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Sirsa News: विद्यार्थियों ने किया अपनी कला का प्रदर्शन
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सिरसा।सिरसा।बाल भवन में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान समूह गान में हिस्सा लेते हुए विद्यार्थी। सू
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सिरसा। बाल भवन में बुधवार को तीसरे चरण की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर के 340 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस तीसरे चरण में थाली सजावट/पूजन (तृतीय व चतुर्थ समूह), ग्रुप डांस (प्रथम व चतुर्थ समूह), डेक्लेमेशन (तृतीय व चतुर्थ समूह) और ग्रुप सॉन्ग (द्वितीय व तृतीय समूह) जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया बल्कि अपने आत्मविश्वास और मंचीय प्रस्तुति का भी परिचय दिया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साई ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर की। साईं ने कहा कि बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं।
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प्रतिभा को मिला मंच
मंडल बाल कल्याण अधिकारी कमलेश चाहर और जिला बाल कल्याण अधिकारी पूनम नागपाल भी उपस्थित रहीं। मंडल अधिकारी कमलेश चाहर ने कहा कि कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा मंच से वंचित नहीं रहना चाहिए। बाल भवन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। ऐसी प्रतियोगिताओं से न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागती है बल्कि वे टीम वर्क, अनुशासन और आत्मविश्वास भी सीखते हैं।
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विभिन्न प्रतियोगिताओं का हो रहा आयोजन
बाल कल्याण अधिकारी पूनम नागपाल ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाल भवन में तीन चरणों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। पहले दो चरणों में पेंटिंग, भाषण, क्विज, मॉडल मेकिंग आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जबकि तीसरे चरण में नृत्य और संगीत से जुड़ी गतिविधियों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता और नेतृत्व गुणों का विकास करना है।
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रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने जीता मन
ग्रुप डांस प्रतियोगिता में बच्चों ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और आधुनिक संगीत की झलक दिखाते हुए शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की तालबद्ध प्रस्तुतियों पर दर्शक भी झूम उठे। वहीं, डेक्लेमेशन में बच्चों ने समाज सुधार, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर जोशीले भाषण दिए। ग्रुप सॉन्ग में बाल कलाकारों ने देशभक्ति और लोकगीतों के माध्यम से अपनी स्वर प्रतिभा का परिचय दिया। थाली सजावट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दीप, फूल, कलश और रंग-बिरंगे रंगों से सजाई थालियों से वातावरण को सुसज्जित कर दिया। हर थाली में बच्चों की कल्पनाशीलता और मेहनत झलक रही थी।
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निर्णायक मंडल ने की सराहना
विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम शीघ्र ही घोषित किए जाएंगे। निर्णायक मंडल ने बताया कि बच्चों ने बेहद उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया। कई प्रतियोगियों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि विजेता तय करना कठिन हो गया। निर्णायकों ने कहा कि जिले के बच्चे बेहद प्रतिभाशाली हैं और उनमें राज्य स्तर पर भी पहचान बनाने की क्षमता है।
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इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया बल्कि अपने आत्मविश्वास और मंचीय प्रस्तुति का भी परिचय दिया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साई ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर की। साईं ने कहा कि बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं।
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प्रतिभा को मिला मंच
मंडल बाल कल्याण अधिकारी कमलेश चाहर और जिला बाल कल्याण अधिकारी पूनम नागपाल भी उपस्थित रहीं। मंडल अधिकारी कमलेश चाहर ने कहा कि कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा मंच से वंचित नहीं रहना चाहिए। बाल भवन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। ऐसी प्रतियोगिताओं से न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागती है बल्कि वे टीम वर्क, अनुशासन और आत्मविश्वास भी सीखते हैं।
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विभिन्न प्रतियोगिताओं का हो रहा आयोजन
बाल कल्याण अधिकारी पूनम नागपाल ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाल भवन में तीन चरणों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। पहले दो चरणों में पेंटिंग, भाषण, क्विज, मॉडल मेकिंग आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जबकि तीसरे चरण में नृत्य और संगीत से जुड़ी गतिविधियों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मकता और नेतृत्व गुणों का विकास करना है।
रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने जीता मन
ग्रुप डांस प्रतियोगिता में बच्चों ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और आधुनिक संगीत की झलक दिखाते हुए शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की तालबद्ध प्रस्तुतियों पर दर्शक भी झूम उठे। वहीं, डेक्लेमेशन में बच्चों ने समाज सुधार, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर जोशीले भाषण दिए। ग्रुप सॉन्ग में बाल कलाकारों ने देशभक्ति और लोकगीतों के माध्यम से अपनी स्वर प्रतिभा का परिचय दिया। थाली सजावट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दीप, फूल, कलश और रंग-बिरंगे रंगों से सजाई थालियों से वातावरण को सुसज्जित कर दिया। हर थाली में बच्चों की कल्पनाशीलता और मेहनत झलक रही थी।
निर्णायक मंडल ने की सराहना
विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम शीघ्र ही घोषित किए जाएंगे। निर्णायक मंडल ने बताया कि बच्चों ने बेहद उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया। कई प्रतियोगियों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि विजेता तय करना कठिन हो गया। निर्णायकों ने कहा कि जिले के बच्चे बेहद प्रतिभाशाली हैं और उनमें राज्य स्तर पर भी पहचान बनाने की क्षमता है।