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Sirsa News: गेहूं सीजन के साथ ही खरीद केंद्रों पर हाई मास्ट लाइट लगाने का काम शुरू
Thu, 04 Apr 2024 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 04 Apr 2024 12:20 AM IST
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मंडी में लाइट की मरम्मत करता श्रमिक।
सिरसा। सरसों और गेहूं का सीजन शुरू हो गया है। मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सरसों के सभी खरीद केंद्रों पर लाइट की व्यवस्था कर दी है। गेहूं का भले ही सीजन शुरू हो गया हो, लेकिन मंडियों में गेहूं की फसल आनी शुरू नहीं हुई है। गेहूं की फसल 10 अप्रैल तक आने के चलते जिले की सभी 70 मंडियों में लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करवाने का कार्य जारी है। बड़ी हाई मास्ट लाइटें सभी खरीद केंद्रों पर लगाई जा रही हैं ताकि किसानों और व्यापारियोंं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बता दें कि फसली सीजन खत्म होने के बाद विभिन्न खरीद केंद्रों पर लगाई गई हाई मास्ट लाइटों को उतार लिया जाता है। केवल चुनिंदा एक या दो पोल पर ही लाइट छोड़ी जाती है ताकि रात के समय खरीद केंद्रों पर रोशनी की व्यवस्था रहे। इसके अतिरिक्त सभी लाइटों को उतारकर स्टोर में रख दिया जाता है ताकि कोई हाई मास्ट लाइटों को नुकसान न पहुंचा सके। जानकारी के अनुसार पूर्व में कई बार हाई मास्ट लाइटों को तोड़ने और चोरी के मामले में सामने आ चुके हैं। इस कारण प्रशासन की ओर से लाइटों को उतारकर स्टोर में रखवाया जाता है।
केबल तक नहीं छोड़ते नशेड़ी
बिजली कर्मचारियों के अनुसार हाई मास्ट लाइटों को खंबों से उतारने के बाद उनके तार को छोड़ दिया जाता है। ताकि सीजन के समय दोबारा लाइट लगाने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस तार को भी नशा करने वाले लोग चुरा ले जाते हैं। वे तार को काटकर ले जाते हैं और बाजार में तांबा निकालकर बेच देते हैं। ऐसे में प्रत्येक सीजन में नए तार खरीदकर लाइटों को लगाना पड़ता है।
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चार से पांच हजार की एक लाइट
विभाग की ओर से क्रोप्टन कंपनी की लाइटें खरीद गई हैं। एक लाइट की कीमत ही चार से पांच हजार रुपये है। ऐसे में 400 से ज्यादा लाइटें लगाई जाती है, जो लाखों रुपये की होती है। लाइटों को नुकसान न हो इसलिए हर सीजन के बाद अधिकतर लाइटों को उतारकर विश्राम गृह में बने स्टोर में रखवाया दिया जाता है।
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सभी खरीद केंद्रों पर लाइट लगाने का कार्य जारी है। दो दिन में सभी खरीद केंद्रों में लाइट लगवा दी जाएंगी।
वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी
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बता दें कि फसली सीजन खत्म होने के बाद विभिन्न खरीद केंद्रों पर लगाई गई हाई मास्ट लाइटों को उतार लिया जाता है। केवल चुनिंदा एक या दो पोल पर ही लाइट छोड़ी जाती है ताकि रात के समय खरीद केंद्रों पर रोशनी की व्यवस्था रहे। इसके अतिरिक्त सभी लाइटों को उतारकर स्टोर में रख दिया जाता है ताकि कोई हाई मास्ट लाइटों को नुकसान न पहुंचा सके। जानकारी के अनुसार पूर्व में कई बार हाई मास्ट लाइटों को तोड़ने और चोरी के मामले में सामने आ चुके हैं। इस कारण प्रशासन की ओर से लाइटों को उतारकर स्टोर में रखवाया जाता है।
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केबल तक नहीं छोड़ते नशेड़ी
बिजली कर्मचारियों के अनुसार हाई मास्ट लाइटों को खंबों से उतारने के बाद उनके तार को छोड़ दिया जाता है। ताकि सीजन के समय दोबारा लाइट लगाने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस तार को भी नशा करने वाले लोग चुरा ले जाते हैं। वे तार को काटकर ले जाते हैं और बाजार में तांबा निकालकर बेच देते हैं। ऐसे में प्रत्येक सीजन में नए तार खरीदकर लाइटों को लगाना पड़ता है।
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चार से पांच हजार की एक लाइट
विभाग की ओर से क्रोप्टन कंपनी की लाइटें खरीद गई हैं। एक लाइट की कीमत ही चार से पांच हजार रुपये है। ऐसे में 400 से ज्यादा लाइटें लगाई जाती है, जो लाखों रुपये की होती है। लाइटों को नुकसान न हो इसलिए हर सीजन के बाद अधिकतर लाइटों को उतारकर विश्राम गृह में बने स्टोर में रखवाया दिया जाता है।
सभी खरीद केंद्रों पर लाइट लगाने का कार्य जारी है। दो दिन में सभी खरीद केंद्रों में लाइट लगवा दी जाएंगी।
वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी