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हराम हो गया आराम का दिन
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sun, 13 Nov 2016 11:42 PM IST
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स्टेशन रोड़ स्थित बैंकों के बाहर लगी भीड़ व बंद पडे एटीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद रविवार को कार्यालयों में अवकाश रहा और बैंक खुले। तीन दिन से करेंसी के लिए लग रही लाइन की अपेक्षा आज चौथे दिन ज्यादा भीड़ रही। सभी लोग छुट्टी के दिन करेंसी बदलवाने की होड़ में दिखे। सुबह से लोग बैंकों के सामने लाइन में लग गए और घंटों तक खड़े रहे। हालांकि कुछ को निराशा भी मिली, जिन्हें मिली उनके सेल्फी और सोशल मीडिया पर खुशी का दौर चला। कर्मियों ने कहा कि छुट्टी का दिन हराम हो गया।
चार दिनों से बैंकों में लगी लंबी लाइनों में कोई अभी फिलहाल कमी नहीं आ रही है। एटीएम के बाहर भी बुरा हाल है। दो हजार के नोट तकनीकी कारणों के चलते डाले नहीं जा सके और पांच सौ के नोट अभी पहुंचे नहीं हैं। 100 के नोटों की कमी के कारण सभी एटीएम दिन भी नहीं चल पाते।
आरबीआई द्वारा रविवार को बैंक खोलने के निर्देश दिए गए ताकि लोगों को करेंसी मिल सके और 500 और 1000 के नोट जमा करवाए जा सकें। लेकिन हालात आज भी सामान्य नहीं हुए। बैंकों में रुटीन की भांति आज भी कामकाज हुआ। सिरसा में दो हजार के नोट तो बैंकों में पहुंच गए हैं पर अभी तक पांच के नोट नहीं पहुंचे हैं। जिला अग्रणी बैंक अधिकारी एमपी शर्मा ने बताया कि शीघ्र ही पांच सौ के नोट भी पहुंच जाएंगे। एटीएम में भी लोगों की भीड़ है और एटीएम में राशि समाप्त होने के बाद कुछ देर तक सेवाएं बंद होना स्वाभाविक है। उम्मीद है कि पांच-सात दिनों तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। सोमवार को बैंकों की गुरु पर्व की छुट्टी रहेगी, जिसके बाद मंगलवार को भीड़ बढ़ने की संभावना अधिक हो जाएगी।
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आज भी कुछ एटीएम रहे बंद
बैंकों द्वारा एटीएम सेवा शुरू करने का दावा तो किया जा रहा है पर शहर के बंद पड़े कई एटीएम इन दावों की पोल खोल रहे हैं। काफी एटीएम दिन में शुरू तो हुए पर जैसे ही उनमें राशि समाप्त हुई तो फिर से वही स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसे में तुरंत राशि दोबारा से डालने की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। रविवार को अधिकतर एटीएम शुरू तो हुए पर यहां से राशि निकालने वालों की लंबी लाइनें लग गई। कुछ एटीएम में दोपहर होने तक राशि खत्म हो गई।
लोग भटकते दिखाई दिए
भले ही सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रेलवे स्टेशन, बसों, अस्पतालों, पेट्रोल पंपों पर पांच सौ और एक हजार के नोट स्वीकार किए जाएं पर यहां पर भी लोगों को परेशान होते देखा जा सकता है। 500 और 1000 के नोट लेने के बाई बकाया राशि देने में समस्या आ रही है।
धन्ना सेठ नहीं आम लोग लग रहे हैं लाइनों में
पिछले चार दिनों से बैंकों में लग रही लाइनों में आम आदमी लग रहे हैं। अभी तक यह वह लोग सामने ही नहीं आए जिनके पास मोटी रकम है। लाइनों में दुकानों पर काम करने वाले, मजदूरी करने वाले, छोटे दुकानदार, साधारण किसान आदि निम्न और मध्य निम्न तबके लोग लगे हैं।
शादियों के लिए भी नहीं मिल रही राशि
बेटियों की शादियों में बंद हुई करेंसी अड़चन डाल रही हैं। लोगों को शादियों के लिए जगह-जगह पर खर्च होने वाली राशि के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। हिसार रोड निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 25 नवंबर को है और अब तक कोई भी खरीदारी नहीं कर पाया हूं, क्योंकि बैंकों से राशि मिल ही नहीं रही। दिन-प्रतिदिन चिंता बढ़ती जा रही है कि सभी प्रकार की तैयारियां कैसे होंगी। इसी प्रकार शनिवार को एक गांव से आए लोग भी भादरा बाजार में बेटी की शादी के लिए उधार पर सामान देने का आग्रह दुकानदारों के समक्ष करते देखे गए। सिरसा निवासी अमर सिंह ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 11 दिसंबर को पर करंसी बंद होने के बाद उसकी चिंता बढ़ गई है। यदि पांच-सात दिनों में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो समस्या बढ़ना स्वाभाविक है। शादियों के लिए भी बैंकों में राशि का प्रबंध न होने पर लोगों ने इस फैसले को उचित नहीं ठहराया है।
