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Sirsa News: छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ निखार रहे मूर्तिकला का हुनर
Thu, 27 Jun 2024 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 27 Jun 2024 01:50 AM IST
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राजकीय स्कूल ऐलनाबाद में टाबर उत्सव के दौरान मौजूद कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी हृदय कौशल व अन्य।
सिरसा। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश भर में टाबर उत्सव मनाया जा रहा है। टाबर उत्सव में छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मूर्तिकला का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले में ऐलनाबाद के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इस उत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें बच्चों को मूर्तिकला का हुनर सिखाया जा रहा है।
कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल ने ऐलनाबाद पहुंचकर बच्चों की कलाकृतियों का निरीक्षण किया। यह कार्यक्रम 30 जून तक सुबह 8 बजे से 11 बजे तक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान चलेगा। कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल ने बताया कि टाबर उत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण कड़ी है। बच्चों में छुपी हुई प्रतिभा को पूर्ण विकसित कर व उनमें कलात्मक गुण की उत्पत्ति करना ही इस टाबर उत्सव का लक्ष्य है। इस अवसर पर चंडीगढ़ से पहुंची निरीक्षण टीम का विद्यालय के प्राचार्य ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह टाबर उत्सव निश्चित रूप से विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा ऐसा मेरा विश्वास है।
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छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थी सीख रहे हुनर
छठी से बारहवीं कक्षा के छात्र कला महाविद्यालय तक का सफर तय कर अपने हुनर को कला के क्षेत्र में स्थापित होने में सक्षम हुए हैं। ऐलनाबाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे टाबर उत्सव के प्रतिभावान छात्रों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां जैसे अभी बोल उठेगी। इस तरह की अनेकों कलाकृतियां शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अपनी ओर खींच रही है। प्रशिक्षक के रूप में प्रसिद्ध मूर्तिकार चित्रकार आशीष व अभिषेक ने इन बच्चों को कला के गुणों से रूबरू करा रहे हैं।
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टाइल नक्काशी में बन रहे दक्ष
जिले के विद्यार्थी टाइल नक्काशी में दक्षता हासिल कर रहे हैं। टाबर उत्सव की कोऑर्डिनेटर ने बताया कि राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों में बेशुमार हुनर छुपा रहता है, केवल उन्हें तराशने की जरूरत है और इस टाबर उत्सव में यह काम अपने अंजाम तक पहुंच रहा है। इस कैंप में बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को देखकर लोग उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं।
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कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल ने ऐलनाबाद पहुंचकर बच्चों की कलाकृतियों का निरीक्षण किया। यह कार्यक्रम 30 जून तक सुबह 8 बजे से 11 बजे तक ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान चलेगा। कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी (मूर्तिकला) हृदय कौशल ने बताया कि टाबर उत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण कड़ी है। बच्चों में छुपी हुई प्रतिभा को पूर्ण विकसित कर व उनमें कलात्मक गुण की उत्पत्ति करना ही इस टाबर उत्सव का लक्ष्य है। इस अवसर पर चंडीगढ़ से पहुंची निरीक्षण टीम का विद्यालय के प्राचार्य ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यह टाबर उत्सव निश्चित रूप से विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा ऐसा मेरा विश्वास है।
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छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थी सीख रहे हुनर
छठी से बारहवीं कक्षा के छात्र कला महाविद्यालय तक का सफर तय कर अपने हुनर को कला के क्षेत्र में स्थापित होने में सक्षम हुए हैं। ऐलनाबाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे टाबर उत्सव के प्रतिभावान छात्रों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां जैसे अभी बोल उठेगी। इस तरह की अनेकों कलाकृतियां शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अपनी ओर खींच रही है। प्रशिक्षक के रूप में प्रसिद्ध मूर्तिकार चित्रकार आशीष व अभिषेक ने इन बच्चों को कला के गुणों से रूबरू करा रहे हैं।
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टाइल नक्काशी में बन रहे दक्ष
जिले के विद्यार्थी टाइल नक्काशी में दक्षता हासिल कर रहे हैं। टाबर उत्सव की कोऑर्डिनेटर ने बताया कि राजकीय विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों में बेशुमार हुनर छुपा रहता है, केवल उन्हें तराशने की जरूरत है और इस टाबर उत्सव में यह काम अपने अंजाम तक पहुंच रहा है। इस कैंप में बच्चों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों को देखकर लोग उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं।