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Sirsa News: मूल्यांकन कार्यक्रम में निपुण नहीं होने वाले विद्यार्थी को मिलेगा दोबारा मौका
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सिरसा।मूल्यांकन के दौरान आयोजित की गई गतिविधि में हिस्सा लेते हुए बच्चे। फाइल फोटो
सिरसा। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने और शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किए गए दो दिवसीय मूल्यांकन कार्यक्रम में जिन विद्यार्थियों को निपुण श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सका, उन्हें अब दोबारा मौका दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह निर्णय विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि उनमें सीखने की गति और गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके।
दो दिन चली इस स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को तीन ग्रुपों में बांटा गया था- ग्रुप ए, ग्रुप बी और ग्रुप सी। जिन विद्यार्थियों का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा है और वे ग्रुप सी में आए हैं, उनके लिए विशेष रूप से अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे और दोबारा परीक्षण किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ग्रुप ए की श्रेणी में शामिल किया जाए। इस दौरान ग्रुप सी में जिले के 390 विद्यार्थी शामिल किए गए हैं।
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उपायुक्त ने पेश की रिपोर्ट में जताई चिंता
शिक्षा विभाग की गई पूरी रिपोर्ट 11 नवंबर को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की गई। इससे पूर्व जिला स्तर पर सभी शैक्षणिक अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उपायुक्त ने विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि शिक्षण व्यवस्था में मजबूती लाई जाएं और किसी भी विद्यार्थी को पीछे न रहने दिया जाए। उपायुक्त ने साफ कहा कि शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल जांच-पड़ताल करना नहीं है, बल्कि उन बच्चों को आगे बढ़ाना है जो किसी कारणवश सीखने की प्रक्रिया में पिछड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रुप सी में आए विद्यार्थियों को तुरंत विशेष ध्यान में लिया जाए और उन्हें जल्द से जल्द ग्रुप ए में लाया जाए।
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निपुण हरियाणा मिशन को सफल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
निपुण हरियाणा मिशन के तहत पिछले दो महीने पहले आयोजित हुई बैठक में यह फैसला किया गया था कि जिले में निपुण 35 स्कूल योजना शुरू की जाए। इसके अंतर्गत इन स्कूलों का प्रतिमाह मूल्यांकन किया जाएगा। इन स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी स्कूलों में व्यापक स्क्रीनिंग की गई है। रिपोर्ट के अनुसार ग्रुप सी में कुल 390 स्कूल आए हैं, जिनमें अधिगम स्तर में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। इन स्कूलों में विभाग की ओर से विशेष शिक्षण मॉड्यूल, अतिरिक्त कक्षाएं और सक्षम शिक्षकों की नियुक्ति जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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शिक्षा विभाग कर रहा है विशेष तैयारी
शिक्षा विभाग की टीम लगातार स्कूलों में पहुंचकर मूल्यांकन कार्य की निगरानी कर रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजनाओं का कार्यान्वयन केवल औपचारिक न रहकर वास्तविक स्तर पर प्रभावी हो। इसके अलावा विभाग की ओर से शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि अगर किसी विद्यार्थी की सीखने की गति धीमी है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कमजोर है, बल्कि उसे सही मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता है। विभाग को उम्मीद है कि आगामी महीनों में विद्यार्थियों के परिणामों और मूल्यांकन स्तर में बेहतर सुधार दिखाई देगा। रिपोर्ट उपायुक्त के सामने प्रस्तुत होने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसमें कमजोर स्कूलों के लिए विशेष सुधार योजना और संसाधनों का आवंटन भी शामिल रहेगा।
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390 स्कूलों के विद्यार्थियों का 27 नवंबर को होगा मूल्यांकन
उपायुक्त की ओर से शुरू की गई योजना निपुण 35 के तहत इन्ही स्कूल को लिया गया है, जिनका परिणाम खराब आया है। अब इन स्कूलों में दोबारा से 27 नवंबर को मूल्यांकन होगा। इसका रिपोर्ट कार्ड उपायुक्त को पेश किया जाएगा। एक बार फिर से कमी पाए जाने पर शिक्षकों व स्कूल मुखियाओं से जवाब तलब किया जाएगा।
