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Sirsa News: 30 हजार रुपये रिश्वत लेते एसपीओ गिरफ्तार, तस्करी के केस में फंसाने की धमकी देकर मांगे थे एक लाख रुपये, 37 हजार रुपये दे चुका पीड़ित
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सिरसा। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की सिरसा टीम ने शुक्रवार को सुर्खाब चौक के पास एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) सिरसा में तैनात गांव नकौड़ा निवासी एसपीओ गुरबेज सिंह को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने गांव कुत्ताबढ़ निवासी एक युवक से नशे के केस में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये की मांग की थी। इससे पहले पीड़ित उससे 37 हजार रुपये दे चुका था।
गांव कुत्ताबढ़ निवासी गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 25 दिसंबर 2025 को ढाणी सतनाम सिंह से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में उसकी मोटरसाइकिल पर एक अज्ञात व्यक्ति बैठ गया। जब वह घग्गर नदी के पुल पर पहुंचा तो वहां तैनात एसपीओ गुरबेज सिंह ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसकी जेब से सिल्वर रोल (पन्नी) और लाइटर मिला। गुरप्रीत का आरोप है कि एसपीओ ने उसे नशे के मामले में फंसाने और तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी दी और कहा कि जेल जाने से बचना है तो एक लाख रुपये देने होंगे।
गुरप्रीत ने बताया कि उसने मौके पर 10 हजार रुपये दिए। इसके बाद गुरबेज सिंह लगातार फोन कर बाकी रकम की मांग करता रहा। एक बार उसने 10 हजार और दूसरी बार 7 हजार रुपये दिए। जब गुरप्रीत ने और पैसा देने में असमर्थता जताई तो आरोपी ने कहा कि इंचार्ज साहब नहीं मान रहे, पूरे पैसे देने होंगे।
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ब्लैकमेलिंग के डर से की एसीबी से शिकायत
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर गुरप्रीत ने 6 जनवरी को एसीबी सिरसा थाने में शिकायत दी। 8 जनवरी को आरोपी ने फिर से फोन कर 30 हजार रुपये की मांग की। अगले दिन 9 जनवरी को गुरप्रीत ने उसे सुर्खाब चौक के पास बुलाया। गुरबेज सिंह काले रंग की कार में वहां पहुंचा और जैसे ही उसने 30 हजार रुपये लिए, एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी एसपीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच में यदि कोई अन्य व्यक्ति संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - इंस्पेक्टर सत्यवान, जांच अधिकारी, एसीबी।
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गांव कुत्ताबढ़ निवासी गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 25 दिसंबर 2025 को ढाणी सतनाम सिंह से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में उसकी मोटरसाइकिल पर एक अज्ञात व्यक्ति बैठ गया। जब वह घग्गर नदी के पुल पर पहुंचा तो वहां तैनात एसपीओ गुरबेज सिंह ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसकी जेब से सिल्वर रोल (पन्नी) और लाइटर मिला। गुरप्रीत का आरोप है कि एसपीओ ने उसे नशे के मामले में फंसाने और तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी दी और कहा कि जेल जाने से बचना है तो एक लाख रुपये देने होंगे।
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गुरप्रीत ने बताया कि उसने मौके पर 10 हजार रुपये दिए। इसके बाद गुरबेज सिंह लगातार फोन कर बाकी रकम की मांग करता रहा। एक बार उसने 10 हजार और दूसरी बार 7 हजार रुपये दिए। जब गुरप्रीत ने और पैसा देने में असमर्थता जताई तो आरोपी ने कहा कि इंचार्ज साहब नहीं मान रहे, पूरे पैसे देने होंगे।
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ब्लैकमेलिंग के डर से की एसीबी से शिकायत
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर गुरप्रीत ने 6 जनवरी को एसीबी सिरसा थाने में शिकायत दी। 8 जनवरी को आरोपी ने फिर से फोन कर 30 हजार रुपये की मांग की। अगले दिन 9 जनवरी को गुरप्रीत ने उसे सुर्खाब चौक के पास बुलाया। गुरबेज सिंह काले रंग की कार में वहां पहुंचा और जैसे ही उसने 30 हजार रुपये लिए, एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी एसपीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच में यदि कोई अन्य व्यक्ति संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - इंस्पेक्टर सत्यवान, जांच अधिकारी, एसीबी।