{"_id":"67e4467d21b046099b07b433","slug":"the-victim-farmer-protested-half-naked-in-front-of-the-bank-sirsa-news-c-128-1-slko1008-135316-2025-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: पीड़ित किसान ने अर्धनग्न होकर किया बैंक के समक्ष प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: पीड़ित किसान ने अर्धनग्न होकर किया बैंक के समक्ष प्रदर्शन
Wed, 26 Mar 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 26 Mar 2025 11:55 PM IST
विज्ञापन
बैंक की शाखा के बाहर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते किसान सुशील। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। गांव नथौर निवासी सुशील कुमार झोरड़ पुत्र सुरजीत सिंह नंबरदार ने एक निजी बैंक के स्टाफ पर सही व्यवहार न कर उन्हें फसल बीमा लाभ से वंचित करने का आरोप लगाया है। इस समस्या के न सुलझने से परेशान किसान ने बुधवार को बैंक शाखा के समक्ष अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
पीड़ित किसान सुशील ने बताया कि वह गांव नथौर के मूलवासी हैं लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए वह जयपुर में रह रहे हैं। सुशील ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने स्थानीय निजी बैंक की शाखा से करीब 14 एकड़ भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बनवाई थी। प्रतिवर्ष फसल बीमा प्रीमियम कटवाने संबंधी आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर कर उन्होंने बीमा पर सहमति जताई थी। बैंक कर्मचारियों ने वर्ष 2021 में उनका फसल बीमा किया, लेकिन वर्ष 2022-23 में उनके कई बार कहने पर भी फसल बीमा का प्रीमियम नहीं काटा। इससे कारण बारिश से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी।
उन्होंने बैंक शाखा से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि बिना ई-मेल किए बैंक वाले उनका कोई कार्य नहीं करेंगे। इसके बाद उन्होंने बैंक संबंधी सभी कागजात सुरक्षित रखे तो वर्ष 2024 में बैंक कर्मचारियों ने सुशील से संपर्क किए बिना करीब 23,000 रुपये धान का प्रीमियम काट लिया जबकि उनके खेत में धान की रोपाई नहीं होती।
विज्ञापन
इसके बाद सुशील ने बैंक से संपर्क किया तो उन्होंने धान का प्रीमियम वापस उनके खाते में डाल कर कपास का बीमा प्रीमियम करीब 29,000 रुपये काट लिया। इसके बावजूद जब उसकी फसलों का बीमा क्लेम राशि नहीं मिली तो उन्होंने बैंक से संपर्क किया। तब बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि बीमा प्रीमियम वापस होने के कारण उन्हें बीमा लाभ नहीं मिल सकता। इस कारण वह तनावग्रस्त रहने लगे। वह एम्स जयपुर से इलाज करवा रहे हैं।
-- -- कोट-- --
बैंक में केसीसी का अलग विभाग बना है। इसके लिए मैं अभी कुछ नहीं बता सकता क्योंकि पीड़ित किसान ने मेरे से न तो संपर्क किया और न ही कोई शिकायत दर्ज करवाई है। लिखित शिकायत मिलने पर ही मैं कोई प्रतिक्रिया दे सकूंगा। - रिंकू कुमार, प्रबंधक, एक्सिस बैंक, रानियां।
-- --
विज्ञापन
रानियां। गांव नथौर निवासी सुशील कुमार झोरड़ पुत्र सुरजीत सिंह नंबरदार ने एक निजी बैंक के स्टाफ पर सही व्यवहार न कर उन्हें फसल बीमा लाभ से वंचित करने का आरोप लगाया है। इस समस्या के न सुलझने से परेशान किसान ने बुधवार को बैंक शाखा के समक्ष अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
पीड़ित किसान सुशील ने बताया कि वह गांव नथौर के मूलवासी हैं लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए वह जयपुर में रह रहे हैं। सुशील ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने स्थानीय निजी बैंक की शाखा से करीब 14 एकड़ भूमि पर किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बनवाई थी। प्रतिवर्ष फसल बीमा प्रीमियम कटवाने संबंधी आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर कर उन्होंने बीमा पर सहमति जताई थी। बैंक कर्मचारियों ने वर्ष 2021 में उनका फसल बीमा किया, लेकिन वर्ष 2022-23 में उनके कई बार कहने पर भी फसल बीमा का प्रीमियम नहीं काटा। इससे कारण बारिश से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी।
विज्ञापन
उन्होंने बैंक शाखा से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि बिना ई-मेल किए बैंक वाले उनका कोई कार्य नहीं करेंगे। इसके बाद उन्होंने बैंक संबंधी सभी कागजात सुरक्षित रखे तो वर्ष 2024 में बैंक कर्मचारियों ने सुशील से संपर्क किए बिना करीब 23,000 रुपये धान का प्रीमियम काट लिया जबकि उनके खेत में धान की रोपाई नहीं होती।
विज्ञापन
इसके बाद सुशील ने बैंक से संपर्क किया तो उन्होंने धान का प्रीमियम वापस उनके खाते में डाल कर कपास का बीमा प्रीमियम करीब 29,000 रुपये काट लिया। इसके बावजूद जब उसकी फसलों का बीमा क्लेम राशि नहीं मिली तो उन्होंने बैंक से संपर्क किया। तब बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि बीमा प्रीमियम वापस होने के कारण उन्हें बीमा लाभ नहीं मिल सकता। इस कारण वह तनावग्रस्त रहने लगे। वह एम्स जयपुर से इलाज करवा रहे हैं।
बैंक में केसीसी का अलग विभाग बना है। इसके लिए मैं अभी कुछ नहीं बता सकता क्योंकि पीड़ित किसान ने मेरे से न तो संपर्क किया और न ही कोई शिकायत दर्ज करवाई है। लिखित शिकायत मिलने पर ही मैं कोई प्रतिक्रिया दे सकूंगा। - रिंकू कुमार, प्रबंधक, एक्सिस बैंक, रानियां।