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Sirsa News: बच्चों को बताए कानूनी अधिकार, पॉक्सो एक्ट और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
Sun, 01 Nov 2026 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 01 Nov 2026 11:22 PM IST
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26 से 31 अक्तूबर तक सिरसा, ऐलनाबाद और डबवाली के शिक्षण संस्थानों में चले जागरूकता कार्यक्रम, नालसा की हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी किया जागरूक
फोटो-- -- 33
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिलेभर में सुरक्षित बचपन अभियान चलाया। यह अभियान 26 से 31 अक्तूबर तक आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण, दुर्व्यवहार, बाल विवाह और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना था।
सिरसा, ऐलनाबाद और मंडी डबवाली के सरकारी एवं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव संतोष बागोतिया ने आरोही मॉडल स्कूल, सिरसा में विद्यार्थियों को संबोधित किया।
उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और शोषण की स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों पर विस्तार से बताया। श्री राम न्यू सतलुज पब्लिक स्कूल, सावन सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन सिरसा में भी कार्यक्रम हुए।
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राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी डबवाली और राजकीय माध्यमिक विद्यालय नंबर-3 मंडी डबवाली सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
न्यायिक अधिकारियों और विशेषज्ञों की भूमिका
कार्यक्रमों में सिरसा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी माधव अग्रवाल, रमनदीप कौर और श्रुति ने जानकारी दी। डबवाली की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कृतिका ने भी विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने भी बच्चों को जागरूक किया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा साइबर सेल सिरसा के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कानूनी साक्षरता प्रभारी नरिंदर सिंह, पैनल अधिवक्ता जतिन गोनल, अलका रानी और अधिवक्ता दविंदर कौर ने भी विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
पॉक्सो अधिनियम और बाल विवाह रोकथाम
जागरूकता कार्यक्रमों में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रमुखता से समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण या दुर्व्यवहार कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की बच्चों को बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना, 2024 की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बाल विवाह की रोकथाम, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराधों से बचने के उपायों पर चर्चा की। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें और बिना डर के मदद मांगें।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन
कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि जरूरतमंद व्यक्ति इस नंबर के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकता है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इसका लक्ष्य उन्हें शोषण एवं दुर्व्यवहार से बचाव के तरीके समझाना भी था। सुरक्षित वातावरण तैयार करने में समाज की भागीदारी बढ़ाना भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिलेभर में सुरक्षित बचपन अभियान चलाया। यह अभियान 26 से 31 अक्तूबर तक आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण, दुर्व्यवहार, बाल विवाह और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना था।
सिरसा, ऐलनाबाद और मंडी डबवाली के सरकारी एवं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव संतोष बागोतिया ने आरोही मॉडल स्कूल, सिरसा में विद्यार्थियों को संबोधित किया।
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उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और शोषण की स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों पर विस्तार से बताया। श्री राम न्यू सतलुज पब्लिक स्कूल, सावन सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय पुलिस लाइन सिरसा में भी कार्यक्रम हुए।
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राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मंडी डबवाली और राजकीय माध्यमिक विद्यालय नंबर-3 मंडी डबवाली सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
न्यायिक अधिकारियों और विशेषज्ञों की भूमिका
कार्यक्रमों में सिरसा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी माधव अग्रवाल, रमनदीप कौर और श्रुति ने जानकारी दी। डबवाली की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कृतिका ने भी विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने भी बच्चों को जागरूक किया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा साइबर सेल सिरसा के अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कानूनी साक्षरता प्रभारी नरिंदर सिंह, पैनल अधिवक्ता जतिन गोनल, अलका रानी और अधिवक्ता दविंदर कौर ने भी विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
पॉक्सो अधिनियम और बाल विवाह रोकथाम
जागरूकता कार्यक्रमों में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रमुखता से समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन शोषण या दुर्व्यवहार कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की बच्चों को बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना, 2024 की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बाल विवाह की रोकथाम, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराधों से बचने के उपायों पर चर्चा की। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें और बिना डर के मदद मांगें।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन
कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि जरूरतमंद व्यक्ति इस नंबर के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकता है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इसका लक्ष्य उन्हें शोषण एवं दुर्व्यवहार से बचाव के तरीके समझाना भी था। सुरक्षित वातावरण तैयार करने में समाज की भागीदारी बढ़ाना भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा।