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झूठा निकला मां बेटी से 20 हजार रुपये की लूट का मामला
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:59 PM IST
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ओढां (सिरसा)। पांच दिन पूर्व गांव ओढां में ख्योवाली रोड़ पर एक महिला और उसकी बेटी के साथ हुई 20 हजार रुपये की लूटपाट की घटना को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच के बाद उक्त मामला गलतफहमी के कारण उत्पन्न हुआ सामने आया है।
थाना प्रभारी दलेराम महला ने बताया कि इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। जिस कार में मां-बेटी ने लिफ्ट ली थी वो मेडिकल लाइन में काम करने वाले रामगढ़ निवासी हरपाल नामक युवक की थी। उन्होंने बताया कि मां बेटी ने जब लिफ्ट ली थी तो कार की पिछली सीट पर दवाइयां रखी हुई थी जिसे कार चालक हरपाल सिंह दवाइयों को चैक कर रहा था और उसने मां बेटी को कार की खिड़कियां लॉक करने को कहा था। इस पर लड़की प्रियंका को गलतफहमी हो गई कि चालक उनसे 20 हजार रुपये छीनना चाहता है। इसी गलतफहमी का शिकार होकर मां बेटी ने आपाधापी में चालक को कार रोकने को कह दिया। इससे पहले की कार पूरी तरह से रुकती उन्होंने कार से छलांग लगा दी। इस हादसे में प्रियंका घायल हो गई थी और उसके हाथ में नकदी का लिफाफा उछल कर झाड़ियों में जा गिरा। मां बेटी दोनों को ये लगा कि उक्त व्यक्ति उनसे नकदी छीन ले गया। उधर अचानक घटित हुई इस घटना के बाद चालक ने डर के मारे कार भगा ली। ओढां के एक निजी अस्पताल में आने पर प्रियंका ने पुलिस को बयान दिया कि कार चालक रुपये छीन ले गया।
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खुद ही पेश हो गया कार चालक
इस मामले में पुलिस ने निजी अस्पताल के बाहर लगे कैमरे में फुटेज खंगाली तो पुलिस को सिर्फ कार का रंग व पीबी नंबर ही अस्पष्ट दिखाई दिया। तीन दिन तक जांच पड़ताल करने उपरांत भी पुलिस को कार का कोई पता नहीं लग पाया। उधर इस घटना के बाद हरपाल दो दिन तक फील्ड में नहीं गया। जब उसने अखबार में लूट और युवती के घायल होने की खबर पढ़ी तो उसने पुलिस के समक्ष सच्चाई बयान करने का मन बनाया और लोगों को लेेकर थाने में पेश हो गया। पुलिस ने जब मां बेटी को थाना में बुलाकर जब उनकी आमने सामने बात करवाई गई तो सारा मामला साफ हो गया तथा मां बेटी ने बताया कि उनको रुपये सड़क किनारे एक झाड़ी से मिल गए हैं तथा उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में आगे की कार्यवाही उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही की जाएगी।
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थाना प्रभारी दलेराम महला ने बताया कि इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। जिस कार में मां-बेटी ने लिफ्ट ली थी वो मेडिकल लाइन में काम करने वाले रामगढ़ निवासी हरपाल नामक युवक की थी। उन्होंने बताया कि मां बेटी ने जब लिफ्ट ली थी तो कार की पिछली सीट पर दवाइयां रखी हुई थी जिसे कार चालक हरपाल सिंह दवाइयों को चैक कर रहा था और उसने मां बेटी को कार की खिड़कियां लॉक करने को कहा था। इस पर लड़की प्रियंका को गलतफहमी हो गई कि चालक उनसे 20 हजार रुपये छीनना चाहता है। इसी गलतफहमी का शिकार होकर मां बेटी ने आपाधापी में चालक को कार रोकने को कह दिया। इससे पहले की कार पूरी तरह से रुकती उन्होंने कार से छलांग लगा दी। इस हादसे में प्रियंका घायल हो गई थी और उसके हाथ में नकदी का लिफाफा उछल कर झाड़ियों में जा गिरा। मां बेटी दोनों को ये लगा कि उक्त व्यक्ति उनसे नकदी छीन ले गया। उधर अचानक घटित हुई इस घटना के बाद चालक ने डर के मारे कार भगा ली। ओढां के एक निजी अस्पताल में आने पर प्रियंका ने पुलिस को बयान दिया कि कार चालक रुपये छीन ले गया।
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खुद ही पेश हो गया कार चालक
इस मामले में पुलिस ने निजी अस्पताल के बाहर लगे कैमरे में फुटेज खंगाली तो पुलिस को सिर्फ कार का रंग व पीबी नंबर ही अस्पष्ट दिखाई दिया। तीन दिन तक जांच पड़ताल करने उपरांत भी पुलिस को कार का कोई पता नहीं लग पाया। उधर इस घटना के बाद हरपाल दो दिन तक फील्ड में नहीं गया। जब उसने अखबार में लूट और युवती के घायल होने की खबर पढ़ी तो उसने पुलिस के समक्ष सच्चाई बयान करने का मन बनाया और लोगों को लेेकर थाने में पेश हो गया। पुलिस ने जब मां बेटी को थाना में बुलाकर जब उनकी आमने सामने बात करवाई गई तो सारा मामला साफ हो गया तथा मां बेटी ने बताया कि उनको रुपये सड़क किनारे एक झाड़ी से मिल गए हैं तथा उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में आगे की कार्यवाही उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ही की जाएगी।
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