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घरों से गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग करके सीधे बकरियां वाली प्लांट में नहीं भेज पाई नप, नहीं मिला बेहतर रैंक
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शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के लगाए गए बोर्ड
- फोटो : Sirsa
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केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 का प्रथम व द्वितीय लीग का रिजल्ट जारी कर दिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने प्रथम व द्वितीय लीग में शहरों की विजिट नहीं की। केवल एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किए गए डाटा का सर्वेक्षण करके ही जारी किया है। हालांकि तीसरा व अंतिम सर्वेक्षण चार जनवरी से लेकर 31 जनवरी के बीच में होगा। तभी अंतिम परिणाम माना जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए बैनर लगाने का काम शुरू कर दिया है। जिसमें बैनर पर लिखा है कि ‘न गंदगी फैलाएं न फैलाने दें’। सिरसा शहर को प्रथम लीग में 154वां स्थान हासिल किया है। लेकिन दूसरे लीग में सिरसा शहर 225वें स्थान पर लुढ़क गया। सिरसा शहर ने’ हरियाणा में प्रथम लीग में 12वां स्थान हासिल किया। जबकि दूसरे लीग में 16वें स्थान तक पहुंच गया। पिछली बार जिला सिरसा का स्वच्छता सर्वेक्षण में आल इंडिया में 274वां रैंक था।
स्वच्छता सर्वेक्षण अनुसार शहर के 31 वार्डों में कूड़ा कलेक्शन 100 प्रतिशत होना चाहिए। साथ ही सफाई भी हर वार्ड में होनी चाहिए। लेकिन यह काम अभी संतोषजनक नहीं है। नगर परिषद गीला व सूखा कूड़ा को सीधे भी डंपिंग प्वाइंट पर नहीं पहुंचा रही। जबकि नियमानुसार गीला व सूखा कूड़ा घरों से सीधा उठाकर बकरियां वाली प्लांट पर पहुंचना चाहिए। लेकिन ठेकेदार यह कूड़ा शहर में बने कूड़ा प्वाइंट पर लेकर जा रहा है। जबकि शहर में कूड़ा प्वाइंट नहीं बनने होने चाहिए। नगर परिषद ने शहर के शौचालयों की मरम्मत का काम भी देरी से किया। इन शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब थी। नगर परिषद शौचालयों को मेंटेंन नहीं कर पाई। इनकी मरम्मत का काम भी करीब दो महीने पहले ही शुरू किया गया था। स्वच्छ सर्वेक्षण टीम के सिटी लीडर विजय कुमार का कहना है कि एमआईएस पोर्टल पर नगर परिषद सिरसा ने 100 प्रतिशत डोर टू डोर कूडा कलेक्शन व गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग करने काम पूरा होने का दावा किया है। लेकिन ये दावे खरे नहीं उतरे। वहीं नगर परिषद सिरसा स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में प्रचार प्रसार भी नहीं कर पाई। साथ ही शहर में मलबा उठाने के लिए नप के पास गाड़ी न होना भी है। नियमानुसार मलबा साथ के साथ ही उठना चाहिए।
नियमानुसार कमर्शियल क्षेत्रों में दो बार सफाई
स्वच्छता सर्वेक्षण के नियमों अनुसार कमर्शियल क्षेत्र में सुबह और शाम दो बार सफाई होनी चाहिए। जबकि रिहायशी क्षेत्रों में एक बार। लेकिन नगर परिषद सिरसा कमर्शियल क्षेत्रों में केवल एक ही बार सफाई करवा पा रही है। इस कारण है कि नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की कमी। शहर की ढाई लाख जनसंख्या अनुसार करीब 500 कर्मचारी होने चाहिए। लेकिन नगर परिषद के पास करीब 244 सफाई कर्मचारी है। जिस कारण से कमर्शियल क्षेत्रों में दो बार साफ सफाई नहीं हो रही।
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प्रथम और द्वितीय लीग में ये है रैंक
डबवाली उपमंडल को 50 हजार से एक लाख जनसंख्या वाले शहरों में शामिल किया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में डबवाली को प्रथम लीग में ऑल इंडिया में 76 वां स्थान हासिल हुआ। जबकि हरियाणा में आठवां स्थान मिला। वहीं द्वितीय लीग में स्वच्छता में यह 88वें स्थान पर पहुंच गया। हरियाणा में नौंवे स्थान पर पहुंच गया। इसमें 94 शहरों को शामिल किया गया था। ऐलनाबाद शहर प्रथम लीग में ऑल इंडिया रैंक 48वां था। हरियाणा में 6वां रैंक रहा। वहीं द्वितीय लीग में ऑल इंडिया रैंक 161वां स्थान था। जबकि हरियाणा में 16वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं रानियां शहर की आल इंडिया रैंकिंग प्रथम लीग में 185 थी। हरियाणा में 20वें स्थान पर थी। वहीं द्वितीय लीग में ऑल इंडिया रैंकिंग 135वीं थी। हरियाणा में 16वां स्थान था। कालांवाली की प्रथम लीग में 693 शहरों में ऑल इंडिया रैंक 667वां स्थान था। जबकि हरियाणा में 33वां रैक आया। वहीं द्वितीय लीग में ऑल इंडिया रैंक 510 आया। लेकिन हरियाणा में 27वां रैंक आया।
