{"_id":"66afe8a15957a12994039854","slug":"the-work-of-making-abha-cards-is-going-on-at-a-slow-pace-only-13-percent-of-the-people-get-made-in-a-year-sirsa-news-c-128-1-slko1008-123758-2024-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: धीमी गति से चल रहा आभा कार्ड बनाने का काम, एक वर्ष में 13 फीसदी लोगों के ही बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: धीमी गति से चल रहा आभा कार्ड बनाने का काम, एक वर्ष में 13 फीसदी लोगों के ही बने
Mon, 05 Aug 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 05 Aug 2024 02:16 AM IST
विज्ञापन
सिरसा के बाजार में गली में खड़े वाहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा कार्ड में हरेक व्यक्ति का अपना स्वास्थ्य खाता तैयार होगा। इसमें व्यक्ति के स्वास्थ्य का सारा रिकाॅर्ड उपलब्ध रहेगा। जिले में करीब 13 लाख लोगों के आभा कार्ड बनाए जाने हैं, लेकिन विभाग का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। एक वर्ष में जिले में मात्र 13 फीसदी लोगों के ही आभा कार्ड बन पाए हैं। इसमें भी डबवाली खंड सबसे पीछे है।
जिले के नागरिक अस्पताल के एनसीडी विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों को आभा कार्ड बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। चिक्तिसकों के अनुसार जिले में लगभग 20 टीमें इस कार्य में जुटी हैं। जिले के नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर लोगों के आभा कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिले में एक वर्ष में 161900 लोगों के आभा कार्ड बन पाए हैं। इससे साफ है कि आभा कार्ड बनाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। जाहिर है कि इसी गति से कार्य चलता रहा था तो शेष 87 फीसदी लोगों के कार्ड बनने में वर्षों लग जाएंगे।
खंड में आभा कार्ड बनाने की बात करें तो इसमें डबवाली खंड सबसे पिछड़ा हुआ है। डबवाली खंड में अब तक 3004 लोगों के ही आभा कार्ड बनाए गए हैं। रानियां खंड में 25589 लोगों के आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं।
विज्ञापन
क्या है आभा कार्ड
आभा कार्ड को हेल्थ आईडी कार्ड कह सकते हैं। यह डिजिटल कार्ड होता है। जिसमें संबंधित व्यक्ति का मेडिकल रिकॉर्ड रहता है। कब बीमार हुए, क्या इलाज चला, किस डॉक्टर को दिखाया, बीमारी से संबंधित कौन-कौन से टेस्ट हुए, कौन-कौन सी दवाइयां लिखी गई... आदि रिकॉर्ड इसमें दर्ज होता है। आभा आईडी बनने से आपको पर्चे संभालकर रखने की जरूरत नहीं है। इस कार्ड की मदद से पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। अगर आप कभी बीमार होते हैं और डॉक्टर के पास जाते हैं, तो डॉक्टर आपकी आभा आईडी से पुराने इलाज का पता कर उपचार शुरू कर देंगे।
इस खंड में इतने आभा कार्ड बने
बडागुढ़ा 9807
रानियां-- -- 25589
कालांवाली-- 8713
चौटाला-- 24689
डबवाली-- 3004
ऐलनाबाद-- 20572
माधोसिंघाना-- -19561
नाथूसरी चोपटा-- 23554
ओढ़ा-- -18204
सिरसा-- -8507
कोट्स
जिले में आभा कार्ड को लेकर अलग-अलग विभागों को कार्य सौंपा गया है। हमारे एनसीडी में जो लोग इलाज के लिए आते हैं, उनका कार्ड बना दिया जाता है। जिले में कैंप के दौरान भी कार्ड बनाए जा रहे है। अभी तक 161900 लोगों के आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसको लेकर कोई लक्ष्य नहीं आया है। - डॉ. दिपिका, चिकित्सक नागरिक अस्पताल सिरसा।
विज्ञापन
सिरसा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा कार्ड में हरेक व्यक्ति का अपना स्वास्थ्य खाता तैयार होगा। इसमें व्यक्ति के स्वास्थ्य का सारा रिकाॅर्ड उपलब्ध रहेगा। जिले में करीब 13 लाख लोगों के आभा कार्ड बनाए जाने हैं, लेकिन विभाग का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। एक वर्ष में जिले में मात्र 13 फीसदी लोगों के ही आभा कार्ड बन पाए हैं। इसमें भी डबवाली खंड सबसे पीछे है।
जिले के नागरिक अस्पताल के एनसीडी विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों को आभा कार्ड बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। चिक्तिसकों के अनुसार जिले में लगभग 20 टीमें इस कार्य में जुटी हैं। जिले के नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर लोगों के आभा कार्ड बनाए जा रहे हैं। जिले में एक वर्ष में 161900 लोगों के आभा कार्ड बन पाए हैं। इससे साफ है कि आभा कार्ड बनाने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। जाहिर है कि इसी गति से कार्य चलता रहा था तो शेष 87 फीसदी लोगों के कार्ड बनने में वर्षों लग जाएंगे।
विज्ञापन
खंड में आभा कार्ड बनाने की बात करें तो इसमें डबवाली खंड सबसे पिछड़ा हुआ है। डबवाली खंड में अब तक 3004 लोगों के ही आभा कार्ड बनाए गए हैं। रानियां खंड में 25589 लोगों के आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं।
विज्ञापन
क्या है आभा कार्ड
आभा कार्ड को हेल्थ आईडी कार्ड कह सकते हैं। यह डिजिटल कार्ड होता है। जिसमें संबंधित व्यक्ति का मेडिकल रिकॉर्ड रहता है। कब बीमार हुए, क्या इलाज चला, किस डॉक्टर को दिखाया, बीमारी से संबंधित कौन-कौन से टेस्ट हुए, कौन-कौन सी दवाइयां लिखी गई... आदि रिकॉर्ड इसमें दर्ज होता है। आभा आईडी बनने से आपको पर्चे संभालकर रखने की जरूरत नहीं है। इस कार्ड की मदद से पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। अगर आप कभी बीमार होते हैं और डॉक्टर के पास जाते हैं, तो डॉक्टर आपकी आभा आईडी से पुराने इलाज का पता कर उपचार शुरू कर देंगे।
इस खंड में इतने आभा कार्ड बने
बडागुढ़ा 9807
रानियां
कालांवाली
चौटाला
डबवाली
ऐलनाबाद
माधोसिंघाना
नाथूसरी चोपटा
ओढ़ा
सिरसा
कोट्स
जिले में आभा कार्ड को लेकर अलग-अलग विभागों को कार्य सौंपा गया है। हमारे एनसीडी में जो लोग इलाज के लिए आते हैं, उनका कार्ड बना दिया जाता है। जिले में कैंप के दौरान भी कार्ड बनाए जा रहे है। अभी तक 161900 लोगों के आभा कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसको लेकर कोई लक्ष्य नहीं आया है। - डॉ. दिपिका, चिकित्सक नागरिक अस्पताल सिरसा।