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धूल भरी आंधी, हल्की बारिश के बाद मौसम खुशगवार

Tue, 24 May 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा Updated Tue, 24 May 2016 12:52 AM IST
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मौसम - फोटो : bureau
घंटों धूल भरी आंधी और उसके बाद हल्की फुहारों से मौसम खुशगवार हो गया। डबवाली और ऐलनाबाद में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। कुछ लोगों ने हल्की फुहार में नहाकर इसका लुत्फ उठाया। हालांकि सिरसा, कालांवाली क्षेत्र में धूल भरी आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नाथसूरी चोपटा में देर रात हल्की बारिश हुई। इस बारिश से नरमा कपास की फसलों को नुकसान माना जा रहा है। सिरसा में सोमवार दोपहर बाद अचानक आई आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग जब तक संभल पाते घर और दुकानों में रेत ही रेत हो गया। वाहनों की रफ्तार थम गई और चालक सड़कों के किनारे खडे़ हो गए। लोगों को उम्मीद थी कि बरसात होगी, लेकिन आंधी बादल उड़ाकर ले गई। दूसरी ओर ऐलनाबाद में आंधी चलती रही पर शाम करीब पांच बजे हल्की हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई और देखते ही देखते मौसम खुशगवार हो गया। वहां पर करीब तीन एमएम बरसात हुई। लोग सड़कों पर निकल आए और फुहार में भीगने का आनंद लेते रहे। उधर चोपटा क्षेत्र में सोमवार को सारा दिन चली धूल भरी आंधी से कपास व बीटी नरमें की फसल को नुकसान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रेतीली आंधी से तेज गर्मी के कारण झुलस रहे कपास व नरमें के पौधों के पत्ते पीले पड़ने शुरू हो गए हैं। जिससे फसल को फिर काफी नुकसान हो रहा है।
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किसान बोले, नरमा के लिए यह पानी खतरनाक
किसानों ने कहा कि बड़ी मुश्किल से कपास नरमें की बिजाई की थी, लेकिन गर्मी व रेतीली आधी से फसल खराब हो रही है। प्रकृति की मार के आगे उनके अरमान धूमिल हो गए है। पैंतालिसा क्षेत्र के कागदाना, कुम्हारिया, खेड़ी, गुंसाईयाना, राजपुरा साहनी, रामपुरा ढिल्लो, गिगोरानी, हंजीरा, शाहपुरिया, रामपुरा नवाबाद, चाहरवाला व जोगीवाला सहित कई गावों में जमीन रेतीली है। तथा यहां पर सावनी की फसल में कपास नरमें ग्वार बाजरे की बिजाई की जाती है। ग्वार-बाजरे की बिजाई तो बिरानी जमीन में मानसून की बारिश होने पर की जाती है। उससे पहले नहरी जमीन में कपास बीटी नरमे की बिजाई की जाती है। आंधी कपास नरमें की फसल के लिए घातक सिद्ध हो रही है।। क्षेत्र के किसान ओमप्रकाश, रामकुमार, श्रवण कुमार, सुभाष चंद्र, जगदीश का कहना है कि गर्मी व आंधी ने तो फसल उगते ही कहर ढाना शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि मौसम की मार व मंदे भाव के कारण खेती पूरी तरह से घाटे का सौदा साबित हो रही है।
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बिजली गिरने से भैंस की मौत
क्षेत्र के गांव तिगड़ी में सोमवार को बिजली गिरने से एक भैंस की मौत हो गई। बिजली इतनी खतरनाक थी कि इससे वृक्ष के पत्ते तक जल गए और वृक्ष पर रह रहे कई जानवरों की भी मौत हो गई। गांव के पूर्व सरपंच बलबीर सिंह ने बताया कि उसके भाई त्रिलोचन सिंह ने अपनी भैंस को एक वृक्ष के नीचे बांध रखा था। अचानक दोपहर दो बजे के करीब मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादल गरजने लग और हल्की वर्षा शुरू हो गई। तभी तेज आवाज के साथ बिजली उक्त वृक्ष पर गिर गई। जिसके चलते वृक्ष के नीचे खड़ी भैंस की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वृक्ष के पत्ते झुलस गए साथ में वृक्ष पर बैठे जानवरों की भी मृत्यु हो गई।
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