{"_id":"66f0c26587f24cc6920a2118","slug":"sri-krishna-janmotsav-celebrated-on-the-fourth-day-of-shrimad-bhagwat-katha-sirsa-news-c-128-1-shsr1015-126150-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
Mon, 23 Sep 2024 06:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 23 Sep 2024 06:50 AM IST
विज्ञापन
कालांवाली। शहर के दादू रोड पर स्थित श्री गीता भवन में साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। कथा श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी सुरेश मुनि महाराज की अध्यक्षता में की जा रही है। कथा के चैथे दिन कथावाचक अश्विनी शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। कथा में नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे बधाई गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा।
कथा श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी सुरेश मुनि महाराज और कथावाचक अश्विनी शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रसंग और भगवान की लीला का भी वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है, दुष्यों का अत्याचार बढ़ता है तो भगवान अवतरित होकर उस संकट को दूर करते हैं। भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिए हैं। भगवान स्वयं धरती पर प्रकट हुए हैं और दुष्टों का हर युग में संहार किया है। वहीं मंदिर कमेटी के प्रधान कृष्ण बांसल कुरंगावाली ने बताया कि 26 सितंबर तक रोजाना दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक और रात्रि 8 बजे से लेकर 10 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा। 26 सितंबर को सुबह 7 बजे हवन और सुबह 10 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
कथा श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी सुरेश मुनि महाराज और कथावाचक अश्विनी शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के प्रसंग और भगवान की लीला का भी वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है, दुष्यों का अत्याचार बढ़ता है तो भगवान अवतरित होकर उस संकट को दूर करते हैं। भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिए हैं। भगवान स्वयं धरती पर प्रकट हुए हैं और दुष्टों का हर युग में संहार किया है। वहीं मंदिर कमेटी के प्रधान कृष्ण बांसल कुरंगावाली ने बताया कि 26 सितंबर तक रोजाना दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक और रात्रि 8 बजे से लेकर 10 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा। 26 सितंबर को सुबह 7 बजे हवन और सुबह 10 बजे भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन