{"_id":"5faec90d8ebc3e9c033416d9","slug":"shopping-in-markets-on-dhanteras-auspicious-time-of-lakshmi-puja-after-6-pm-sirsa-news-rtk582512057","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर बाजारों में हुई खरीदारी, लक्ष्मी पूजा का शुभ समय शाम 6 बजे के बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर बाजारों में हुई खरीदारी, लक्ष्मी पूजा का शुभ समय शाम 6 बजे के बाद
विज्ञापन
Shopping in markets on Dhanteras, auspicious time of Lakshmi Puja after 6 pm
- फोटो : Sirsa
दीपावली और धनतेरस को लेकर शुक्रवार को बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों में खासा उत्साह था। दुकानों पर भीड़ जुटी हुई थी। शनिवार को दीपावली पर प्रदोष काल छह बजे के बाद आरंभ होगा। इसलिए 6 बजे के बाद लक्ष्मी पूजा का शुभ समय है। पंडित मंशाराम त्रिपाठी का कहना है कि अगले दिन सुबह गोवर्धन पूजा की जाएगी।
शुक्रवार को शहर के अधिकांश बाजार व्यस्त नजर आए। बर्तन हो या कपड़े की दुकान हर जगह ग्राहकों की भीड़ लगी रही। बाजारों में खरीदारी के लिए दिन के समय आने वाले लोगों की तादाद सबसे अधिक ग्रामीणों की रही। वहीं सायं के समय शहर के लोग बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचेे। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से अधिकांश लोग दिन के समय ही खरीदारी कर पाते हैं। इसलिए उनके पास गांव आने और जाने के लिए संसाधनों का अभाव रहता है तो वहीं वापिस पहुंचकर अपनी दिनचर्या का कार्य भी पूरा करना होता है।
बर्तन व कपड़ों की खरीददारी हुई सबसे अधिक
वैसे तो धनतेरस के अवसर पर सोने-चांदी के साथ-साथ वाहन खरीदना सबसे बड़ा शुभ माना जाता है। इस दिन इन वस्तुओं की खरीदारी भी खूब की जाती है। परंतु इस बार सबसे अधिक लोगों की रुचि कपड़ा व बर्तनों में अधिक दिखाई दी। इसके पीछे की खास वजह लॉकडाउन और मौसम परिवर्तन, क्योंकि लॉकडाउन के बाद बहुत कम लोग खरीदारी को लेकर अपने घरों से निकल पाए। वहीं दूसरी और मौसम परिवर्तन होने के बाद ठंड भी बढ़ चुकी है। ऐसे में गर्म वस्त्रों की मांग भी अधिक बढ़ जाती है।
विज्ञापन
आटो मोबाइल सेक्टर में आई तेजी
ऑटो मोबाइल सेक्टर में पिछली बार की तुलना में दो दिनों में ऑटोमोबाइल उद्योग का व्यापार संतोषजनक रहा। शहर में दो पहिया एजेंसी के संचालक का कहना है कि दो दिनों में करीब 80 टू व्हीलर बिका है। दीपावली के दिन ओर दो पहिया वाहन बिकने की उम्मीद है। ऐसे में यदि दीपावली के दिन भी दो पहिया वाहनों की मांग रही तो दीपावली शुभ जाएगी। क्योंकि पिछली बार तीन दिन में उन्होंने 120 दो पहिया वाहन बेचे थे। वहीं चार पहिया वाहन एजेंसी ने 100 के आसपास वाहनों की बिक्री की। हालांकि व्यापार मंडल के प्रधान हीरालाल शर्मा का कहना है कि इस वर्ष बाजार में 10 से 15 करोड़ का व्यापार हुआ है। जो गत वर्षों की तुलना में 90 प्रतिशत कम है। हालांकि कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जो यह मानकर चल रहे हैं कि कोरोना महामारी को लेकर घाटे की संभावना जताई जा रही थी वह गलत साबित हुई है। हालांकि व्यापार में थोड़ी गिरावट अवश्य हुई है।
यातायात व्यवस्था को लेकर शहर में 100 जवान किए तैनात
त्योहार पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 100 जवान तैनात किए गए थे। जिनमें 45 यातायात पुलिस के जवान व 55 होमगार्ड के जवान तैनात किए गए थे। शहर के हर चौक चौराहे पर करीब 4 से 5 जवानों की नियुक्ति की गई थी। वहीं शहर के बाजारों में भी बाइक राइडर व यातायात पुलिस के जवान गश्त पर लगाए गए थे।
व्यस्त बाजारों में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री से रिक्शा चालकों की मौज
शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर चार पहिया वाहनों तथा भारी वाहनों की नो एंट्री थी। शहर के सबसे बड़े व्यस्त बाजारों में सामान्य दिनों में जहां चार पहिया वाहनों के माध्यम से सामान पहुंचाया जाता है तो वहीं शुक्रवार को बहुत सी दुकानों में रिक्शा के माध्यम से पहुंचाया गया। हालांकि रिक्शा में क्षमता से अधिक सामान को ले जाने पर कहीं-कहीं होमगार्ड के जवानों और दुकानदारों में नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
शुक्रवार को शहर के अधिकांश बाजार व्यस्त नजर आए। बर्तन हो या कपड़े की दुकान हर जगह ग्राहकों की भीड़ लगी रही। बाजारों में खरीदारी के लिए दिन के समय आने वाले लोगों की तादाद सबसे अधिक ग्रामीणों की रही। वहीं सायं के समय शहर के लोग बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचेे। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र से अधिकांश लोग दिन के समय ही खरीदारी कर पाते हैं। इसलिए उनके पास गांव आने और जाने के लिए संसाधनों का अभाव रहता है तो वहीं वापिस पहुंचकर अपनी दिनचर्या का कार्य भी पूरा करना होता है।
विज्ञापन
बर्तन व कपड़ों की खरीददारी हुई सबसे अधिक
वैसे तो धनतेरस के अवसर पर सोने-चांदी के साथ-साथ वाहन खरीदना सबसे बड़ा शुभ माना जाता है। इस दिन इन वस्तुओं की खरीदारी भी खूब की जाती है। परंतु इस बार सबसे अधिक लोगों की रुचि कपड़ा व बर्तनों में अधिक दिखाई दी। इसके पीछे की खास वजह लॉकडाउन और मौसम परिवर्तन, क्योंकि लॉकडाउन के बाद बहुत कम लोग खरीदारी को लेकर अपने घरों से निकल पाए। वहीं दूसरी और मौसम परिवर्तन होने के बाद ठंड भी बढ़ चुकी है। ऐसे में गर्म वस्त्रों की मांग भी अधिक बढ़ जाती है।
विज्ञापन
आटो मोबाइल सेक्टर में आई तेजी
ऑटो मोबाइल सेक्टर में पिछली बार की तुलना में दो दिनों में ऑटोमोबाइल उद्योग का व्यापार संतोषजनक रहा। शहर में दो पहिया एजेंसी के संचालक का कहना है कि दो दिनों में करीब 80 टू व्हीलर बिका है। दीपावली के दिन ओर दो पहिया वाहन बिकने की उम्मीद है। ऐसे में यदि दीपावली के दिन भी दो पहिया वाहनों की मांग रही तो दीपावली शुभ जाएगी। क्योंकि पिछली बार तीन दिन में उन्होंने 120 दो पहिया वाहन बेचे थे। वहीं चार पहिया वाहन एजेंसी ने 100 के आसपास वाहनों की बिक्री की। हालांकि व्यापार मंडल के प्रधान हीरालाल शर्मा का कहना है कि इस वर्ष बाजार में 10 से 15 करोड़ का व्यापार हुआ है। जो गत वर्षों की तुलना में 90 प्रतिशत कम है। हालांकि कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जो यह मानकर चल रहे हैं कि कोरोना महामारी को लेकर घाटे की संभावना जताई जा रही थी वह गलत साबित हुई है। हालांकि व्यापार में थोड़ी गिरावट अवश्य हुई है।
यातायात व्यवस्था को लेकर शहर में 100 जवान किए तैनात
त्योहार पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 100 जवान तैनात किए गए थे। जिनमें 45 यातायात पुलिस के जवान व 55 होमगार्ड के जवान तैनात किए गए थे। शहर के हर चौक चौराहे पर करीब 4 से 5 जवानों की नियुक्ति की गई थी। वहीं शहर के बाजारों में भी बाइक राइडर व यातायात पुलिस के जवान गश्त पर लगाए गए थे।
व्यस्त बाजारों में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री से रिक्शा चालकों की मौज
शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर चार पहिया वाहनों तथा भारी वाहनों की नो एंट्री थी। शहर के सबसे बड़े व्यस्त बाजारों में सामान्य दिनों में जहां चार पहिया वाहनों के माध्यम से सामान पहुंचाया जाता है तो वहीं शुक्रवार को बहुत सी दुकानों में रिक्शा के माध्यम से पहुंचाया गया। हालांकि रिक्शा में क्षमता से अधिक सामान को ले जाने पर कहीं-कहीं होमगार्ड के जवानों और दुकानदारों में नोकझोंक भी हुई।