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पारुल ने पाए 96.2 प्रतिशत अंक
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 19 May 2016 12:10 AM IST
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पारुल
- फोटो : Bureau
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से बुधवार को बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ उठी। अब विद्यार्थियों ने अगले संस्थानों के चयन के लिए प्लानिंग करनी शुरू कर दी है। स्कूली पढ़ाई के बाद कॉलेज जाने का विद्यार्थियों में खासा जोश देखा जा रहा है। सिरसा जिले का बारहवीं कक्षा का 62.57 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। जिले में 10,809 विद्यार्थियों ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा दी थी जिसमें 6763 विद्यार्थी सफल रहे।
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परीक्षा दे चुके विद्यार्थी परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। विद्यार्थियों को स्कूलों में जाने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि परिणाम इंटरनेट पर आ चुका था। बहुत से विद्यार्थियों ने अपने मोबाइल फोन से ही परिणाम जाना। अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के घरों में बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा। जिले का परीक्षा परिणाम 62.57 प्रतिशत रहा।
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एमआईटीसी कॉलोनी निवासी पारुल शर्मा ने बारहवीं मेडिकल में 96.2 प्रतिशत अंक लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती है। अमर उजाला से बातचीत के दौरान पारुल ने बताया कि उसने कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उसने बताया कि उसकी बड़ी बहन प्रिया शर्मा एमबीबीएस फाइनल में है और उसी से प्रेरणा मिली है। उसकी मां लक्ष्मी शर्मा गृहणी है पर शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया और पूरा सहयोग भी किया। पिता रघुवीर शर्मा सरकारी मॉडल स्कूल में फिजिक्स के प्राध्यापक हैं जिन्होंने शिक्षा के प्रति बचपन से ही मुझे आगे बढ़ाया। अब वह पीएमटी की तैयारी में जुटी हुई है। पारुल के माता-पिता ने कहा कि हमे अपनी बेटियों पर गर्व है।
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गदगद हुए साइना के अभिभावक
बारहवीं नॉन मेडिकल में 88.4 प्रतिशत अंक लेकर सफल रही साइना के माता-पिता अपनी बेटी की उपलब्धि से गदगद नजर आए। साइना ने कहा कि वह बीएससी में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई को जारी रखेगी। एमआईटीसी कॉलोनी निवासी साइना ने बताया कि वह बिना कोचिंग के ही हमेशा परीक्षा देती आई है। उसने बताया कि स्कूल से आने के बाद घर में चार से छह घंटे तक पढ़ाई करती थी। उसके पिता जयपाल गर्ग व माता राजरानी गर्ग ने हमेशा उसका सहयोग किया और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। उसने बताया कि घर में शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए परिजनों का पूरा योगदान रहा। साइने के पिता जयपाल गर्ग और माता राजरानी गर्ग ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि एक दिन हमारी बेटी जिले का नाम रोशन करेगी।