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Sirsa News: पंचकूला से आई टीम ने डबवाली और चोटाला स्वास्थ्य केंद्रों में चार घंटे तक रिकॉर्ड खंगाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली/ चौटाला (सिरसा)। चौटाला स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चार शिशुओं की मौत के बाद पंचकूला से आई पांच सदस्यीय टीम ने मामले की जांच करने के लिए डबवाली और चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में करीब चार घंटे तक रिकॉर्ड खंगाला। जांच के बाद टीम मामलों से जुड़ा पूरा रिकार्ड भी अपने साथ ले गई। टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों की वीडियोग्राफी भी की है। अब मुख्यालय की ओर से मामले की जांच की जाएगी।
बता दें कि करीब 36 दिन पहले चौटाला स्थित स्वास्थ्य केंद्र में करीब चार दिनों में चार शिशुओं की मौत हो गई थी। ग्रामीणों की ओर से चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए मांग उठाई जा रही है। जन चेतना यात्रा द्वारा करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के बाद सरकार की ओर से मामले की जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय पंचकूला से पांच सदस्यीय टीम बुधवार की रात 8.30 बजे डबवाली में पहुंची। टीम ने यहां पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और स्थिति जांची। वीरवार सुबह नौ बजे ही टीम ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। शिशुओं की मौत से पहले मरीज किस समय डबवाली में पहुंची और किस समय उसे एंबुलेंस के माध्यम से डबवाली से सिरसा के लिए रवाना किया गया। इस तरह के हर पहलू की जांच की गई और मामले से जुड़ा पूरे रिकॉर्ड को तलब किया और अपने साथ ले गई। इस दौरान टीम ने अस्पताल में बने प्रसूता वार्ड सहित अन्य कमरों की वीडियोग्राफी भी की।
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टीम ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए
सुबह करीब 11 बजे टीम ने चौटाला में पहुंचकर मामले से जुड़ा रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचने के दौरान गर्भवती महिला की स्थिति व पेट में शिशु की स्थिति संबंधित जानकारी जुटाई गई। टीम ने स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा वर्कर्स से भी बातचीत की और उनके बयान दर्ज किए। टीम ने चौटाला स्वास्थ्य केंद्र का भी पूरा रिकार्ड और केंद्र की वीडियोग्राफी भी की। जांच के बाद अब मुख्यालय की ओर से आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टीम में चार महिला डायरेक्टर सहित एक पुरुष भी शामिल
पंचकूला से मामले की जांच करने के लिए डॉ. अलका, डॉ. सीमा वर्मा, डॉ. सरोज, डॉ. अभिषेक सहित पांच सदस्यीय टीम डबवाली व चौटाला में पहुंची थी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उप सिविल सर्जन डॉ. बुधराम भी उपस्थित रहे। हालांकि डबवाली एसएमओ डॉ. एमके भादू व एमओ डॉ. राहुल गर्ग अवकाश पर होने के कारण एडिशनल एसएमओ डॉ. बालेश बांसल ने टीम को संबंधित जानकारी दी।
नवंबर माह में चार शिशुओं की हुई थी मौत, दो थे रेफर
बता दें कि नवंबर माह में तेजाखेड़ा की एक, चौटाला की दो और अबूबशहर की एक गर्भवती महिला के पेट में शिशु की मौत हो गई थी। चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टर की ओर से मरीजों को रेफर कर दिया गया था। हालांकि सिरसा तक पहुंचते शिशुओं की ॎगर्भ में ही मौत हो गई। इसके बाद अबूबशहर निवासी गर्भवती महिला विद्या देवी की भी इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ग्रामीणों की ओर से चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए मांग उठाई जा रही है।
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वर्जन
शिशुओं की मौत होने के मामले को लेकर मुख्यालय से टीम पहुंची थी। टीम ने हर पहलुओं की जांच की है।
----डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा ।
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डबवाली/ चौटाला (सिरसा)। चौटाला स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चार शिशुओं की मौत के बाद पंचकूला से आई पांच सदस्यीय टीम ने मामले की जांच करने के लिए डबवाली और चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में करीब चार घंटे तक रिकॉर्ड खंगाला। जांच के बाद टीम मामलों से जुड़ा पूरा रिकार्ड भी अपने साथ ले गई। टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों की वीडियोग्राफी भी की है। अब मुख्यालय की ओर से मामले की जांच की जाएगी।
बता दें कि करीब 36 दिन पहले चौटाला स्थित स्वास्थ्य केंद्र में करीब चार दिनों में चार शिशुओं की मौत हो गई थी। ग्रामीणों की ओर से चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए मांग उठाई जा रही है। जन चेतना यात्रा द्वारा करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के बाद सरकार की ओर से मामले की जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
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इसके बाद स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय पंचकूला से पांच सदस्यीय टीम बुधवार की रात 8.30 बजे डबवाली में पहुंची। टीम ने यहां पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और स्थिति जांची। वीरवार सुबह नौ बजे ही टीम ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। शिशुओं की मौत से पहले मरीज किस समय डबवाली में पहुंची और किस समय उसे एंबुलेंस के माध्यम से डबवाली से सिरसा के लिए रवाना किया गया। इस तरह के हर पहलू की जांच की गई और मामले से जुड़ा पूरे रिकॉर्ड को तलब किया और अपने साथ ले गई। इस दौरान टीम ने अस्पताल में बने प्रसूता वार्ड सहित अन्य कमरों की वीडियोग्राफी भी की।
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टीम ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए
सुबह करीब 11 बजे टीम ने चौटाला में पहुंचकर मामले से जुड़ा रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचने के दौरान गर्भवती महिला की स्थिति व पेट में शिशु की स्थिति संबंधित जानकारी जुटाई गई। टीम ने स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा वर्कर्स से भी बातचीत की और उनके बयान दर्ज किए। टीम ने चौटाला स्वास्थ्य केंद्र का भी पूरा रिकार्ड और केंद्र की वीडियोग्राफी भी की। जांच के बाद अब मुख्यालय की ओर से आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टीम में चार महिला डायरेक्टर सहित एक पुरुष भी शामिल
पंचकूला से मामले की जांच करने के लिए डॉ. अलका, डॉ. सीमा वर्मा, डॉ. सरोज, डॉ. अभिषेक सहित पांच सदस्यीय टीम डबवाली व चौटाला में पहुंची थी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उप सिविल सर्जन डॉ. बुधराम भी उपस्थित रहे। हालांकि डबवाली एसएमओ डॉ. एमके भादू व एमओ डॉ. राहुल गर्ग अवकाश पर होने के कारण एडिशनल एसएमओ डॉ. बालेश बांसल ने टीम को संबंधित जानकारी दी।
नवंबर माह में चार शिशुओं की हुई थी मौत, दो थे रेफर
बता दें कि नवंबर माह में तेजाखेड़ा की एक, चौटाला की दो और अबूबशहर की एक गर्भवती महिला के पेट में शिशु की मौत हो गई थी। चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टर की ओर से मरीजों को रेफर कर दिया गया था। हालांकि सिरसा तक पहुंचते शिशुओं की ॎगर्भ में ही मौत हो गई। इसके बाद अबूबशहर निवासी गर्भवती महिला विद्या देवी की भी इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ग्रामीणों की ओर से चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए मांग उठाई जा रही है।
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वर्जन
शिशुओं की मौत होने के मामले को लेकर मुख्यालय से टीम पहुंची थी। टीम ने हर पहलुओं की जांच की है।
----डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा ।