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20 सालों में एक को भी नहीं मिली नौकरी
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:42 AM IST
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बेरोजगार
- फोटो : Bureau
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रोजगार कार्यालय के भरोसे जिले में हजारों युवा बेरोजगारों की तरह भटक रहे हैं। आलम यह है कि दो दशक से जिला रोजगार कार्यालय के माध्यम से एक भी बेरोजगार युवक को सरकारी नौकरी नहीं मिल पाई है जबकि हजारों युवाओं का कार्यालय में रजिस्ट्रेशन है। बेरोजगारों को रोजगार कार्यालय में नौकरी की खासी उम्मीद है लेकिन यह सपना पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है।
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मार्च 2016 में सरकारी आंकड़ों के हिसाब से सिरसा जिले में 19 हजार 176 लोग बेरोजगार हैं। इन बेरोजगारों ने सरकारी नौकरी की चाहत में रोजगार कार्यालय में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया रखा है। वर्ष 1995 से लेकर 2016 तक प्रदेश में जो भी सरकारी नौकरियां निकली उसमें रोजगार कार्यालय के माध्यम से एक भी बेरोजगार को रोजगार नहीं मिल सका। इसका मलाल रोजगार विभाग के अधिकारियों को भी है। अधिकारियों का कहना है कि रोजगार कार्यालय भत्ता केंद्र बनकर रह गया है। कार्यालय में सरकारी विभागों से रिक्त पदों की नियुक्ति संबंधी पत्र जरूर आते हैं लेकिन रोजगार कार्यालय के रजिस्ट्रेशन शुदा बेरोजगारों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। इससे बेरोजगार युवाओं में रोजगार विभाग की प्रति काफी नाराजगी है।
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निजी क्षेत्र में भी परेशानी
जिले में एक भी बेरोजगार को नियमित सरकारी नौकरी दिलाने में असमर्थ रहा रोजगार कार्यालय निजी क्षेत्र में भी असफल है। कार्यालय के माध्यम से 20 सालों से महज 157 युवाओं को ही अस्थायी रोजगार मिल पाया है। जिले में बेरोजगार लोगों में सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति की है। अनुसूचित जाति से जुड़े छह हजार 104 लोग बेरोजगार हैं। इसके अलावा पिछड़ी जाति के पांच हजार 634, ओबीसी की संख्या 504 है।
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बेरोजगारी भत्ता केंद्र बना कार्यालय
तत्कालीन इनेलो सरकार के सत्ता पर काबिज होते ही वर्ष 1999 से बेरोजगारों को भत्ता मिलना शुरू हुआ। इसके बाद से ही जिला रोजगार कार्यालय महज बेरोजगारों के लिए भत्ता केंद्र बनकर रह गया। तब से लेकर आज तक बेरोजगार बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाने यहां आते हैं। शुरूआत मं रजिस्ट्रेशन करवाने वालों की भारी भरमार थी लेकिन जांच के बाद काफी लोग अपात्र मिले। 2016 में जिलेभर में 1781 पात्र बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है। भत्ता प्राप्त करने वालों में दसवीं पास नौ पात्र, 12वीं के 1180 और बीए के 592 पात्र बेरोजगार हैं। रोजगार विभाग की तरफ से इनहें 39 लाख 95 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र के अनुसार बेरोजगार
सिरसार/रानियां 11479
डबवाली 3462
ऐलनाबाद 3235
शिक्षा के अनुसार बेरोजगार
एमए पास 1098
बीए 2319
12वीं 6971
दसवीं 1884
आठवीं 500
2140 शिक्षक बेरोजगार
बेरोजगारों में शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। जिले भर में 2140 शिक्षक रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। 183 इंजीनियर बेरोजगारी का दंश झेलते हुए मौजूदा सरकार की तरफ आशा की दृष्टि गड़ाए बैठे हैं। जिले में डिप्लोमा धारक बेरोजगारों की संख्या 614 तक जा पहुंची है।
हम भी हैं मायूस, क्या करें
दो दशक से ज्यादा समय हो चुका है हमारे माध्यम से एक भी बेरोजगार को नियमित रोजगार नहीं मिला। हम मायूस है लेकिन कर भी क्या सकते हैं। सरकार सीधी भर्ती में रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन शुदा बेरोजगार को प्राथमिकता नहीं दे रही। रोजगार कार्यालय में अब तो बेरोजगारी भत्ता ही मिलता है। नौकरी नहीं मिलने से बेरोजगारों की आस भी टूटने लगी है।
-ललिता महतानी, जिला रोजगार अधिकारी, सिरसा।