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Sirsa News: एआई के दौर में सूचनाओं की प्रमाणिकता जांचना जरूरी
Fri, 16 Oct 2026 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:49 PM IST
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सिरसा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भरोखां में विद्यार्थियों को एआई के दौर में मीडिया साक्
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरोखां का शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस दौरान स्कूली बच्चों को मीडिया लिटरेसी, डिजिटल साक्षरता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में सूचनाओं की प्रमाणिकता जांचने के महत्व से अवगत करवाया गया। साथ ही डिजिटल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल का संदेश दिया गया।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित सांगवान ने बताया कि कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा-निर्देशन में केंद्र सरकार के सेवा संकल्प अभियान और आउटरीच कार्यक्रम के तहत यह भ्रमण आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मीडिया एवं डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता विकसित करना और सामुदायिक सहभागिता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
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सांगवान ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर जानकारी को सही मानना उचित नहीं है। किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और स्रोत की जांच करनी चाहिए। मीडिया साक्षरता तार्किक सोच विकसित करने और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विद्यालय के प्राचार्य वेद रोज, सीडीएलयू की प्राध्यापक डॉ. टिम्सी मेहता तथा शोधार्थियों डिंपल, आकाश और अनमोल ने एआई के दौर में मीडिया साक्षरता की प्रासंगिकता बताई। उन्होंने कहा कि एआई से तैयार तस्वीरों, वीडियो और भ्रामक सूचनाओं की पहचान करना जरूरी है। किसी भी सामग्री पर विश्वास करने या उसे साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राध्यापक हनुमान ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापकों के साथ गांव के सरपंच भीम और मिलखराज भी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का दिया संदेश :
नशामुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी एवं भ्रमण दल के अगुवा डॉ. रविंद्र ढिल्लों ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और भविष्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और कॅरिअर को भी प्रभावित करती है।
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इस दौरान स्कूली बच्चों को मीडिया लिटरेसी, डिजिटल साक्षरता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में सूचनाओं की प्रमाणिकता जांचने के महत्व से अवगत करवाया गया। साथ ही डिजिटल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल का संदेश दिया गया।
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पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित सांगवान ने बताया कि कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा-निर्देशन में केंद्र सरकार के सेवा संकल्प अभियान और आउटरीच कार्यक्रम के तहत यह भ्रमण आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मीडिया एवं डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता विकसित करना और सामुदायिक सहभागिता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
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सांगवान ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर जानकारी को सही मानना उचित नहीं है। किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और स्रोत की जांच करनी चाहिए। मीडिया साक्षरता तार्किक सोच विकसित करने और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विद्यालय के प्राचार्य वेद रोज, सीडीएलयू की प्राध्यापक डॉ. टिम्सी मेहता तथा शोधार्थियों डिंपल, आकाश और अनमोल ने एआई के दौर में मीडिया साक्षरता की प्रासंगिकता बताई। उन्होंने कहा कि एआई से तैयार तस्वीरों, वीडियो और भ्रामक सूचनाओं की पहचान करना जरूरी है। किसी भी सामग्री पर विश्वास करने या उसे साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राध्यापक हनुमान ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापकों के साथ गांव के सरपंच भीम और मिलखराज भी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का दिया संदेश :
नशामुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी एवं भ्रमण दल के अगुवा डॉ. रविंद्र ढिल्लों ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और भविष्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और कॅरिअर को भी प्रभावित करती है।