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गांव बनसुधार के लोग बोले, म्हारे गाम में महीने में एक वे लगाया करो कैंप
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sat, 16 Jul 2016 01:26 AM IST
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मेडिकल कैंप
- फोटो : bureau
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिले के गांव बनसुधार में शुक्रवार को नि: शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। शिविर में बनसुधार के अलावा आसपास के गांवों से 352 मरीजों ने अपने स्वास्थ्य की जांच का लाभ उठाया। शुभारंभ सीएमओ डॉ. सूरजभान कंबोज ने रिबन काटकर किया, अध्यक्षता गांव की सरपंच रितू खिचड़ ने की। कैंप के आयोजन में गांव के आजाद युवा क्लब का विशेष योगदान रहा। इससे पूर्व मुख्यअतिथि और सभी डॉक्टरों का बुकें भेंटकर स्वागत किया। डॉ. सूरजभान कंबोज ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं देकर अमर उजाला फाउंडेशन ने नई पहल की है।
उन्होंने कहा कि अमर उजाला ने जो पहल की है इससे अन्य संगठनों क ो भी प्रेरणा मिलेगी। डॉ. कंबोज ने कहा कि अमर उजाला की भांति अन्य संगठनों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सरपंच रितू खिचड़ ने कहा कि हमारे गांव में अमर उजाला फाउंडेशन ने स्वास्थ्य शिविर लगा कर जरूरतमंद लोगों के उपचार में कदम बढ़ाया है जिसके लिए हम आभारी हैं। भविष्य में भी इस प्रकार शिविर लगाए गए तो पंचायत की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि सन्नी खिचड़ ने आए हुए महमानों को गुलदस्ते देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिविर में केवल बनसुधार के मरीजों को ही नहीं बल्कि आसपास के मरीजों को भी उपचार करवाने का मौका मिला है। इस अवसर पर शिविर के आयोजन में सरपंच रीतू खिचड़ व सरपंच प्रतिनिधि सन्नी खिचड़ के अलावा पूर्व सरपंच विकास खिचड़ और राजेंद्र खिचड़ का विशेष योगदान रहा। शिविर में वन सुधार के अलावा चामल, खैरेकां, जोधपुरिया, सेखूपुनिया, झोरडनाली, पंजूआना सहित 15 गांवों के मरीज पहुंचे। इस दौरान मरीजों को दवाईयां निशुल्क प्रदान की गई। दोपहर तक 352 मरीजों की जांच हो पाई। अंत में अमर उजाला फाउंडेशन के ओर से सभी का आभार व्यक्त किया और गांव की सरपंच रीतू खिचड़ को सम्मानित किया।
सुबह 10 बजे शुरू हो गया था शिविर
गांव बनसुधार के राजीव गांधी सेवा केंद्र में सुबह नौ बजे से ही मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। 10 बजे डॉक्टरों की टीम पहुंच गई थी। मरीजों की भीड़ इतनी हो गई थी लाइनों में लग कर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। आजाद युवा क्लब के सदस्यों ने बुजुर्ग मरीजों को शिविर तक पहुंचाया गया।
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महिलाएं पहुंची उत्साह के साथ
बीमारियों का उपचार करवाने के लिए शिविर में महिलाएं उत्साह के साथ पहुंची। महिलाओं ने कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है इसीलिए माह में कम से कम एक बार इस प्रकार का शिविर आयोजित होना चाहिए। शिविर में गांव की हर महिला उपचार के लिए पहुंच सकती है पर शहर में जाना सभी के लिए संभव नहीं है। साथ ही जरूरमंद परिवारों के लिए शहर से महंगे उपचार करवा पाना मुश्किल है। इसके अलावा स्कूली बच्चे भी पेट की बीमारी को लेकर शिविर में पहुंचे।
बोले मरीज उपचार के लिए आए हैं
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बनसुधार के राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में मरीज काफी संख्या में पहुंचे। सुबह साढे़ 10 बजे से दोपहर एक बजे तक 352 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई और निशुल्क दवाइयां प्राप्त की। इस दौरान उपचार के लिए आए महेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे बीपी की समस्या रहती है और अमर उजाला ने जो शिविर लगाया है उसमें मैं जांच करवाने आया हूं। गांव चामल से आए प्रेम सिंह ने कहा कि कई दिनों से हाथ में दर्द है पर शहर जाने का समय नहीं लगा इस लिए उपचार नहीं करवा सका। अब गांव में ही डॉक्टरों की टीम आई है तो सोचा उपचार करवा लूं। साथ में किसी प्रकार का कोई शुल्क भी नहीं लगा। सुमित्रा बाई ने बताया कि शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है इसीलिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर के बारे में पता चला तो उपचार के लिए यहां पहुंची हूं। गांव के मनीराम ने कहा के लंबे अरसे बाद गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा और वो भी डॉक्टरों की पूरी टीम के साथ। बहुत अच्छी बात है गांवों में ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं कहां