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जिले में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने और शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किए गए दो दिवसीय मूल्यांकन कार्यक्रम में जिन विद्यार्थियों को निपुण श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सका, उन्हें अब दोबारा मौका दिया जाएगा। अब इन स्कूलों का मूल्यांकन 27 नवंबर को आयोजित होगा।-- - डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन, सिरसा।
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दो दिन चली इस स्क्रीनिंग प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को तीन ग्रुपों में बांटा गया था- ग्रुप ए, ग्रुप बी और ग्रुप सी। जिन विद्यार्थियों का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा है और वे ग्रुप सी में आए हैं, उनके लिए विशेष रूप से अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे और दोबारा परीक्षण किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ग्रुप ए की श्रेणी में शामिल किया जाए। इस दौरान ग्रुप सी में जिले के 390 विद्यार्थी शामिल किए गए हैं।
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उपायुक्त ने पेश की रिपोर्ट में जताई चिंता
शिक्षा विभाग की गई पूरी रिपोर्ट 11 नवंबर को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की गई। इससे पूर्व जिला स्तर पर सभी शैक्षणिक अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उपायुक्त ने विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि शिक्षण व्यवस्था में मजबूती लाई जाएं और किसी भी विद्यार्थी को पीछे न रहने दिया जाए। उपायुक्त ने साफ कहा कि शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल जांच-पड़ताल करना नहीं है, बल्कि उन बच्चों को आगे बढ़ाना है जो किसी कारणवश सीखने की प्रक्रिया में पिछड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रुप सी में आए विद्यार्थियों को तुरंत विशेष ध्यान में लिया जाए और उन्हें जल्द से जल्द ग्रुप ए में लाया जाए।
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निपुण हरियाणा मिशन को सफल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
निपुण हरियाणा मिशन के तहत पिछले दो महीने पहले आयोजित हुई बैठक में यह फैसला किया गया था कि जिले में निपुण 35 स्कूल योजना शुरू की जाए। इसके अंतर्गत इन स्कूलों का प्रतिमाह मूल्यांकन किया जाएगा। इन स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी स्कूलों में व्यापक स्क्रीनिंग की गई है। रिपोर्ट के अनुसार ग्रुप सी में कुल 390 स्कूल आए हैं, जिनमें अधिगम स्तर में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। इन स्कूलों में विभाग की ओर से विशेष शिक्षण मॉड्यूल, अतिरिक्त कक्षाएं और सक्षम शिक्षकों की नियुक्ति जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
शिक्षा विभाग कर रहा है विशेष तैयारी
शिक्षा विभाग की टीम लगातार स्कूलों में पहुंचकर मूल्यांकन कार्य की निगरानी कर रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि योजनाओं का कार्यान्वयन केवल औपचारिक न रहकर वास्तविक स्तर पर प्रभावी हो। इसके अलावा विभाग की ओर से शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि अगर किसी विद्यार्थी की सीखने की गति धीमी है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कमजोर है, बल्कि उसे सही मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता है। विभाग को उम्मीद है कि आगामी महीनों में विद्यार्थियों के परिणामों और मूल्यांकन स्तर में बेहतर सुधार दिखाई देगा। रिपोर्ट उपायुक्त के सामने प्रस्तुत होने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसमें कमजोर स्कूलों के लिए विशेष सुधार योजना और संसाधनों का आवंटन भी शामिल रहेगा।
390 स्कूलों के विद्यार्थियों का 27 नवंबर को होगा मूल्यांकन
उपायुक्त की ओर से शुरू की गई योजना निपुण 35 के तहत इन्ही स्कूल को लिया गया है, जिनका परिणाम खराब आया है। अब इन स्कूलों में दोबारा से 27 नवंबर को मूल्यांकन होगा। इसका रिपोर्ट कार्ड उपायुक्त को पेश किया जाएगा। एक बार फिर से कमी पाए जाने पर शिक्षकों व स्कूल मुखियाओं से जवाब तलब किया जाएगा।
जिले में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने और शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किए गए दो दिवसीय मूल्यांकन कार्यक्रम में जिन विद्यार्थियों को निपुण श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सका, उन्हें अब दोबारा मौका दिया जाएगा। अब इन स्कूलों का मूल्यांकन 27 नवंबर को आयोजित होगा।