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गांव फग्गू के पशु मेले में रहा अव्यवस्था का माहौल

Mon, 03 Feb 2020 12:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 03 Feb 2020 12:09 AM IST
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there is an atmosphere of chaos in the cattle fair of village faggu
there is an atmosphere of chaos in the cattle fair of village faggu - फोटो : Sirsa
गांव फग्गू में लगने वाले पशु मेले में किसी भी विवाद की आशंका के मद्देनजर प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए थे। मेले में रविवार अलसुबह से ही लोग अपने पशुओं को लेकर पहुंचना शुरू हो गए। करीब 10 बजे तक ये मेला भव्य रूप ले चुका था। मेले में हर बार की तरह इस बार भी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान व यूपी से बड़ी संख्या में व्यापारी वर्ग पशुओं की खरीद के लिए पहुंचा। मेले में किसी भी विवाद की आशंका के मद्देनजर एसडीएम कालांवाली के निर्देश पर तहसीलदार भुवनेश कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे तो वहीं बीडीपीओ ओमप्रकाश व रोड़ी थाना प्रभारी कृष्ण कुमार सहित पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
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हालांकि मेलेे में किसी तरह का विवाद नहीं हुआ, लेकिन एतिहात के तौर पर प्रशासन की इस पर विशेष निगाह रही। ड्यूटी मजिस्ट्रेट व बीडीपीओ ने पुलिस के साथ पूरे मेले का निरीक्षण करते हुए व्यवस्था का जायजा लिया। बता दें कि फग्गू में गुरुद्वारा के निकट की जगह में ये मेला पिछले करीब 14 वर्षों से हर रविवार को लगता रहा है। मेले की व्यवस्था व लंगर आदि का इंतजाम गुरुद्वारा की ओर से ही होता था। लेकिन गुरुद्वारा कमेटी व कुछ लोगों के बीच पिछले कुछ समय से आपसी विवाद होना शुरू हो गया। जिसमें कुछ लोगों ने इस जगह पर मेला न लगने का मुद्दा उठाया। इस विवाद के मद्देनजर बीडीपीओ ने शनिवार को मेले को अस्थाई तौर पर आगामी आदेशों तक बंद करने का लेटर जारी कर दिया था। लेकिन एसडीएम कालांवाली ने कुछ ही घंटों बाद बीडीपीओ को मेला लगवाने के निर्देश देते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दी।
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शौचालयों व छाया का नहीं था प्रबंध
फग्गू में अन्य जगह पर लगाए गए पशु मेले को लेकर पंचायत अधिकारियों को आनन-फानन में अनाज मंडी के निकट इंतजाम करने पड़े। हालांकि मंडी के साथ गुरुद्वारा में लंगर-चाय का प्रबंध किया गया था, लेकिन पंचायत विभाग द्वारा कोई पुख्ता इंतजाम नहीं देखने को मिले। इस दौरान जिलेभर को शौच मुक्त करने के दावे फेल नजर आए। व्यापारियों ने कहा कि जब शौचालयों का प्रबंध नहीं है तो वे खुले में शौच जाने पर मजबूर हो रहे हैं। वहीं दोपहर तक तेज धूप में भी व्यापारियों व पशुपालकों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। बीडीपीओ ने पूछे जाने पर बताया कि नई जगह पर मेला लगने के कारण एक बार थोड़ी अव्यवस्था रही। लेकिन अगले रविवार को यहां पर पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उक्त जगह पर पुराना जोहड़ है जिसे मिट्टी डालकर भरवा दिया जाएगा ताकि उक्त जगह काम आ सके। मेले के लिए पंचायत ने करीब 12 एकड़ भूमि का प्रस्ताव दिया है।
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हर माह करीब 20 लाख का होता है राजस्व प्राप्त
गांव फग्गू में पिछले करीब 14 वर्षों से पशु मेले का आयोजन होता रहा है। मेले में हरियाणा, पंजाब, यूपी व राजस्थान क्षेत्र से बड़ी संख्या में व्यापारी पशुओं की खरीद-बेच के लिए आते हैं। मेले में हर सप्ताह करीब एक हजार पशुु बिक्री के लिए आते हैं। हर पशु की 110 रुपये इंट्री फीस के रूप मेें पर्ची काटी जाती है। जबकि पशु की बिक्री पर प्रशासन को 4 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाता है। इस मेले से प्रशासन को हर माह करीब 20 लाख रुपये के आसपास राजस्व प्राप्त होता है।

विवाद की आशंका के चलते एसडीएम के आदेश पर मुझे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर यहां भेजा गया था। मेले में किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ। व्यवस्था बनाने के लिए बीडीपीओ व पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहा। नई जगह में मेला लगने के चलते प्रबंधों में थोड़ी अव्यवस्था जरूर हुई है, लेकिन आगामी रविवार को पूरे प्रबंध हो जाएंगे। - भुवनेश कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
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