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प्रशासन की टीम ने दूसरे दिन सात मेडिकल स्टोर की जांच की, सीमित मिला स्टॉक, नहीं था सेनिटाइजर

Tue, 17 Mar 2020 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 12:03 AM IST
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team examined seven mediacal stor on the second day, limited stock found, no senitizer
team examined seven mediacal stor on the second day, limited stock found, no senitizer - फोटो : Sirsa
सोमवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शहर के सभी मेडिकल स्टोर पर जाकर जांच करने में जुटे रहे। अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर पर मास्क और हैंड सेनिटाइजर के स्टाक की जांच की। हालांकि इस दौरान उन्हें कोई महंगे दामों पर मास्क बेचते हुए नहीं मिला। लेकिन टीम चेतावनी दी कि अगर मास्क और हैंड सेनिटाइजर की जमाखोरी और कालाबाजारी की गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सात साल कैद और जुर्माने का प्रावधान है। कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश सरकार ने मास्क और हैंड सेनिटाइजर को आवश्यक वस्तु के रूप में घोषित कर दिया है। उक्त दोनों वस्तु आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में आ चुकी हैं, अगर कोई मेडिकल स्टोर मास्क और हैंड सेनिटाइजर की जमाखोरी करते हुए और तय रेट से ज्यादा बेचते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
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कोरोना वायरस को लेकर फैल रहे भय में स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासनिक विभाग भी शहर की दुकानों तथा मेडिकल स्टोर पर मास्क और सेनिटाइजर जांचने में जुटा हुआ है। इस दौरान खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्रीकांत ऋषि भाटिया और नरेंद्र सरदाना मौजूद थे। इस दौरान खाद्य आपूर्ति की टीम ने शहर के कुल सात मेडिकल स्टोर पर जाकर इसकी जांच की। लेकिन किसी भी स्टोर पर मास्क की संख्या 15 से अधिक नहीं मिली। वहीं जब अधिकारियों ने इसकी जांच की तो पाया कि दुकानदार जो मास्क बेच रहे हैं वह 10 से 12 रुपये में ही बेच रहे हैं। इसके अलावा दुकानदार केवल गिने चुने लोगों को ही मास्क दे रहे हैं। क्योंकि मेडिकल स्टोर पर भी मास्क की उपलब्धता कम होती जा रही है। वहीं कुल सात मेडिकल स्टोर पर किसी भी संचालक के पास सेनिटाइजर भी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही।
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मेडिकल संचालक पर नहीं विभाग ने नहीं की कार्रवाई, भेजेगा नोटिस
बीते रविवार डिप्टी सीएमओ विरेश भूषण ने शहर के लगभग मेडिकल स्टोर की जांच की थी, जिसमें एक मेडिकल संचालक ने दोगुने रेट पर मास्क बेच रहा था, जिसे टीम ने उसी समय पकड़ लिया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहीं अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। लेकिन अभी तक मेडिकल संचालक पर स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि कार्रवाई को 24 घंटे से ज्यादा समय हो चुका है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रजनीश धालीवाल ने बताया कि मेडिकल संचालक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा, कि वह महंगे दामों पर मास्क क्यों बेच रहा था। जिसके उपरांत प्रशासन द्वारा ही संचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
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विशेष कमेटी कालाबाजारी पर रखेगी नजर : उपायुक्त
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने बताया कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए अगले तीन सप्ताह महत्वपूर्ण है, इसलिए नागरिक स्वयं भी सचेत और सतर्क रहें तथा दूसरों को भी इसके बारे में जागरूक करें। जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के बचाव के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा स्वच्छता तथा बचाव संबंधी जानकारियां देने के लिए गांव स्तर पर नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मनदीप कौर, एसडीएम सिरसा जयवीर यादव, एसडीएम ऐलनाबाद दिलबाग सिंह, नगराधीश कुलभूषण बंसल, उप सिविल सर्जन डॉ. विरेश भूषण, डॉ. दीप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव संबंधी सेनिटाइजर और मास्क की कालाबाजारी तथा नकली ब्रांड की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी निरंतर मेडिकल स्टोर का निरीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि बेची जा रही सेनिटाइजर और मास्क का रेट अधिक न हो। कालाबाजारी और नकली दवाइयां बेचने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। जिला में इस समय कोरोना वायरस से ग्रस्त एक भी मरीज नहीं है।

नागरिक अस्पताल सिरसा, डबवाली और ऐलनाबाद में आइसोलेशन वार्ड स्थापित
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सिरसा में स्थिति पूर्णतया नियंत्रण में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला के नागरिक अस्पताल में 11 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा ऐलनाबाद और डबवाली में भी 3-3 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने बताया कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए बिलिचिंग पाउडर से घोल तैयार करने की विधि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों की अच्छे से सफाई करवाई जाए और बिलिचिंग पाउडर से तैयार घोल का छिड़काव भी करवाया जाए। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्कर आमजन को हाथ धोने की सही बताई जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए दो प्रकार की रैपिड रिस्पोंस टीमों का गठन किया गया है जिसमें एक टीम प्रशासनिक तथा दूसरी टीम चिकित्सकों की होगी। ये टीमें भोजन, बेड, दवाइयां और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा दो प्रकार के वार्ड बनाए जाएंगे जिनमें आइसोलेशन कक्ष औश्र क्वारंटाइन कक्ष शामिल हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को एनसीसी, एनएसएस, बीएमएस विद्यार्थियों तथा सेवानिवृत्त चिकित्सकों और नर्सों की सूची बनाने के निर्देश दिए।
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