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Sirsa News: जिले के अधिकतर अस्पतालों से लेकर स्कूलों में नहीं है फायर सेफ्टी सिस्टम
Fri, 25 Aug 2023 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 25 Aug 2023 11:28 PM IST
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सिरसा। सरकार और प्रशासन की तरफ से नए व पुराने भवनों में अग्निशमन यंत्र लगवाने को लेकर अपील की जाती है। नया भवन का नक्शा बिना फायर एनओसी के पास भी नहीं किया जाता है। इसके लिए सभी को दमकल विभाग की एनओसी अनिवार्य होती है। हैरानी की बात यह है कि जिले में केवल 295 भवन मालिकों की ओर से ही दमकल विभाग के एनओसी ली गई है। अहम बात यह है अस्पतालों से लेकर स्कूलों तक में फायर सिस्टम नहीं लगा हुआ है। वहीं सरकारी भवनों में भी फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। यहां तक की लघु सचिवालय, एसपी ऑफिस, नागरिक अस्पताल सहित अन्य किसी भी अग्निशमन यंत्र तक नहीं है।
जिले में कई बड़े मॉल, दुकानों, कारखानों में आगजनी की घटना हो चुकी है। जिसके कारण मालिकों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। इन भवनों में अग्निशमन यंत्र न होने के कारण इस तरह कई हादसे हो चुके हैं। शहर में ही करीब तीन माह पहले दो बड़ी फैक्टरियों और एक मिष्ठान भंडार में अज्ञात कारणों के चलते आग लग चुकी है। जिससे भवन में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। वहीं अब भी शहर में कापी संख्या में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन इनमें से अधिक भवनों मालिकों की ओर एनओसी के लिए आवेदन तक नहीं किया गया है। जिसके कारण आने वाले समय में यहां पर घटना होने के कारण आमजन को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से सख्ती न किए जाने के कारण भवन मालिकों की ओर से बिना अनुमति के ही नक्शा तैयार कर उसका निर्माण कर लिया जाता है। ऐसे में अगर कोई बड़ी घटना होती है तो आमजन को जान माल का नुकसान उठाना पड़ेगा।
जिले में है एक हजार से सरकारी अधिक स्कूल, केवल सात में ही अग्निशमन यंत्र की एनओसी
सरकारी स्कूलों में काफी संख्या में बच्चे पढ़ाई करने के लिए जाते है। सरकारी स्कूलों का भवन भी एक से दो मंजिला तक बने हुए हैं। लेकिन जिले के केवल सात ही सरकारी स्कूलों के पास दमकल विभाग की एनओसी है। वहीं जिले में इससे अधिक प्राइवेट स्कूल बने हुए हैं। जिनकी तीन से चाल मंजिला तक भवन है। लेकिन इनमें से केवल 168 स्कूल संचालकों की ओर से ही दमकल विभाग के एनओसी ली गई है। जबकि अन्य निजी स्कूल संचालक बिना एनओसी के ही स्कूलों में कक्षाएं लगाकर पढ़ाई करवा रहे है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो इसका नुकसान सीधा बच्चों को उठाना पड़ेगा।
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नागरिक अस्पताल में अग्निशमन यंत्र लगाने का कार्य नहीं हुआ शुरू, 67 निजी अस्पतालों के पास एनओसी
जिला नागरिक अस्पताल दो मंजिला बना हुआ हुआ है। यहां पर अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए बीते दो वर्ष से प्रक्रिया चल रही है। हालांकि इसके लिए विभागों की ओर से अनुमति भी मिल गई है। लेकिन अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए अभी तक कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी तरफ जिले के केवल 67 निजी अस्पतालों में ही अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। जबकि शहर में ही बड़े अस्पतालों की संख्या 400 के करीब है। जिनकी ओर से दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली गई है।
सरकारी भवन और फैक्टरियों में नहीं कोई व्यवस्था, हादसे का कर रहे इंतजार
जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी दमकल की ओर से एनओसी नहीं ली गई है। जिसके कारण यहां पर कभी भी बड़ा हादसा होने का भय बना रहता है। जिले में केवल 26 शोरूम, मॉल और रेस्टोरेंटों के पास ही एनओसी है। वहीं जिले की केवल 17 फैक्टरियों में ही अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। हालांकि इन फैक्टरियों में 100 से 200 मजदूर काम करते हैं। आदेशों की अवहेलना करने के बाद इन स्थानों पर काम किया जा रहा है।
एक वर्ष पहले दमकल ने एनजीटी के आदेशों पर 74 होटल संचालकों को जारी किया था नोटिस
बता दे कि बीते वर्ष दमकल विभाग की ओर से एनजीटी के आदेशों पर जिले के 74 होटल संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। जिसके बाद 13 होटल संचालकों की ओर से दमकल विभाग से एनओसी ली गई थी। लेकिन अन्य होटल संचालक की ओर से एनओसी लेना जरूरी नहीं समझा। जबकि इसके बाद दमकल की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। हालांकि इससे पहले भी दमकल कई बार नोटिस जारी कर चुका है। लेकिन कार्रवाई न किए जाने के कारण लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे और नियमों का उल्लंघन करते हुए कार्य कर रहे है।
