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किसान बोले - माल्या 9000 करोड़ लेकर भागा, हमारा कर्जा माफ क्यों नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:20 AM IST
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सिरसा में जस्टिस मलिक को शिकायत देते किसान
- फोटो : Bureau
सफेद मक्खी से खराब हुई कॉटन और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई सरसों, गेहूं के बाद मुश्किलों में घिरे धरतीपुत्रों ने कर्जा माफी के लिए वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस आरएस मलिक से गुहार लगाई। जस्टिस ने जवाब देते हुए कहा कि मैं भी किसान हूं, लंदन से नहीं आया। आपको झूठा आश्वासन दिया तो बाद में आप मुझे गालियां दोगे। इस मामले में मैं कुछ नहीं कर सकता। पार्लियामेंट कर्जा माफ कर सकता है।
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गांव रिसालियाखेड़ा के किसान राजा राम, सतपाल, हनुमान, राकेश, अमी लाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस को ज्ञापन देते हुए कहा कि जज साहब, हम किसान हैं, जो फसल बर्बाद होने के बाद मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं। बैंक से हमने कर्जा लिया था, जिसके बदले हमारी कृषि योग्य भूमि बैंक ने रहन करवा ली थी। नाजायज तरीके से खाली चेक तथा कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।
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बैंक अब हमें अदालत में घसीट रहा है। हमारी जमीन कुर्क हो जाएगी। हमारा कर्जा माफ किया जाए। किसानों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए जस्टिस ने पूछा कितना समय हो गया है कर्ज लिए? किसानों ने जवाब दिया दो साल। जस्टिस ने कहा कि इससे ज्यादा वाले किसान भी होंगे। ऐसा तो नहीं है कि एक बार किश्त न भरने पर बैंक अदालत में चला गया हो। जस्टिस ने दो टूक कहा कि कर्ज भरना होगा। यह कानूनी प्रक्रिया है।
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किसानों ने फिर गुहार लगाई कि उनकी फसल बर्बाद हो गई है। वे कर्ज अदा नहीं कर सकते। जस्टिस ने किसानों से पूछा कितनी बार फसल बर्बाद हुई है? एक बार हुई होगी, मैं भी किसान हूं। लंदन से नहीं आया। ऐसा नहीं होता। मैं कर्ज माफ नहीं कर सकता। आपको झूठा आश्वासन देकर नहीं जाना चाहता, कि बाद में आप मुझे गालियां निकालो। कर्ज माफी पार्लियामेंट कर सकता है। वहीं खड़े वामपंथी कार्यकर्ता अश्विनी शर्मा ने कहा कि विजय माल्या बैंकों के 9000 करोड़ रुपये लेकर विदेश भाग गया? यह तो किसान हैं। इनकी सुनवाई भी होनी चाहिए। जस्टिस ने जवाब दिया कि एक व्यक्ति गलत है, तो क्या सभी को गलत करार दे दिया जाए।
पैसे मांगती है पुलिस, जस्टिस बोले इस्तगासा ठोक दो
गांव पथराला के एक किसान ने कहा कि उसने डबवाली के एक आढ़ती के खिलाफ तीन अदालतों ने फैसला सुनाया है। उनके इस्तगासा दायर करने के बाद अदालत के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने पैरवी करने के लिए पैसों की मांग की, हमने पैसे नहीं दिए। पुलिस ने केस ही कैंसल कर दिया। शिकायत सुनने के बाद जस्टिस झट से बोल पड़े, डीएसपी साहब हिम्मत देखो, आपके सामने सरेआम आरोप लगा रहे हैं। जस्टिस ने उपरोक्त किसान को पुलिस के खिलाफ इस्तगासा दायर करने के लिए कहा।
न्याय पालिका के खिलाफ दी शिकायत
डबवाली निवासी पवन कुमार की शिकायत पकड़ते ही जस्टिस आरएस मलिक ने शिकायतकर्ता पर सवालों की झड़ी लगा दी। उसने अपनी शिकायत का हैडिंग बनाया था, ‘न्याय पालिका और हरियाणा सरकार द्वारा गुंडागर्दी का नंगा नाच’, जस्टिस ने पूछा यह क्या है। आपकी नजर में तो सभी के सभी चोर हैं। जस्टिस ने कहा कि न्याय मांगने का यह तरीका अनुचित है। उन्होंने न्याय प्रणाली पर विश्वास करके लड़ने की नसीहत दी।