मिलती हैं। राजेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शिविर माह में एक बार जरूर लगने चाहिएं ताकि सभी को उपचार करवाने का अवसर मिल सके। गीता देवी और अंजू बाला कहती हैं कि खास कर ग्रामीण महिलाओं को उपचार की सही सेवाएं नहीं मिल पाती। इस लिए अमर उजाला ने बहुत अच्छा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर भी इस प्रकार के प्रयास होने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अमर उजाला ने जो पहल की है इससे अन्य संगठनों क ो भी प्रेरणा मिलेगी। डॉ. कंबोज ने कहा कि अमर उजाला की भांति अन्य संगठनों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आगे आना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सरपंच रितू खिचड़ ने कहा कि हमारे गांव में अमर उजाला फाउंडेशन ने स्वास्थ्य शिविर लगा कर जरूरतमंद लोगों के उपचार में कदम बढ़ाया है जिसके लिए हम आभारी हैं। भविष्य में भी इस प्रकार शिविर लगाए गए तो पंचायत की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि सन्नी खिचड़ ने आए हुए महमानों को गुलदस्ते देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिविर में केवल बनसुधार के मरीजों को ही नहीं बल्कि आसपास के मरीजों को भी उपचार करवाने का मौका मिला है। इस अवसर पर शिविर के आयोजन में सरपंच रीतू खिचड़ व सरपंच प्रतिनिधि सन्नी खिचड़ के अलावा पूर्व सरपंच विकास खिचड़ और राजेंद्र खिचड़ का विशेष योगदान रहा। शिविर में वन सुधार के अलावा चामल, खैरेकां, जोधपुरिया, सेखूपुनिया, झोरडनाली, पंजूआना सहित 15 गांवों के मरीज पहुंचे। इस दौरान मरीजों को दवाईयां निशुल्क प्रदान की गई। दोपहर तक 352 मरीजों की जांच हो पाई। अंत में अमर उजाला फाउंडेशन के ओर से सभी का आभार व्यक्त किया और गांव की सरपंच रीतू खिचड़ को सम्मानित किया।
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सुबह 10 बजे शुरू हो गया था शिविर
गांव बनसुधार के राजीव गांधी सेवा केंद्र में सुबह नौ बजे से ही मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। 10 बजे डॉक्टरों की टीम पहुंच गई थी। मरीजों की भीड़ इतनी हो गई थी लाइनों में लग कर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। आजाद युवा क्लब के सदस्यों ने बुजुर्ग मरीजों को शिविर तक पहुंचाया गया।
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महिलाएं पहुंची उत्साह के साथ
बीमारियों का उपचार करवाने के लिए शिविर में महिलाएं उत्साह के साथ पहुंची। महिलाओं ने कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है इसीलिए माह में कम से कम एक बार इस प्रकार का शिविर आयोजित होना चाहिए। शिविर में गांव की हर महिला उपचार के लिए पहुंच सकती है पर शहर में जाना सभी के लिए संभव नहीं है। साथ ही जरूरमंद परिवारों के लिए शहर से महंगे उपचार करवा पाना मुश्किल है। इसके अलावा स्कूली बच्चे भी पेट की बीमारी को लेकर शिविर में पहुंचे।
बोले मरीज उपचार के लिए आए हैं
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बनसुधार के राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में मरीज काफी संख्या में पहुंचे। सुबह साढे़ 10 बजे से दोपहर एक बजे तक 352 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई और निशुल्क दवाइयां प्राप्त की। इस दौरान उपचार के लिए आए महेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे बीपी की समस्या रहती है और अमर उजाला ने जो शिविर लगाया है उसमें मैं जांच करवाने आया हूं। गांव चामल से आए प्रेम सिंह ने कहा कि कई दिनों से हाथ में दर्द है पर शहर जाने का समय नहीं लगा इस लिए उपचार नहीं करवा सका। अब गांव में ही डॉक्टरों की टीम आई है तो सोचा उपचार करवा लूं। साथ में किसी प्रकार का कोई शुल्क भी नहीं लगा। सुमित्रा बाई ने बताया कि शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है इसीलिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर के बारे में पता चला तो उपचार के लिए यहां पहुंची हूं। गांव के मनीराम ने कहा के लंबे अरसे बाद गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा और वो भी डॉक्टरों की पूरी टीम के साथ। बहुत अच्छी बात है गांवों में ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं कहां मिलती हैं। राजेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शिविर माह में एक बार जरूर लगने चाहिएं ताकि सभी को उपचार करवाने का अवसर मिल सके। गीता देवी और अंजू बाला कहती हैं कि खास कर ग्रामीण महिलाओं को उपचार की सही सेवाएं नहीं मिल पाती। इस लिए अमर उजाला ने बहुत अच्छा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर भी इस प्रकार के प्रयास होने चाहिए।