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स्कूल इंचार्ज ने एसएलसी देने से किया मना, ग्रामीणों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:18 AM IST
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िवविराोध्ा
- फोटो : Bureau
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गांव भगूं और नजदीकी गांव छतरियां में पढ़ने वाले बच्चों का रिजल्ट अच्छा नहीं आने पर अभिभावकों ने रोष जताया है। अभिभावक अब अपने बच्चों को अब छतरियां स्कूल के बजाए बड़ागुढ़ा स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। लेकिन स्कूल प्रशासन द्वारा मना करने पर उन्होंने रोष प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर गांव छतरियां के स्कूल में अपने बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे, जबकि स्कूल द्वारा उनके बच्चों के एसएलसी काटकर नहीं दिए जा रहे।
अभिभावक बंसीलाल, मलकीत सिंह, ओमप्रकाश, राजेंद्र कुमार, इंद्राज सिंह, दर्शन सिंह, वीर सिंह, प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके बच्चों को वे छतरियां के उच्च विद्यालय में वे अब पढ़ाना नहीं चाहते, क्योंकि वहां स्कूल स्टॉफ बच्चों की ओर से ध्यान नहीं दे रहा, जिसके चलते स्कूल का परीक्षा परिणाम खराब आया है। अभिभावकों ने बताया कि छतरियां स्कूल की नौवीं कक्षा में उनके गांव के 49 छात्र छात्राएं पढ़ने जाते थे, जिनमें से परीक्षा परिणाम खराब आने से सिर्फ 24 छात्र ही पास हुए जबकि 25 छात्र फेल हो गए। उन्होंने बताया कि वे अपने बच्चों को अन्य स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए एसएलसी कटवाने के लिए स्कूल मुख्याध्यापक के पास गए तो उन्होंने एसएलसी नहीं दी और कहा कि विभाग के उच्चाधिकारियों की अनुमति के बिना वे एसएलसी नहीं दे सकते।
अभिभावकों ने बताया कि वे जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी से इस बारे मिल चुके हैं लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की। महिला अभिभावक यमुना देवी, जसमेल कौर, सरस्वती देवी, सरोज, वीरपाल ने कहा कि अगर छतरियां स्कूल द्वारा एसएलसी काटकर नहीं भी दी तो वे अपने बच्चों को छतरियां स्कूल में दाखिला नहीं करवाएंगे चाहे बच्चों को स्कूल से हटाना पड़े। छात्र गुरप्रीत सिंह, शिव देव, रवि कुमार, अनिल कुमार, मंगा राम, छात्रा रीना, राजपाल कौर, प्रियंका, काजल, अर्चना व अर्शदीप कौर ने कहा कि उन्हें स्कूल स्टाफ की कमी के चलते उनकी पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हा रही वहीं छतरियां के छात्रों द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जाता है। छात्रों ने कहा कि वे अब मन बना चुके हैं कि वे न तो नौवीं कक्षा में दाखिला लेंगे और न ही पास छात्र दसवीं कक्षा में दाखिला लेंगे।
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उनके पास अधिकार नहीं
इनते अधिक छात्रों की एक साथ एसएलसी काटने का उनके पास अधिकार नहीं है जिसके लिए वे उच्चाधिकारियों से आदेश प्राप्त होने के बाद ही किसी प्रकार की कार्यवाही कर पायेंगे।
गुरदेव सिंह, स्कूल इंचार्ज, राजकीय उच्च विद्यालय छतरियां
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अभिभावक बंसीलाल, मलकीत सिंह, ओमप्रकाश, राजेंद्र कुमार, इंद्राज सिंह, दर्शन सिंह, वीर सिंह, प्रकाश सिंह ने बताया कि उनके बच्चों को वे छतरियां के उच्च विद्यालय में वे अब पढ़ाना नहीं चाहते, क्योंकि वहां स्कूल स्टॉफ बच्चों की ओर से ध्यान नहीं दे रहा, जिसके चलते स्कूल का परीक्षा परिणाम खराब आया है। अभिभावकों ने बताया कि छतरियां स्कूल की नौवीं कक्षा में उनके गांव के 49 छात्र छात्राएं पढ़ने जाते थे, जिनमें से परीक्षा परिणाम खराब आने से सिर्फ 24 छात्र ही पास हुए जबकि 25 छात्र फेल हो गए। उन्होंने बताया कि वे अपने बच्चों को अन्य स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए एसएलसी कटवाने के लिए स्कूल मुख्याध्यापक के पास गए तो उन्होंने एसएलसी नहीं दी और कहा कि विभाग के उच्चाधिकारियों की अनुमति के बिना वे एसएलसी नहीं दे सकते।
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अभिभावकों ने बताया कि वे जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी से इस बारे मिल चुके हैं लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की। महिला अभिभावक यमुना देवी, जसमेल कौर, सरस्वती देवी, सरोज, वीरपाल ने कहा कि अगर छतरियां स्कूल द्वारा एसएलसी काटकर नहीं भी दी तो वे अपने बच्चों को छतरियां स्कूल में दाखिला नहीं करवाएंगे चाहे बच्चों को स्कूल से हटाना पड़े। छात्र गुरप्रीत सिंह, शिव देव, रवि कुमार, अनिल कुमार, मंगा राम, छात्रा रीना, राजपाल कौर, प्रियंका, काजल, अर्चना व अर्शदीप कौर ने कहा कि उन्हें स्कूल स्टाफ की कमी के चलते उनकी पढ़ाई ठीक ढंग से नहीं हा रही वहीं छतरियां के छात्रों द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जाता है। छात्रों ने कहा कि वे अब मन बना चुके हैं कि वे न तो नौवीं कक्षा में दाखिला लेंगे और न ही पास छात्र दसवीं कक्षा में दाखिला लेंगे।
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उनके पास अधिकार नहीं
इनते अधिक छात्रों की एक साथ एसएलसी काटने का उनके पास अधिकार नहीं है जिसके लिए वे उच्चाधिकारियों से आदेश प्राप्त होने के बाद ही किसी प्रकार की कार्यवाही कर पायेंगे।
गुरदेव सिंह, स्कूल इंचार्ज, राजकीय उच्च विद्यालय छतरियां