बारिश से तालाब बनीं शहर की सड़कें
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सावन माह में पहली बार शहर में रविवार रात को हुई झमाझम बरसात से कई वार्डों में बाढ़ जैसे हालात हो गए। बाजारों और वार्डों की गलियों में पानी ही पानी दिखाई दिया। सोमवार शाम तक कई स्थानों से पानी की निकासी नहीं हो पाई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि 28 जुलाई को अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था कि सीवरेजों की सफाई नहीं होने के कारण कई इलाकों में निकासी प्रभावित हो रही है।
शहर के निचले इलाकों में घरों के अंदर पानी भर गया। सिंगीकाट मोहल्ले, जेजे कॉलोनी और पॉश क्षेत्र अग्रसेन कॉलोनी में महिलाएं और बच्चे बाल्टियों से घर में भरा पानी निकालते नजर आए। रविवार दोपहर तक लोग गर्मी से परेशान थे और शाम होते ही बूंदाबांदी हुई तो कुछ देर बाद बादल जमकर बरसे। बारिश से शहर की अधिकतर सड़कों पर एक से दो फुट तक जलभराव हो गया।
इससे यहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन बंद हो गए। ऐसे में चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालकों को पानी में पैदल ही वाहन खींचने को मजबूर होना पड़ा। बारिश से हिसार रोड, गोशाला मोहल्ला, रानियां रोड, रानियां गेट, जगदेव चौक, डबवाली रोड, जनता भवन रोड, अनाज मंडी, ए ब्लॉक, बी ब्लॉक, सी ब्लॉक, शिव चौक, सुरतगढ़िया बाजार, परशुराम चौक, गोशाला रोड, शिवपुरी रोड, बेगू रोड, कंगनपुर रोड, नोहरिया बाजार, घंटाघर चौक, बिश्नोई मार्केट के सामने काफी जलभराव हो गया।
नेशनल हाईवे हिसार रोड पर अंबेडकर चौक से लेकर बस अड्डे तक जलभराव के कारण घंटाें तक जाम की स्थिति बनी रही। अग्रसेन कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात हो गए। सोमवार शाम को ही कुछ पानी की निकासी हुई। बैंकवाली गली में अनेक घरों में कई-कई फुट पानी भर गया। लोगों ने घरों के आगे रेत से भरे बैग लगाकर पानी रोकने का प्रयास किया। जिन इलाकों में पाइप लाइन डालने के लिए सड़क तोड़ी गई है, वहां पर हालात बदतर नजर आए।
नोहरिया बाजार घंटाघर चौक क्षेत्र में लोग जलभराव और कीचड़ से परेशान रहे। चांदनी चौक से घंटाघर तक स्थिति बहुत दयनीय रही। सिंगीकाट, मोहल्ला, मेला ग्राउंड, जेजे कॉलोनी, अनाज मंडी विशेषकर कबीर चौक, संजय कॉलोनी क्षेत्र में जलभराव से लोग काफी परेशान रहे। उधर, शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए करोड़ों की लागत से जिला प्रशासन द्वारा बरसाती नालों का निर्माण करवाया गया है लेकिन भारी बारिश ने इन नालों की पोल खोलकर रख दी। प्रशासन बरसाती नालों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा करता है, पर सच्चाई कुछ और ही है।
जल निकासी का प्रबंध जारी है : डीसी
उपायुक्त डॉ. अंशज सिंह ने नगर में हुए जलभराव और जल निकासी को लेकर पूछे गए सवाल पर बताया कि जल निकासी की परियोजना पर काम जारी है। केलनियां डिस्पोजल से घग्घर नदी तक सात किमी लंबा पक्का नाला बनाया जा रहा है, जो साढे़ चार किलोमीटर तक तैयार हो चुका है।
जल निकासी के लिए डिस्पोजल सेंटर पर चार पंपिंग सेट लगाए गए हैं, इनमें से दो ही चालू हैं क्योंकि सभी को एक साथ चालू करते ही नाले से पानी निकलकर खेतों में बहने लगता है, जिससे किसानों को परेशानी होती है। नाला तैयार होते ही जल निकासी की क्षमता करीब पांच गुना तक बढ़ जाएगी।
समस्या का समाधान होगा : शर्मा
जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता राकेश शर्मा का कहना है कि जल निकासी के प्रबंध पर काम जारी है। केेलनियां डिस्पोजल चालू होते ही समस्या का सदैव के लिए समाधान हो जाएगा। फिलहाल जहां पर जलभराव हुआ है, कर्मचारी उसे निकालने में जुटे हुए हैं।