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भारूखेड़ा माइनर में पानी न आने पर किसान हुए नाराज
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Tue, 05 Jul 2016 12:06 AM IST
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किसान
- फोटो : bureau
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डबवाली क्षेत्र में भारूखेड़ा माइनर में पानी न आने से परेशान किसानों ने नहरी विभाग के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने अधीक्षक अभियंता को मांग पत्र सौंपकर मांगों को पूरा न करने तक धरना देने की चेतावनी दी। सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले यह रोष जताया गया।
धरनारत किसान सभा के जिला प्रधान सुरजीत सिंह, राजकुमार शेखुपूरिया, ओपी सुथार, रविंद्र भारूखेड़ा, भालाराम, हरबंसलाल, अमर सिंह, दयाराम, रणजीत, राकेश, सोहनलाल, महावीर, प्रवीण, बंसीलाल, प्रकाश आदि किसानों ने बताया कि यह भारूखेड़ा माइनर करीब 40 साल पुरानी है जो जगह-जगह से टूटी हुई है।
इसके अतिरिक्त इसका लेवल भी ठीक नहीं है, जिस कारण टेल तक रहने वाले किसानों को इससे पानी नहीं मिल पाता। किसानों ने कहा कि कई बार माइनर की दशा सुधारने, लेवल ठीक करने, सभी मोघों का साइज निर्धारित मानकों के अनुसार करने के लिए विभाग व जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत करवाया गया है, पर अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। किसानों ने कहा कि उन्होंने इससे पूर्व 28 जून से तीन जुलाई 2016 तक लगातार माइनर पर धरना दिया। इस दौरान विभाग के एक्सईएन ने एक जुलाई को धरनास्थल पर पहुंच कर बातचीत की तथा माइनर में लगे अवैध मोघे को देखा था तथा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई उचित समाधान नहीं किया गया। किसानों ने मांग किया है कि माइनर का पुन: निर्माण करवाया जाए, बुर्जी नंबर 7000 व 8000 बऐ मध्य लगे हुए मोघे को तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं।
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धरनारत किसान सभा के जिला प्रधान सुरजीत सिंह, राजकुमार शेखुपूरिया, ओपी सुथार, रविंद्र भारूखेड़ा, भालाराम, हरबंसलाल, अमर सिंह, दयाराम, रणजीत, राकेश, सोहनलाल, महावीर, प्रवीण, बंसीलाल, प्रकाश आदि किसानों ने बताया कि यह भारूखेड़ा माइनर करीब 40 साल पुरानी है जो जगह-जगह से टूटी हुई है।
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इसके अतिरिक्त इसका लेवल भी ठीक नहीं है, जिस कारण टेल तक रहने वाले किसानों को इससे पानी नहीं मिल पाता। किसानों ने कहा कि कई बार माइनर की दशा सुधारने, लेवल ठीक करने, सभी मोघों का साइज निर्धारित मानकों के अनुसार करने के लिए विभाग व जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत करवाया गया है, पर अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। किसानों ने कहा कि उन्होंने इससे पूर्व 28 जून से तीन जुलाई 2016 तक लगातार माइनर पर धरना दिया। इस दौरान विभाग के एक्सईएन ने एक जुलाई को धरनास्थल पर पहुंच कर बातचीत की तथा माइनर में लगे अवैध मोघे को देखा था तथा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई उचित समाधान नहीं किया गया। किसानों ने मांग किया है कि माइनर का पुन: निर्माण करवाया जाए, बुर्जी नंबर 7000 व 8000 बऐ मध्य लगे हुए मोघे को तोड़ने वालों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं।
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