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झज्जर कारतूस बरामदगी : सिरसा के गन हाउस संचालक से एसटीएफ ने की पूछताछ
Wed, 04 Nov 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 04 Nov 2026 12:45 AM IST
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नोहरिया बाजार में अल सुबह पहुंची थी रोहतक एसटीएफ, बदायूं का मुन्ना खान खरीदकर ले गया था कारतूस
वर्ष 2010 में सिरसा से माओवादियों तक पहुंचीं थी 22 राइफलें और 5 हजार कारतूस
सिरसा। झज्जर में दो गाड़ियों से 25 हजार कारतूस बरामद होने के मामले के तार सिरसा से जुड़ गए हैं। मंगलवार अलसुबह रोहतक एसटीएफ की टीम सिरसा पहुंची। टीम ने नोहरिया बाजार स्थित महक गन हाउस के संचालक विजय गोयल को अपने साथ ले गई। विजय गोयल से पूछताछ की जा रही है।
विजय गोयल 30 साल से अधिक समय से हथियारों की बिक्री का काम कर रहे हैं। उनके पास नोहरिया बाजार में महक गन हाउस व एक अन्य नाम से दो दुकानें हैं। सूत्रों के अनुसार, विजय गोयल ने उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी मुन्ना खान को 25 हजार कारतूस बेचे थे।
विजय गोयल के पास देशभर में हथियार और कारतूस आपूर्ति करने का लाइसेंस है। नियमानुसार, वह केवल लाइसेंस धारक को ही कारतूस बेच सकते हैं। बदायूं निवासी मुन्ना खान सोमवार को उनसे 25 हजार कारतूस खरीदकर ले गया था।
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मुन्ना खान बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र में बदायूं गन हाउस चलाता है। रोहतक एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। कारतूसों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले, 2 नवंबर 2026 को बिहार एसटीएफ ने भोजपुर जिले में करीब 20 हजार कारतूस बरामद किए थे। उस जांच में बदायूं के मुन्ना खान का नाम सामने आया था।
माओवादियों तक हथियारों की आपूर्ति
सिरसा से माओवादियों तक हथियार और कारतूस पहुंचाने का मामला भी पहले सामने आ चुका है। इस मामले में 22 राइफलें और 5 हजार से अधिक कारतूस बिहार के माओवादियों तक पहुंचाए गए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी से 3 जनवरी 2010 को सिरसा पुलिस को सूचना मिली थी। बताया गया था कि बिहार में माओवादियों से बरामद हथियारों की सप्लाई सिरसा से हुई है। इसके अगले दिन, तत्कालीन एएसपी सज्जन सिंह ने आर्य समाज रोड स्थित हिंदुस्तान गन हाउस पर छापेमारी की थी।
गन हाउस के रिकॉर्ड में अनियमितताएं
जांच में हिंदुस्तान गन हाउस के रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं मिली थीं। गन हाउस के रिकॉर्ड में रिवाल्वर और पिस्टल के 6035 कारतूस सरप्लस पाए गए। इसके अलावा, राइफल के 745 तथा बंदूक के 120 कारतूस भी अधिक मिले थे। बिहार के जिला अरवल में 22 राइफलें और 1850 कारतूस बेचे जाने की बात सामने आई थी। यह सब रिकॉर्ड में सही ढंग से दर्ज नहीं था।
आरोपियों को सजा
इस मामले में सिरसा अदालत ने 9 दिसंबर 2025 को फैसला सुनाया था। अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया था। उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाई गई थी। यह सजा सिरसा से माओवादियों तक हथियार पहुंचाने के मामले से संबंधित थी। यह मामला सिरसा से अवैध हथियार आपूर्ति के एक पुराने नेटवर्क को उजागर करता है। संवाद
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वर्ष 2010 में सिरसा से माओवादियों तक पहुंचीं थी 22 राइफलें और 5 हजार कारतूस
सिरसा। झज्जर में दो गाड़ियों से 25 हजार कारतूस बरामद होने के मामले के तार सिरसा से जुड़ गए हैं। मंगलवार अलसुबह रोहतक एसटीएफ की टीम सिरसा पहुंची। टीम ने नोहरिया बाजार स्थित महक गन हाउस के संचालक विजय गोयल को अपने साथ ले गई। विजय गोयल से पूछताछ की जा रही है।
विजय गोयल 30 साल से अधिक समय से हथियारों की बिक्री का काम कर रहे हैं। उनके पास नोहरिया बाजार में महक गन हाउस व एक अन्य नाम से दो दुकानें हैं। सूत्रों के अनुसार, विजय गोयल ने उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी मुन्ना खान को 25 हजार कारतूस बेचे थे।
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विजय गोयल के पास देशभर में हथियार और कारतूस आपूर्ति करने का लाइसेंस है। नियमानुसार, वह केवल लाइसेंस धारक को ही कारतूस बेच सकते हैं। बदायूं निवासी मुन्ना खान सोमवार को उनसे 25 हजार कारतूस खरीदकर ले गया था।
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मुन्ना खान बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र में बदायूं गन हाउस चलाता है। रोहतक एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। कारतूसों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले, 2 नवंबर 2026 को बिहार एसटीएफ ने भोजपुर जिले में करीब 20 हजार कारतूस बरामद किए थे। उस जांच में बदायूं के मुन्ना खान का नाम सामने आया था।
माओवादियों तक हथियारों की आपूर्ति
सिरसा से माओवादियों तक हथियार और कारतूस पहुंचाने का मामला भी पहले सामने आ चुका है। इस मामले में 22 राइफलें और 5 हजार से अधिक कारतूस बिहार के माओवादियों तक पहुंचाए गए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी से 3 जनवरी 2010 को सिरसा पुलिस को सूचना मिली थी। बताया गया था कि बिहार में माओवादियों से बरामद हथियारों की सप्लाई सिरसा से हुई है। इसके अगले दिन, तत्कालीन एएसपी सज्जन सिंह ने आर्य समाज रोड स्थित हिंदुस्तान गन हाउस पर छापेमारी की थी।
गन हाउस के रिकॉर्ड में अनियमितताएं
जांच में हिंदुस्तान गन हाउस के रिकॉर्ड में कई अनियमितताएं मिली थीं। गन हाउस के रिकॉर्ड में रिवाल्वर और पिस्टल के 6035 कारतूस सरप्लस पाए गए। इसके अलावा, राइफल के 745 तथा बंदूक के 120 कारतूस भी अधिक मिले थे। बिहार के जिला अरवल में 22 राइफलें और 1850 कारतूस बेचे जाने की बात सामने आई थी। यह सब रिकॉर्ड में सही ढंग से दर्ज नहीं था।
आरोपियों को सजा
इस मामले में सिरसा अदालत ने 9 दिसंबर 2025 को फैसला सुनाया था। अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया था। उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाई गई थी। यह सजा सिरसा से माओवादियों तक हथियार पहुंचाने के मामले से संबंधित थी। यह मामला सिरसा से अवैध हथियार आपूर्ति के एक पुराने नेटवर्क को उजागर करता है। संवाद