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निरीक्षण में नहीं मिला कृषि विभाग का सुपरवाइजर, कारण बताओ नोटिस जारी
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सिरसा। जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में पराली जलाने पर निगरानी के लिए कृषि विभाग ने सुपरवाइजर लगाए हैं। कृषि विभाग की टीम के निरीक्षण के दौरान एक सुपरवाइजर उस क्षेत्र में उपस्थित नहीं पाया गया तो विभाग ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने अब तक चार किसानों के खिलाफ पुलिस को भी शिकायत दी है। इनमें कालांवाली क्षेत्र के तीन और चोपटा क्षेत्र के एक किसान के खिलाफ शिकायत दी है। पराली के बढ़ते मामलों के कारण एक्यूआई भी 115 तक पहुंच गया है।
जिले में अब तक 33 जगहों पर पराली जलने के मामले सामने आ चुके हैं। कृषि विभाग ने संबंधित किसानों पर कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार, एसडीएम डबवाली शंभु राठी, एसडीएम कालांवाली उदय सिंह, एसडीएम ऐलनाबाद डॉ. वेद प्रकाश, उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि जिला में धान की कटाई को लेकर अगले 10 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। अधिकारी व कर्मचारी पराली जलाने वाले संभावित गांवों पर विशेष निगरानी रखें और किसानों को पराली प्रबंधन करने का संदेश दें। इसके अलावा पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जिला में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। इससे न केवल प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है बल्कि खेतों में मित्र कीट भी नष्ट होते हैं। उपायुक्त ने सख्त हिदायत दी कि पिछले वर्ष जिन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई थी। अगर उन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती है, तो संबंधित गांवों में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम को क्षेत्र में विशेष निगरानी करने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी करते हुए पराली जलाने की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करें और ग्राम सचिव, पटवारी, नंबरदार गांवों में किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ-साथ पराली जलाने की सूचना तुरंत एसडीएम या संबंधित अधिकारी को दें।
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जिले में अब तक 33 जगहों पर पराली जलने के मामले सामने आ चुके हैं। कृषि विभाग ने संबंधित किसानों पर कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार, एसडीएम डबवाली शंभु राठी, एसडीएम कालांवाली उदय सिंह, एसडीएम ऐलनाबाद डॉ. वेद प्रकाश, उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि जिला में धान की कटाई को लेकर अगले 10 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। अधिकारी व कर्मचारी पराली जलाने वाले संभावित गांवों पर विशेष निगरानी रखें और किसानों को पराली प्रबंधन करने का संदेश दें। इसके अलावा पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने कहा कि जिला में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। इससे न केवल प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है बल्कि खेतों में मित्र कीट भी नष्ट होते हैं। उपायुक्त ने सख्त हिदायत दी कि पिछले वर्ष जिन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई थी। अगर उन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती है, तो संबंधित गांवों में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम को क्षेत्र में विशेष निगरानी करने के दिए निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी करते हुए पराली जलाने की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करें और ग्राम सचिव, पटवारी, नंबरदार गांवों में किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ-साथ पराली जलाने की सूचना तुरंत एसडीएम या संबंधित अधिकारी को दें।