शौचालयों की समय पर मरम्मत नहीं कर पाए, बकरियां वाली प्लांट भी बंद है, इस कारण से पहले दो लीग में बेहतर स्थान नहीं मिला।
- विजय कुमार, टीम लीडर, स्वच्छ भारत मिशन सिरसा।
अंतिम सर्वेक्षण चार जनवरी से 31 जनवरी तक होगा। बकरियां वाली प्लांट को शुरू करवाने के लिए फाइल भेजी हुई है। उपायुक्त के पास फाइल चली गई है।
- अमन ढांडा, ईओ नगर परिषद सिरसा।
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स्वच्छता सर्वेक्षण अनुसार शहर के 31 वार्डों में कूड़ा कलेक्शन 100 प्रतिशत होना चाहिए। साथ ही सफाई भी हर वार्ड में होनी चाहिए। लेकिन यह काम अभी संतोषजनक नहीं है। नगर परिषद गीला व सूखा कूड़ा को सीधे भी डंपिंग प्वाइंट पर नहीं पहुंचा रही। जबकि नियमानुसार गीला व सूखा कूड़ा घरों से सीधा उठाकर बकरियां वाली प्लांट पर पहुंचना चाहिए। लेकिन ठेकेदार यह कूड़ा शहर में बने कूड़ा प्वाइंट पर लेकर जा रहा है। जबकि शहर में कूड़ा प्वाइंट नहीं बनने होने चाहिए। नगर परिषद ने शहर के शौचालयों की मरम्मत का काम भी देरी से किया। इन शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब थी। नगर परिषद शौचालयों को मेंटेंन नहीं कर पाई। इनकी मरम्मत का काम भी करीब दो महीने पहले ही शुरू किया गया था। स्वच्छ सर्वेक्षण टीम के सिटी लीडर विजय कुमार का कहना है कि एमआईएस पोर्टल पर नगर परिषद सिरसा ने 100 प्रतिशत डोर टू डोर कूडा कलेक्शन व गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग करने काम पूरा होने का दावा किया है। लेकिन ये दावे खरे नहीं उतरे। वहीं नगर परिषद सिरसा स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में प्रचार प्रसार भी नहीं कर पाई। साथ ही शहर में मलबा उठाने के लिए नप के पास गाड़ी न होना भी है। नियमानुसार मलबा साथ के साथ ही उठना चाहिए।
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नियमानुसार कमर्शियल क्षेत्रों में दो बार सफाई
स्वच्छता सर्वेक्षण के नियमों अनुसार कमर्शियल क्षेत्र में सुबह और शाम दो बार सफाई होनी चाहिए। जबकि रिहायशी क्षेत्रों में एक बार। लेकिन नगर परिषद सिरसा कमर्शियल क्षेत्रों में केवल एक ही बार सफाई करवा पा रही है। इस कारण है कि नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की कमी। शहर की ढाई लाख जनसंख्या अनुसार करीब 500 कर्मचारी होने चाहिए। लेकिन नगर परिषद के पास करीब 244 सफाई कर्मचारी है। जिस कारण से कमर्शियल क्षेत्रों में दो बार साफ सफाई नहीं हो रही।
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प्रथम और द्वितीय लीग में ये है रैंक
डबवाली उपमंडल को 50 हजार से एक लाख जनसंख्या वाले शहरों में शामिल किया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में डबवाली को प्रथम लीग में ऑल इंडिया में 76 वां स्थान हासिल हुआ। जबकि हरियाणा में आठवां स्थान मिला। वहीं द्वितीय लीग में स्वच्छता में यह 88वें स्थान पर पहुंच गया। हरियाणा में नौंवे स्थान पर पहुंच गया। इसमें 94 शहरों को शामिल किया गया था। ऐलनाबाद शहर प्रथम लीग में ऑल इंडिया रैंक 48वां था। हरियाणा में 6वां रैंक रहा। वहीं द्वितीय लीग में ऑल इंडिया रैंक 161वां स्थान था। जबकि हरियाणा में 16वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं रानियां शहर की आल इंडिया रैंकिंग प्रथम लीग में 185 थी। हरियाणा में 20वें स्थान पर थी। वहीं द्वितीय लीग में ऑल इंडिया रैंकिंग 135वीं थी। हरियाणा में 16वां स्थान था। कालांवाली की प्रथम लीग में 693 शहरों में ऑल इंडिया रैंक 667वां स्थान था। जबकि हरियाणा में 33वां रैक आया। वहीं द्वितीय लीग में ऑल इंडिया रैंक 510 आया। लेकिन हरियाणा में 27वां रैंक आया।
शौचालयों की समय पर मरम्मत नहीं कर पाए, बकरियां वाली प्लांट भी बंद है, इस कारण से पहले दो लीग में बेहतर स्थान नहीं मिला।
- विजय कुमार, टीम लीडर, स्वच्छ भारत मिशन सिरसा।
अंतिम सर्वेक्षण चार जनवरी से 31 जनवरी तक होगा। बकरियां वाली प्लांट को शुरू करवाने के लिए फाइल भेजी हुई है। उपायुक्त के पास फाइल चली गई है।
- अमन ढांडा, ईओ नगर परिषद सिरसा।