एक वर्ष पहले एनजीटी के आदेशों पर 74 होटल संचालकों को नोटिस जारी किए थे। जिनमें से 13 की ओर से एनओसी ली गई है। जिले में कुल 295 भवन मालिकों की ओर से एनओसी ली गई है। जिसमें स्कूल, अस्पताल, फैक्टरी, शोरूम, रेस्टोरेंट शामिल है।
-कुलदीप सिंह, इंचार्ज, दमकल विभाग सिरसा।
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जिले में कई बड़े मॉल, दुकानों, कारखानों में आगजनी की घटना हो चुकी है। जिसके कारण मालिकों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। इन भवनों में अग्निशमन यंत्र न होने के कारण इस तरह कई हादसे हो चुके हैं। शहर में ही करीब तीन माह पहले दो बड़ी फैक्टरियों और एक मिष्ठान भंडार में अज्ञात कारणों के चलते आग लग चुकी है। जिससे भवन में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। वहीं अब भी शहर में कापी संख्या में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। लेकिन इनमें से अधिक भवनों मालिकों की ओर एनओसी के लिए आवेदन तक नहीं किया गया है। जिसके कारण आने वाले समय में यहां पर घटना होने के कारण आमजन को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से सख्ती न किए जाने के कारण भवन मालिकों की ओर से बिना अनुमति के ही नक्शा तैयार कर उसका निर्माण कर लिया जाता है। ऐसे में अगर कोई बड़ी घटना होती है तो आमजन को जान माल का नुकसान उठाना पड़ेगा।
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जिले में है एक हजार से सरकारी अधिक स्कूल, केवल सात में ही अग्निशमन यंत्र की एनओसी
सरकारी स्कूलों में काफी संख्या में बच्चे पढ़ाई करने के लिए जाते है। सरकारी स्कूलों का भवन भी एक से दो मंजिला तक बने हुए हैं। लेकिन जिले के केवल सात ही सरकारी स्कूलों के पास दमकल विभाग की एनओसी है। वहीं जिले में इससे अधिक प्राइवेट स्कूल बने हुए हैं। जिनकी तीन से चाल मंजिला तक भवन है। लेकिन इनमें से केवल 168 स्कूल संचालकों की ओर से ही दमकल विभाग के एनओसी ली गई है। जबकि अन्य निजी स्कूल संचालक बिना एनओसी के ही स्कूलों में कक्षाएं लगाकर पढ़ाई करवा रहे है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो इसका नुकसान सीधा बच्चों को उठाना पड़ेगा।
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नागरिक अस्पताल में अग्निशमन यंत्र लगाने का कार्य नहीं हुआ शुरू, 67 निजी अस्पतालों के पास एनओसी
जिला नागरिक अस्पताल दो मंजिला बना हुआ हुआ है। यहां पर अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए बीते दो वर्ष से प्रक्रिया चल रही है। हालांकि इसके लिए विभागों की ओर से अनुमति भी मिल गई है। लेकिन अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए अभी तक कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी तरफ जिले के केवल 67 निजी अस्पतालों में ही अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। जबकि शहर में ही बड़े अस्पतालों की संख्या 400 के करीब है। जिनकी ओर से दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली गई है।
सरकारी भवन और फैक्टरियों में नहीं कोई व्यवस्था, हादसे का कर रहे इंतजार
जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी दमकल की ओर से एनओसी नहीं ली गई है। जिसके कारण यहां पर कभी भी बड़ा हादसा होने का भय बना रहता है। जिले में केवल 26 शोरूम, मॉल और रेस्टोरेंटों के पास ही एनओसी है। वहीं जिले की केवल 17 फैक्टरियों में ही अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं। हालांकि इन फैक्टरियों में 100 से 200 मजदूर काम करते हैं। आदेशों की अवहेलना करने के बाद इन स्थानों पर काम किया जा रहा है।
एक वर्ष पहले दमकल ने एनजीटी के आदेशों पर 74 होटल संचालकों को जारी किया था नोटिस
बता दे कि बीते वर्ष दमकल विभाग की ओर से एनजीटी के आदेशों पर जिले के 74 होटल संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। जिसके बाद 13 होटल संचालकों की ओर से दमकल विभाग से एनओसी ली गई थी। लेकिन अन्य होटल संचालक की ओर से एनओसी लेना जरूरी नहीं समझा। जबकि इसके बाद दमकल की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। हालांकि इससे पहले भी दमकल कई बार नोटिस जारी कर चुका है। लेकिन कार्रवाई न किए जाने के कारण लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे और नियमों का उल्लंघन करते हुए कार्य कर रहे है।
एक वर्ष पहले एनजीटी के आदेशों पर 74 होटल संचालकों को नोटिस जारी किए थे। जिनमें से 13 की ओर से एनओसी ली गई है। जिले में कुल 295 भवन मालिकों की ओर से एनओसी ली गई है। जिसमें स्कूल, अस्पताल, फैक्टरी, शोरूम, रेस्टोरेंट शामिल है।
-कुलदीप सिंह, इंचार्ज, दमकल विभाग सिरसा।