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चार दिनों से बैंकों में लगी लंबी लाइनों में कोई अभी फिलहाल कमी नहीं आ रही है। एटीएम के बाहर भी बुरा हाल है। दो हजार के नोट तकनीकी कारणों के चलते डाले नहीं जा सके और पांच सौ के नोट अभी पहुंचे नहीं हैं। 100 के नोटों की कमी के कारण सभी एटीएम दिन भी नहीं चल पाते।
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आरबीआई द्वारा रविवार को बैंक खोलने के निर्देश दिए गए ताकि लोगों को करेंसी मिल सके और 500 और 1000 के नोट जमा करवाए जा सकें। लेकिन हालात आज भी सामान्य नहीं हुए। बैंकों में रुटीन की भांति आज भी कामकाज हुआ। सिरसा में दो हजार के नोट तो बैंकों में पहुंच गए हैं पर अभी तक पांच के नोट नहीं पहुंचे हैं। जिला अग्रणी बैंक अधिकारी एमपी शर्मा ने बताया कि शीघ्र ही पांच सौ के नोट भी पहुंच जाएंगे। एटीएम में भी लोगों की भीड़ है और एटीएम में राशि समाप्त होने के बाद कुछ देर तक सेवाएं बंद होना स्वाभाविक है। उम्मीद है कि पांच-सात दिनों तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। सोमवार को बैंकों की गुरु पर्व की छुट्टी रहेगी, जिसके बाद मंगलवार को भीड़ बढ़ने की संभावना अधिक हो जाएगी।
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आज भी कुछ एटीएम रहे बंद
बैंकों द्वारा एटीएम सेवा शुरू करने का दावा तो किया जा रहा है पर शहर के बंद पड़े कई एटीएम इन दावों की पोल खोल रहे हैं। काफी एटीएम दिन में शुरू तो हुए पर जैसे ही उनमें राशि समाप्त हुई तो फिर से वही स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसे में तुरंत राशि दोबारा से डालने की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी। रविवार को अधिकतर एटीएम शुरू तो हुए पर यहां से राशि निकालने वालों की लंबी लाइनें लग गई। कुछ एटीएम में दोपहर होने तक राशि खत्म हो गई।
लोग भटकते दिखाई दिए
भले ही सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रेलवे स्टेशन, बसों, अस्पतालों, पेट्रोल पंपों पर पांच सौ और एक हजार के नोट स्वीकार किए जाएं पर यहां पर भी लोगों को परेशान होते देखा जा सकता है। 500 और 1000 के नोट लेने के बाई बकाया राशि देने में समस्या आ रही है।
धन्ना सेठ नहीं आम लोग लग रहे हैं लाइनों में
पिछले चार दिनों से बैंकों में लग रही लाइनों में आम आदमी लग रहे हैं। अभी तक यह वह लोग सामने ही नहीं आए जिनके पास मोटी रकम है। लाइनों में दुकानों पर काम करने वाले, मजदूरी करने वाले, छोटे दुकानदार, साधारण किसान आदि निम्न और मध्य निम्न तबके लोग लगे हैं।
शादियों के लिए भी नहीं मिल रही राशि
बेटियों की शादियों में बंद हुई करेंसी अड़चन डाल रही हैं। लोगों को शादियों के लिए जगह-जगह पर खर्च होने वाली राशि के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। हिसार रोड निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 25 नवंबर को है और अब तक कोई भी खरीदारी नहीं कर पाया हूं, क्योंकि बैंकों से राशि मिल ही नहीं रही। दिन-प्रतिदिन चिंता बढ़ती जा रही है कि सभी प्रकार की तैयारियां कैसे होंगी। इसी प्रकार शनिवार को एक गांव से आए लोग भी भादरा बाजार में बेटी की शादी के लिए उधार पर सामान देने का आग्रह दुकानदारों के समक्ष करते देखे गए। सिरसा निवासी अमर सिंह ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 11 दिसंबर को पर करंसी बंद होने के बाद उसकी चिंता बढ़ गई है। यदि पांच-सात दिनों में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो समस्या बढ़ना स्वाभाविक है। शादियों के लिए भी बैंकों में राशि का प्रबंध न होने पर लोगों ने इस फैसले को उचित नहीं ठहराया है।