खो के लिए स्टेट की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐलनाबाद में स्टेडियम हो तो यहां पर काफी सारे लड़के व लड़कियां खेल के क्षेत्र में बहुत आगे जा सकते हैं।
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