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अब दिल्ली पुल से आगे रंगोई नाले तक डाली जाएगी 8 किलाेमीटर पाइप लाइन
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siver pipe line
- फोटो : Sirsa
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शहर में अमृत योजना के तहत प्रस्तावित स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम पिछले एक साल से कछुआ गति से चल रहा है। प्रोजेक्ट के ले आउट से लेकर सर्वे तो हो चुका है लेकिन पाइपों की खरीद नहीं की जा सकी। जिस कारण से काम शुरू नहीं हो पाया। टेंडर कंपनी ने पाइप लाइन की खरीद हिमाचल प्रदेश के बद्दी से करनी है। पाइप लाइन की इंस्पेक्शन नगर परिषद की कमेटी करेगी। नगर परिषद ने कुछ दिनों पहले इंस्पेक्शन के लिए स्थानीय शहरी निकाय विभाग के चीफ इंजीनियर को पत्र लिखा है। चीफ इंजीनियरिंग की अध्यक्षता में ही कमेटी का गठन किया जाएगा। वहीं बरसाती पानी की निकासी के लिए पहले प्रोजेक्ट की लागत करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये थी। लेकिन स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने अब इस प्रोजेक्ट की लागत साढ़े दस करोड़ रुपये कर दी हैै। एस्टीमेट रिवाइज कर दिया गया है। पहले यह शहर के बाल भवन से दिल्ली पुल तक बनना था लेकिन अब दिल्ली पुल से आगे रंगोई नाले तक पाइप लाइन डाली जाएगी। ऐसे में प्रोजेक्ट में डेढ़ करोड़ रुपये का बजट बढ़ा दिया है।
वन विभाग की जमीन से नहीं निकलेगी पाइप लाइन
शहर के बाल भवन, बस स्टैंड के सामने से इसके लिए पाइप लाइन दबाई जानी है। इसके लिए नगरपरिषद ने नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया, पीडब्लूडी, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, सिंचाई विभाग व वन विभाग से एनओसी मांगी थी। क्योंकि स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम की इन विभागों की भूमि से ही पाइप लाइन डाली जानी है। नप ने इसके लिए पीडब्लूडी एंड बीआर को करीब एक करोड़ के बीटी बिल का भी भुगतान कर दिया है। जबकि वन विभाग की जमीन की बजाए अब पीडब्लूडी विभाग की जमीन से पाइप लाइन डाली जाएगी। इसलिए वन विभाग से एनओसी की जरूरत नहीं रहेगी। सिंचाई विभाग व बिजली निगम पहले ही एनओसी दे चुका है। पहले इस प्रोजेक्ट के ले आउट प्लान में आरसीसी कलेक्टिंग टैंक को नगर परिषद की खैरपुर वाली जमीन में निर्माण किया जाना था। लेकिन अब कलेक्टिंग टैंक को खैरपुर स्थित सिंचाई विभाग की जमीन में बनाया जाएगा, क्योंकि वहां पर जनस्वास्थ्य विभाग के सीवरेज कलेक्टिंग टैंक भी हैं।
प्रोजेक्ट का यह होगा फायदा
स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम का सर्वे 27 दिसंबर 2018 को हुआ था। जबकि यह प्रोजेक्ट मंजूर अक्तूबर 2018 में हुआ था। प्रोजेक्ट की डेडलाइन सितंबर 2019 थी। अब इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 31 मार्च 2020 है। यह प्रोजेक्ट नगर परिषद सिरसा और जनस्वास्थ्य विभाग का संयुक्त प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में बाल भवन, बस स्टैंड, खैरपुर एरिया, बरनाला रोड पर रिहायशी कालोनियों को जोड़ा जाएगा। ताकि इन क्षेत्रों में बरसात होने पर पानी जमा न हो। यह पानी सिकंदरपुर गांव के पास रंगोई नाले में ले जाया जाएगा। अभी तक शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए पंपों का सहारा लिया जाता है। प्रोजेक्ट के तहत करीब आठ किलोमीटठर लंबी लाइन डाली जाएगी जो कि करीब दस फुट गहरी होगी।
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बदी से पाइप लाइन की खरीद की जानी है। इसके लिए मुख्यालय के चीफ इंजीनियर को कमेटी के गठन के लिए पत्र लिख दिया गया है। साथ ही अब प्रोजेक्ट का एस्टीमेट रिवाइज कर दिया गया है। अब कुल दस करोड़ 50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट होगा।
-सुमित मलिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।
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वन विभाग की जमीन से नहीं निकलेगी पाइप लाइन
शहर के बाल भवन, बस स्टैंड के सामने से इसके लिए पाइप लाइन दबाई जानी है। इसके लिए नगरपरिषद ने नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया, पीडब्लूडी, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, सिंचाई विभाग व वन विभाग से एनओसी मांगी थी। क्योंकि स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम की इन विभागों की भूमि से ही पाइप लाइन डाली जानी है। नप ने इसके लिए पीडब्लूडी एंड बीआर को करीब एक करोड़ के बीटी बिल का भी भुगतान कर दिया है। जबकि वन विभाग की जमीन की बजाए अब पीडब्लूडी विभाग की जमीन से पाइप लाइन डाली जाएगी। इसलिए वन विभाग से एनओसी की जरूरत नहीं रहेगी। सिंचाई विभाग व बिजली निगम पहले ही एनओसी दे चुका है। पहले इस प्रोजेक्ट के ले आउट प्लान में आरसीसी कलेक्टिंग टैंक को नगर परिषद की खैरपुर वाली जमीन में निर्माण किया जाना था। लेकिन अब कलेक्टिंग टैंक को खैरपुर स्थित सिंचाई विभाग की जमीन में बनाया जाएगा, क्योंकि वहां पर जनस्वास्थ्य विभाग के सीवरेज कलेक्टिंग टैंक भी हैं।
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प्रोजेक्ट का यह होगा फायदा
स्टॉर्म ड्रेनेज सिस्टम का सर्वे 27 दिसंबर 2018 को हुआ था। जबकि यह प्रोजेक्ट मंजूर अक्तूबर 2018 में हुआ था। प्रोजेक्ट की डेडलाइन सितंबर 2019 थी। अब इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 31 मार्च 2020 है। यह प्रोजेक्ट नगर परिषद सिरसा और जनस्वास्थ्य विभाग का संयुक्त प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में बाल भवन, बस स्टैंड, खैरपुर एरिया, बरनाला रोड पर रिहायशी कालोनियों को जोड़ा जाएगा। ताकि इन क्षेत्रों में बरसात होने पर पानी जमा न हो। यह पानी सिकंदरपुर गांव के पास रंगोई नाले में ले जाया जाएगा। अभी तक शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए पंपों का सहारा लिया जाता है। प्रोजेक्ट के तहत करीब आठ किलोमीटठर लंबी लाइन डाली जाएगी जो कि करीब दस फुट गहरी होगी।
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बदी से पाइप लाइन की खरीद की जानी है। इसके लिए मुख्यालय के चीफ इंजीनियर को कमेटी के गठन के लिए पत्र लिख दिया गया है। साथ ही अब प्रोजेक्ट का एस्टीमेट रिवाइज कर दिया गया है। अब कुल दस करोड़ 50 लाख रुपये का प्रोजेक्ट होगा।
-सुमित मलिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।