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इनेलो को लगा जोर का झटका, पूर्व चेयरमैन हरदयाल सिंह गदराना भाजपा में शामिल
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:00 AM IST
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िररिडाना
- फोटो : Bureau
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इनेलो के गढ़ कालांवाली हलके में इनेलो को उस समय बड़ा झटका लगा जब इनेलो के पूर्व हलका प्रधान एवं एमआईटीसी के पूर्व चेयरमैन हरदयाल सिंह गदराना ने दिल्ली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपडा की उपस्थिति में सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की।
इस मौके पर भाजपा नेता राजेंद्र सिंह देसूजोधा, जिलाध्यक्ष अमीर चंद मेहता, अमन चोपडा, ओढां ब्लॉक समिति के चेयरमैन मनोज शर्मा पिपली, मिट्ठू सिंह गदराना आदि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि हरदयाल सिंह गदराना विधानसभा चुनाव के समय से ही पार्टी से नाराज चल रहे थे। उस समय हरदयाल सिंह बुध सिंह सुखचैन को कालांवाली विधानसभा से टिकट दिलाना चाहते थे और इनेलो सुप्रीमो से टिकट भी ले आए थे लेकिन बाद में बुध सिंह सुखचैन की टिकट काटकर बलकौर सिंह कालांवाली को दे दी गई। जिसका उन्होंने समर्थकों के साथ रोष भी जताया था।
चुनाव के समय उनको चुप करवा दिया गया। पर अंदर खाते वह पार्टी से नाराज ही चल रहे थे और भाजपा नेताओं के संपर्क में थे। हरदयाल सिंह गदराना ने देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवी लाल के साथ पार्टी के लिए काम किया और शुरू से ही चौटाला परिवार से जुड़े हैं और एक ईमानदार व सच्चे सिपाही की तरह पार्टी में काम किया। वर्ष 2000 से 2004 में इनेलो के शासम में वह एमआईटीसी के चेयरमैन भी रहे और पार्टी में भी अहम पदों पर रहे। उनके पार्टी छोड़ने से इनेलो को बड़ा झटका लगा है।
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इस मौके पर भाजपा नेता राजेंद्र सिंह देसूजोधा, जिलाध्यक्ष अमीर चंद मेहता, अमन चोपडा, ओढां ब्लॉक समिति के चेयरमैन मनोज शर्मा पिपली, मिट्ठू सिंह गदराना आदि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि हरदयाल सिंह गदराना विधानसभा चुनाव के समय से ही पार्टी से नाराज चल रहे थे। उस समय हरदयाल सिंह बुध सिंह सुखचैन को कालांवाली विधानसभा से टिकट दिलाना चाहते थे और इनेलो सुप्रीमो से टिकट भी ले आए थे लेकिन बाद में बुध सिंह सुखचैन की टिकट काटकर बलकौर सिंह कालांवाली को दे दी गई। जिसका उन्होंने समर्थकों के साथ रोष भी जताया था।
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चुनाव के समय उनको चुप करवा दिया गया। पर अंदर खाते वह पार्टी से नाराज ही चल रहे थे और भाजपा नेताओं के संपर्क में थे। हरदयाल सिंह गदराना ने देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवी लाल के साथ पार्टी के लिए काम किया और शुरू से ही चौटाला परिवार से जुड़े हैं और एक ईमानदार व सच्चे सिपाही की तरह पार्टी में काम किया। वर्ष 2000 से 2004 में इनेलो के शासम में वह एमआईटीसी के चेयरमैन भी रहे और पार्टी में भी अहम पदों पर रहे। उनके पार्टी छोड़ने से इनेलो को बड़ा झटका लगा है।
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