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चौटाला डिस्ट्रीब्यूटरी में दरार, 50 एकड़ में बिजांत गेहूं खराब
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:05 AM IST
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डबवाली (सिरसा)। नहरी विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से सोमवार रात को चौटाला डिस्ट्रीब्यूटरी टूट गई। जंडवाला बिश्नोईयां तथा आसाखेड़ा रकबा में करीब पचास एकड़ में बिजांत गेहूं को नुकसान पहुंचा। किसानों के अनुसार प्रति एकड़ करीब आठ से दस हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
चौटाला डिस्ट्रीब्यूटरी पर कुछ दबंग जमींदारों ने अपनी मनमर्जी से आउटलेट बना रखे हैं। पिछले दिनों करीब 25 शिकायतें सीएम विंडो पर होने के बाद नहरी विभाग के कर्मचारी एक्टिव हुए थे। एसडीई तथा जेई डिस्ट्रीब्यूटरी पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। सोमवार सुबह कुछ किसानों ने जंडवाला बिश्नोईयां रकबा में पटरी की हालत दिखाते हुए टूटने की आशंका जताई थी। कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी जस का तस चलता रहा। रात को उपरोक्त जगह पर करीब 12 फुट गहरी दरार आ गई। पानी से किसान संत लाल, देवीलाल, बहादुर सिंह की करीब पचास एकड़ भूमि पर पानी भर गया। इस जमीन पर किसानों ने गेहूं की बिजाई कर रखी थी। किसानों के अनुसार अगर जेई ने समय रहते पानी कम करवाया होता या फिर पटरी को मजबूत करवाया होता, तो नौबत नहीं आती। गांव चौटाला के किसान दया राम उलाणिया ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद नहरी विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं, इसी का नतीजा है कि किसान को नुक्सान झेलना पड़ता है। प्रति एकड़ करीब आठ से दस हजार रूपए का नुक्सान हुआ है। मंगलवार को अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए विभागीय कर्मचारियों ने आनन-फानन में दरार भर दी। किसानों के अनुसार विभाग की छत्रछाया में डिस्ट्रीब्यूटरी पर अब भी बड़े साईज के आऊटलेट बने हुए हैं। ऐसे किसानों को जब पानी नहीं चाहिए होता है, वे इन्हें बंद कर देते हैं। जिससे डिस्ट्रीब्यूटरी पानी से ओवरलोड हो जाती है।
जेई से जवाब तलब
किसानों की शिकायत मिली है कि जेई की लापरवाही से डिस्ट्रीब्यूटरी में दरार आई है। इस संबंध में जेई से जवाब तलब किया गया है। प्राथमिक कारण बताया है कि किसान पानी कम ले रहे हैं। ऐसे में दरार आई है। आऊटलेट ठीक करने के लिए टीम विजिट कर रही है।
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-कुलदीप सिंह, एक्सईन
नहरी विभाग, सिरसा
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चौटाला डिस्ट्रीब्यूटरी पर कुछ दबंग जमींदारों ने अपनी मनमर्जी से आउटलेट बना रखे हैं। पिछले दिनों करीब 25 शिकायतें सीएम विंडो पर होने के बाद नहरी विभाग के कर्मचारी एक्टिव हुए थे। एसडीई तथा जेई डिस्ट्रीब्यूटरी पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। सोमवार सुबह कुछ किसानों ने जंडवाला बिश्नोईयां रकबा में पटरी की हालत दिखाते हुए टूटने की आशंका जताई थी। कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी जस का तस चलता रहा। रात को उपरोक्त जगह पर करीब 12 फुट गहरी दरार आ गई। पानी से किसान संत लाल, देवीलाल, बहादुर सिंह की करीब पचास एकड़ भूमि पर पानी भर गया। इस जमीन पर किसानों ने गेहूं की बिजाई कर रखी थी। किसानों के अनुसार अगर जेई ने समय रहते पानी कम करवाया होता या फिर पटरी को मजबूत करवाया होता, तो नौबत नहीं आती। गांव चौटाला के किसान दया राम उलाणिया ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद नहरी विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं, इसी का नतीजा है कि किसान को नुक्सान झेलना पड़ता है। प्रति एकड़ करीब आठ से दस हजार रूपए का नुक्सान हुआ है। मंगलवार को अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए विभागीय कर्मचारियों ने आनन-फानन में दरार भर दी। किसानों के अनुसार विभाग की छत्रछाया में डिस्ट्रीब्यूटरी पर अब भी बड़े साईज के आऊटलेट बने हुए हैं। ऐसे किसानों को जब पानी नहीं चाहिए होता है, वे इन्हें बंद कर देते हैं। जिससे डिस्ट्रीब्यूटरी पानी से ओवरलोड हो जाती है।
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जेई से जवाब तलब
किसानों की शिकायत मिली है कि जेई की लापरवाही से डिस्ट्रीब्यूटरी में दरार आई है। इस संबंध में जेई से जवाब तलब किया गया है। प्राथमिक कारण बताया है कि किसान पानी कम ले रहे हैं। ऐसे में दरार आई है। आऊटलेट ठीक करने के लिए टीम विजिट कर रही है।
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-कुलदीप सिंह, एक्सईन
नहरी विभाग, सिरसा