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Sirsa News: मुख्यमंत्री ने दिए थे चार्जशीट के आदेश, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
Sat, 27 Jun 2026 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 27 Jun 2026 12:10 AM IST
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सिरसा। जिले में पहली बार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 19 जून को पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की थी। बैठक में इंडस्ट्रीयल एरिया वन सर्विस इंडस्ट्री शॉप के नक्शे में पैदल मार्ग और पार्किंग का सही माप का आकलन नहीं किया गया था। नगर परिषद और एचएसवीपी विभाग शिकायकर्ता को चक्कर कटवा रहे थे। इस दौरान सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए मामले से जुड़े संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल चार्जशीट करने के आदेश दिए थे। एक सप्ताह का वक्त गुजरने के बाद भी अभी तक इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
सूत्रों की माने तो अभी तक अधिकारी इस मंथन में लगे हुए हैं नगर परिषद या एचएसवीपी दोनों विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई करें या एक विभाग के अधिकारी पर करनी है। इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई। इतना ही नहीं, यही कारण है कि अभी तक जिला कष्ट निवारण समिति की प्रोसिडिंग भी पूरी तरह से फाइल नहीं हुई है।
अब देखना यह है कि कब तक उपायुक्त कार्यालय से इस मामले में फाइनल प्रोसिडिंग बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय व मुख्यालय को भेजी जाती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के दिए गए आदेश कितने दिनों बाद लागू होते हैं या आदेशों को अधिकारी फाइलों में घुमाकर बंद कर देंगे।
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इस मामले में मुख्यमंत्री के समक्ष नगर परिषद और एचएसवीपी के एक्सईएन पेश हुए थे। दोनों ने एक दूसरे के उपर मामला डालने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, एचएसवीपी ने विभागीय टेंडर लगाने तक की बात कहीं। दोनों विभागों की लापरवाही से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नाराज हो गए थे।
अपने आप को बचाने में जुटे अधिकारी
सूत्रों के अनुसार नगर परिषद के एक्सईएन व अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई न हो। इसको लेकर जिला नगर आयुक्त कार्यालय की ओर से विशेष रूप से नियमों और पत्रों आदि का डाटा तैयार किया गया है। जिससे कि अधिकारियों को बचाया जा सके और एचएसवीपी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके। वहीं, एचएसवीपी विभाग के अधिकारी भी स्वयं को सही बताने में जुटे हुए हैं। दोनों विभागों के प्रयासों के बीच प्रशासन फंस गया है। देखना यह है इस मामले में गाज आखिरकार किन अधिकारियों पर गिरती है।
वर्ष 2016 से चक्कर काट रहा था प्रार्थी
एडिशनल अनाज मंडी के हार्दिक गोयल ने शिकायत दी थी कि सिरसा के इंडस्ट्रियल एरिया-1 के सर्विस इंडस्ट्री शॉप के नक्शे में चलने के पैदल मार्ग एवं पार्किंग का नाप सही रूप से नहीं दिया हुआ है। इसके सिलसिले में जब वह 6 फरवरी .2025 को एचएसवीपी के दफ्तर में जेई विनोद कुमार के पास गया तो उन्होंने काफी देर बहस करने के बाद बताया कि नक्शे की जिम्मेदारी टाउन प्लानिंग विभाग की है। तुरंत टाउन प्लानिंग विभाग में गया और मुझे बताया गया कि यह नाप की सही जानकारी केवल एचएसवीपी वाले ही दे सकते हैं। जेई विनोद कुमार के पास पुनः निवेदन करने पर वह मुझसे आक्रोश में आकर बदतमीजी से बात करने लगा। बार-बार जवाब मांगने पर उसने मुझे जवाब देने से इंकार कर दिया। इस घटना के बाद सम्पदा अधिकारी के नाम मैंने एक शिकायत दी। उसका जवाब आज तक नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री ने फोन पर की थी बात
हार्दिक गोयल सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुए थे। इसलिए मुख्यमंत्री ने फोन पर उससे बात की थी। फोन पर हार्दिक गोयल ने अपनी बात बताई थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सुनवाई शुरू की थी।
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सूत्रों की माने तो अभी तक अधिकारी इस मंथन में लगे हुए हैं नगर परिषद या एचएसवीपी दोनों विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई करें या एक विभाग के अधिकारी पर करनी है। इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई। इतना ही नहीं, यही कारण है कि अभी तक जिला कष्ट निवारण समिति की प्रोसिडिंग भी पूरी तरह से फाइल नहीं हुई है।
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अब देखना यह है कि कब तक उपायुक्त कार्यालय से इस मामले में फाइनल प्रोसिडिंग बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय व मुख्यालय को भेजी जाती है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के दिए गए आदेश कितने दिनों बाद लागू होते हैं या आदेशों को अधिकारी फाइलों में घुमाकर बंद कर देंगे।
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इस मामले में मुख्यमंत्री के समक्ष नगर परिषद और एचएसवीपी के एक्सईएन पेश हुए थे। दोनों ने एक दूसरे के उपर मामला डालने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, एचएसवीपी ने विभागीय टेंडर लगाने तक की बात कहीं। दोनों विभागों की लापरवाही से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नाराज हो गए थे।
अपने आप को बचाने में जुटे अधिकारी
सूत्रों के अनुसार नगर परिषद के एक्सईएन व अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई न हो। इसको लेकर जिला नगर आयुक्त कार्यालय की ओर से विशेष रूप से नियमों और पत्रों आदि का डाटा तैयार किया गया है। जिससे कि अधिकारियों को बचाया जा सके और एचएसवीपी विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके। वहीं, एचएसवीपी विभाग के अधिकारी भी स्वयं को सही बताने में जुटे हुए हैं। दोनों विभागों के प्रयासों के बीच प्रशासन फंस गया है। देखना यह है इस मामले में गाज आखिरकार किन अधिकारियों पर गिरती है।
वर्ष 2016 से चक्कर काट रहा था प्रार्थी
एडिशनल अनाज मंडी के हार्दिक गोयल ने शिकायत दी थी कि सिरसा के इंडस्ट्रियल एरिया-1 के सर्विस इंडस्ट्री शॉप के नक्शे में चलने के पैदल मार्ग एवं पार्किंग का नाप सही रूप से नहीं दिया हुआ है। इसके सिलसिले में जब वह 6 फरवरी .2025 को एचएसवीपी के दफ्तर में जेई विनोद कुमार के पास गया तो उन्होंने काफी देर बहस करने के बाद बताया कि नक्शे की जिम्मेदारी टाउन प्लानिंग विभाग की है। तुरंत टाउन प्लानिंग विभाग में गया और मुझे बताया गया कि यह नाप की सही जानकारी केवल एचएसवीपी वाले ही दे सकते हैं। जेई विनोद कुमार के पास पुनः निवेदन करने पर वह मुझसे आक्रोश में आकर बदतमीजी से बात करने लगा। बार-बार जवाब मांगने पर उसने मुझे जवाब देने से इंकार कर दिया। इस घटना के बाद सम्पदा अधिकारी के नाम मैंने एक शिकायत दी। उसका जवाब आज तक नहीं मिला है।
मुख्यमंत्री ने फोन पर की थी बात
हार्दिक गोयल सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुए थे। इसलिए मुख्यमंत्री ने फोन पर उससे बात की थी। फोन पर हार्दिक गोयल ने अपनी बात बताई थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सुनवाई शुरू की थी।